आईपीएस अधिकारियों की CAPF में नियुक्ति और अवमानना मामलों की लिस्टिंग पर कोर्ट सख्त; पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध के बजाय प्रदूषण और धार्मिक भावनाओं के बीच संतुलन के संकेत
नई दिल्ली, 30 सितंबर 2026। सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को कई महत्वपूर्ण मामलों पर सुनवाई और न्यायिक कार्यवाही हुई। इनमें केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF), विशेष रूप से CRPF और BSF में IPS अधिकारियों की नियुक्ति/डेपुटेशन से जुड़े अवमानना मामलों तथा पटाखों से होने वाले वायु प्रदूषण का मामला प्रमुख रहा। इसके अलावा मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) से संबंधित याचिकाओं और चुनाव आयोग से जुड़े कानूनी मामलों की आगामी सुनवाई को लेकर भी गतिविधियां चर्चा में रहीं।
CAPF-IPS डेपुटेशन मामले में रजिस्ट्री से जवाब तलब
CRPF-BSF सहित CAPF में IPS अधिकारियों की नियुक्ति और इससे संबंधित अवमानना याचिकाओं की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने मामले को डेली कॉज लिस्ट से हटाए जाने पर कड़ा रुख अपनाया। न्यायालय ने रजिस्ट्री से यह स्पष्ट करने को कहा कि जब इस संबंध में न्यायिक आदेश मौजूद था, तो मामला सूची से हटाया क्यों गया।
मामले को बाद में दोपहर बाद सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया। इस घटनाक्रम ने न्यायिक आदेशों के अनुरूप मामलों की लिस्टिंग और रजिस्ट्री की प्रक्रिया को लेकर महत्वपूर्ण सवाल खड़े किए हैं।
पटाखों पर प्रतिबंध या खुली छूट नहीं, संतुलन पर जोर
वहीं, पटाखों के इस्तेमाल और उससे होने वाले वायु प्रदूषण से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने पर्यावरणीय चिंताओं के साथ-साथ सामाजिक और धार्मिक पहलुओं पर भी विचार किया। सुनवाई के दौरान अदालत के रुख से संकेत मिला कि वह न तो पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध के पक्ष में है और न ही उनके बेरोकटोक इस्तेमाल की अनुमति देने के पक्ष में।
अदालत के समक्ष प्रमुख चिंता यह रही कि त्योहारों के दौरान पटाखों के इस्तेमाल से उत्पन्न वायु प्रदूषण का बच्चों, बुजुर्गों और संवेदनशील लोगों के स्वास्थ्य पर प्रभाव पड़ता है। साथ ही धार्मिक भावनाओं और परंपराओं का भी ध्यान रखने की आवश्यकता है। ऐसे में न्यायालय ने दोनों पक्षों के बीच व्यावहारिक संतुलन की आवश्यकता पर जोर दिया।
CEC से जुड़े मामलों पर भी कानूनी हलकों में नजर
इसी बीच मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़े मामलों, उनके कथित एकतरफा निर्णयों पर उठाए गए सवालों, चुनाव आयोग से संबंधित अधिनियमों के तहत दायर याचिकाओं तथा क्यूरेटिव पिटिशन को लेकर भी कानूनी हलकों में चर्चा रही। इन मामलों की आगामी सुनवाइयों और अगले सप्ताह की संभावित लिस्टिंग पर भी नजर बनी हुई है।
इस प्रकार 30 सितंबर की सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही में न्यायिक आदेशों की अनुपालना, CAPF में IPS डेपुटेशन, पर्यावरण बनाम धार्मिक परंपराएं और चुनाव आयोग से जुड़े संवैधानिक-कानूनी प्रश्न अलग-अलग महत्वपूर्ण मुद्दों के रूप में सामने आए।