नई दिल्ली / एजेंसी (PIB)/ केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने सोमवार को नई दिल्ली में ‘प्रहार-CT (आतंकवाद-रोधी) नीति और रणनीति’ सम्मेलन का उद्घाटन किया। सम्मेलन में आतंकवाद के खिलाफ अगले 10 वर्षों के लिए मजबूत और प्रभावी तंत्र विकसित करने, एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय तथा आतंकवाद-रोधी कार्रवाई को थाना स्तर तक मजबूत बनाने पर चर्चा हुई।
सम्मेलन में ‘प्रहार’ रणनीति के सात प्रमुख स्तंभों—रोकथाम, प्रतिक्रिया, आंतरिक क्षमताओं का एकीकरण, मानवाधिकारों का संरक्षण, आतंकवाद को बढ़ावा देने वाली परिस्थितियों में कमी, अंतरराष्ट्रीय प्रयासों में समन्वय तथा Whole-of-Society दृष्टिकोण के साथ रिकवरी और लचीलापन—पर विचार-विमर्श किया गया। केंद्रीय गृह सचिव, विदेश सचिव, CAPFs और केंद्रीय पुलिस संगठनों के प्रमुख, 15 राज्यों के पुलिस महानिदेशक तथा सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के ATS प्रमुख सम्मेलन में शामिल हुए।
थाना स्तर तक पहुंचे ‘प्रहार’ की रणनीति
अपने संबोधन में अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने आतंकवाद के सभी रूपों और तरीकों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई है। उन्होंने आतंकवादी घटनाओं का लगातार विश्लेषण कर अगले दशक के लिए मजबूत ‘प्रहार’ तंत्र विकसित करने की आवश्यकता बताई।
उन्होंने कहा कि आतंकवाद-रोधी उपायों को थाना स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने और प्रहार के प्रत्येक बिंदु पर सक्रिय दृष्टिकोण अपनाने की जरूरत है। उन्होंने हर स्तर पर आतंकवाद-रोधी स्वचालित प्रतिक्रिया प्रणाली को संस्थागत बनाने तथा कार्रवाई में देरी रोकने के लिए संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया।
36 देशों से 288 भगोड़ों की वापसी का दावा
अमित शाह ने कहा कि सरकार के अनुसार 2019 से 2026 के बीच 36 देशों से 288 भगोड़े अपराधियों को भारत वापस लाया गया है। उन्होंने एजेंसियों के बेहतर समन्वय से सीमापार हथियार, विस्फोटक और मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े शहज़ाद भट्टी नेटवर्क के 40 से अधिक मॉड्यूल ध्वस्त किए जाने, 15 राज्यों में 100 से अधिक FIR दर्ज होने और 350 लोगों की गिरफ्तारी की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस नेटवर्क को UAPA के तहत आतंकवादी घोषित किया गया है।
नया प्रत्यर्पण पोर्टल लॉन्च
सम्मेलन के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री ने नया प्रत्यर्पण पोर्टल भी लॉन्च किया। इसके माध्यम से विदेशों में मौजूद भगोड़ों को भारत वापस लाने की प्रक्रिया में संबंधित एजेंसियों के बीच समन्वय बेहतर और कार्रवाई तेज होने की उम्मीद है। उन्होंने राज्य पुलिस बलों से केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर विदेश से भगोड़ों को वापस लाने के लिए विशेष टीम गठित करने का भी आग्रह किया।
सम्मेलन में आतंकवाद के बदलते स्वरूप के अनुरूप रणनीति को लगातार अपडेट करने, त्वरित प्रतिक्रिया व्यवस्था मजबूत करने और केंद्र व राज्यों की सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ाने को प्रमुख प्राथमिकताओं के रूप में रेखांकित किया गया।