अगरतला/नई दिल्ली। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने त्रिपुरा के सालबगान में भारत-बांग्लादेश सीमा से जुड़े सुरक्षा मुद्दों की समीक्षा करते हुए कहा कि सीमा सुरक्षा केवल BSF की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि जिला प्रशासन, पुलिस, राजस्व अमला, पंचायतों और आधुनिक तकनीक की संयुक्त जिम्मेदारी है।
उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, डीजीपी तथा सीमा से लगे सभी 8 जिलों के कलेक्टर और एसपी मौजूद रहे।
गृह मंत्री ने “टोटल टेरिटोरियल डिफेंस” की अवधारणा पर जोर देते हुए कहा कि केवल फेंसिंग नहीं, बल्कि स्थानीय प्रशासन, स्मार्ट टेक्नोलॉजी और BSF के समन्वय से फुली सिक्योर्ड और लीक-प्रूफ बॉर्डर ग्रिड तैयार किया जाएगा।
उन्होंने सीमा क्षेत्रों में हथियारों और ड्रग्स तस्करी के खिलाफ सघन अभियान चलाने तथा पूरे नेटवर्क पर रूथलेस कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही सीमावासियों को जागरूक और प्रशिक्षित करने के लिए विशेष कैंप आयोजित करने को कहा।
अमित शाह ने गृह मंत्रालय के CCTV मॉडल को सबसे पहले त्रिपुरा में लागू करने तथा BSF के सभी कैमरों को अपग्रेड कर जिला प्रशासन से जोड़ने के निर्देश भी दिए।
बैठक में फेक करेंसी, संदिग्ध आर्थिक लेनदेन, बड़े निर्माण कार्यों और प्रॉपर्टी खरीद-बिक्री पर कड़ी निगरानी रखने तथा सीमावर्ती क्षेत्रों के पिछले 5 वर्षों के भूमि रिकॉर्ड की जांच कराने पर भी जोर दिया गया।
गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार सीमा सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सीमावर्ती क्षेत्रों को सुरक्षित और सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।