नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और छात्रों का आंदोलन नए मोड़ पर पहुंच गया है। आंदोलन का सबसे बड़ा चेहरा बने सोनम वांगचुक ने 26 दिनों का अनशन समाप्त कर दिया है, लेकिन प्रदर्शन अब भी जारी है। दूसरी ओर, आंदोलन की प्रमुख मांगों को लेकर सरकार और CJP प्रतिनिधियों के बीच आज संविधान क्लब में उच्चस्तरीय वार्ता शुरू हो गई है।
सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में दोपहर 12:30 बजे दूसरे दौर की औपचारिक बैठक शुरू हुई। इस बैठक में छात्रों की मांगों, परीक्षा प्रणाली में सुधार और आंदोलन से जुड़े अन्य मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, सरकार ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मामलों को वापस लेने, NEET पेपर लीक से प्रभावित छात्रों के परिजनों को मुआवजा देने तथा अन्य प्रमुख मांगों पर विचार करने का लिखित आश्वासन दिया है। इसी आश्वासन के बाद सोनम वांगचुक ने मेदांता अस्पताल में अपना 26 दिनों का अनशन समाप्त कर दिया।
हालांकि, CJP ने स्पष्ट कर दिया है कि आंदोलन अभी खत्म नहीं हुआ है। संगठन के कार्यकर्ता शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग पर अडिग हैं। जंतर-मंतर पर धरना जारी है और देशभर में समर्थन प्रदर्शन आयोजित करने का भी ऐलान किया गया है।
उधर, राजधानी में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए दिल्ली पुलिस ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है। जंतर-मंतर, संविधान क्लब और आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। कई प्रमुख मार्गों और मेट्रो स्टेशनों पर निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
अब देशभर की निगाहें सरकार और CJP के बीच चल रही वार्ता पर टिकी हैं। यदि बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ती है तो आंदोलन के समाधान की संभावना बन सकती है, लेकिन फिलहाल "अनशन खत्म, प्रदर्शन जारी" की स्थिति बनी हुई है।