नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र में NEET और छात्र आंदोलनों को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच जारी गतिरोध बुधवार को उस समय और तीखा हो गया, जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष को 24 घंटे की खुली चर्चा की पेशकश कर दी। शाह ने कहा कि यदि विपक्ष लोकसभा अध्यक्ष को लिखित में चर्चा के लिए देता है, तो वह बुधवार दोपहर 3 बजे से गुरुवार दोपहर 3 बजे तक सदन में मौजूद रहकर हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार हैं।
“संसद में लगातार आ रहा हूं, चैंबर में बैठता हूं”
अमित शाह ने विपक्ष की उन टिप्पणियों पर भी पलटवार किया, जिनमें उनके संसद में मौजूद नहीं रहने को लेकर सवाल उठाए जा रहे थे। गृह मंत्री के मुताबिक, मानसून सत्र शुरू होने के बाद से वह नियमित रूप से संसद आ रहे हैं और अपने चैंबर में बैठ रहे हैं। उनका तर्क था कि विपक्ष के लगातार हंगामे और सदन की कार्यवाही बाधित होने के कारण सदन के भीतर जाकर चर्चा का अवसर नहीं मिल रहा था।
शाह ने विपक्ष को चुनौती देते हुए कहा कि यदि वह चर्चा के लिए तैयार है तो सरकार भी पीछे नहीं हटेगी और वह स्वयं लंबे समय तक सदन में रहकर सवालों का जवाब देंगे।
NEET और छात्र आंदोलन पर 24 घंटे की बहस का प्रस्ताव
गृह मंत्री की पेशकश का केंद्र NEET से जुड़े विवाद और छात्र आंदोलनों पर हुई पुलिस कार्रवाई है। शाह ने कहा कि विपक्ष लिखित रूप से चर्चा की मांग करे तो वह 24 घंटे तक सदन में मौजूद रहकर मुद्दे पर जवाब देने को तैयार हैं।
इस प्रस्ताव को सरकार की ओर से संसद में जारी गतिरोध समाप्त करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। वहीं विपक्ष की मांग है कि छात्रों के खिलाफ हुई कार्रवाई और कथित बल प्रयोग पर सरकार की ओर से स्पष्ट जवाब दिया जाए।
राहुल गांधी का पलटवार—“हमें लेक्चर नहीं, जवाब चाहिए”
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अमित शाह की पेशकश को स्वीकार नहीं किया। राहुल गांधी का कहना है कि विपक्ष गृह मंत्री का उपदेश सुनने के लिए चर्चा नहीं चाहता, बल्कि वह यह जानना चाहता है कि छात्र प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज और कथित पैलेट गन के इस्तेमाल की अनुमति किसने दी।
छात्रों के खिलाफ कथित बल प्रयोग का मुद्दा राहुल गांधी पहले भी संसद के बाहर और सार्वजनिक बयानों में उठा चुके हैं तथा उन्होंने अमित शाह की जवाबदेही पर सवाल खड़े किए हैं।
केरल का नाम ‘केरलम’ करने वाला विधेयक भी चर्चा में
इसी बीच गृह मंत्री अमित शाह द्वारा Kerala (Alteration of Name) Bill, 2026 और National Co-operative Development Corporation (Amendment) Bill, 2026 को आगे बढ़ाए जाने का कार्यक्रम भी संसद की कार्यवाही में रहा। केरल का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने वाले विधेयक को लोकसभा ने पारित कर दिया है।
संसद में टकराव बरकरार
एक ओर सरकार चर्चा के लिए तैयार होने का दावा कर रही है, वहीं विपक्ष छात्र आंदोलन और पुलिस कार्रवाई पर गृह मंत्री से जवाबदेही की मांग पर अड़ा हुआ है। ऐसे में अमित शाह की 24 घंटे की चर्चा की पेशकश और राहुल गांधी का उसे ठुकराना संसद के मानसून सत्र में सरकार-विपक्ष के बीच बढ़ते राजनीतिक टकराव को और स्पष्ट करता है।
अब निगाह इस बात पर है कि क्या दोनों पक्ष इस प्रस्ताव के जरिए संसद की कार्यवाही को आगे बढ़ाने पर सहमत होते हैं या NEET और छात्र आंदोलन का मुद्दा आगे भी सदन में गतिरोध का कारण बना रहता है।