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संत कबीर के विचार एवं संदेश आज भी मार्गदर्शक और प्रासंगिक : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

  • devendra yadav birth day

राजनांदगांव / शौर्यपथ /
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि संत कबीरदास जी के विचार, संदेश और उनकी वाणी आज के समय में भी समाज को सही दिशा देने वाली, मार्गदर्शक और पूर्णतः प्रासंगिक हैं। मुख्यमंत्री शनिवार को डोंगरगांव विकासखंड अंतर्गत कबीर मठ धाम नादिया (खुज्जी) में श्री कबीर साहेब मठ ट्रस्ट द्वारा आयोजित तीन दिवसीय अखिल भारतीय सद्गुरू कबीर संत सम्मेलन में शामिल हुए।
फाल्गुन पूर्णिमा के पावन अवसर पर आयोजित इस सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने देशभर से पधारे संतों का आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने सम्मेलन की गरिमा की सराहना करते हुए कहा कि कबीर मठ धाम नादिया में फाल्गुन महोत्सव के रूप में चौका आरती, सात्विक महायज्ञ एवं भंडारे का भव्य आयोजन किया जा रहा है, जो आध्यात्मिक चेतना को सुदृढ़ करता है।

संत सम्मेलन हेतु प्रतिवर्ष 11 लाख रुपये की स्वीकृति
मुख्यमंत्री साय ने अखिल भारतीय सद्गुरू कबीर संत सम्मेलन के नियमित आयोजन के लिए प्रतिवर्ष 11 लाख रुपये की स्वीकृति की घोषणा की। साथ ही उन्होंने कहा कि भविष्य में इस आयोजन हेतु बजट में स्थायी प्रावधान किया जाएगा।

नादिया में डोम, मिनी स्टेडियम और राजनांदगांव में प्रवेश द्वार की घोषणा
मुख्यमंत्री ने ग्राम नादिया में डोम निर्माण एवं मिनी स्टेडियम के निर्माण की घोषणा की। इसके साथ ही उन्होंने राजनांदगांव में संत कबीर साहेब के नाम से प्रवेश द्वार के निर्माण की भी घोषणा की, जिससे कबीर साहेब के विचारों और परंपरा को स्थायी पहचान मिलेगी।

कबीर पंथ और आदिवासी समाज का ऐतिहासिक योगदान
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कबीरधाम नादिया संत कबीरदास जी की प्रेरणास्थली है, जहां दानवीर भक्त मालगुजार मंगतू ठाकुर, जो हल्बा आदिवासी समाज से थे, ने स्वयं को कबीर पंथ को समर्पित किया। उन्होंने हल्बा समाज के गौरवशाली इतिहास का उल्लेख करते हुए स्वतंत्रता संग्राम के शहीद गैंद सिंह के योगदान को स्मरण किया।
उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में संत कबीर की वाणी का गहरा प्रभाव है और प्रदेश का एक जिला कबीरधाम संत कबीर के नाम पर स्थापित है। जशपुर जिले के अपने गृहग्राम बगिया एवं कुनकुरी आश्रम से जुड़े संस्मरण साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वे कबीर पंथ की परंपराओं से भली-भांति परिचित हैं।

सरकारी योजनाओं और जनकल्याण का उल्लेख
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ धान का कटोरा है और प्रदेश की लगभग 80 प्रतिशत आबादी कृषि पर निर्भर है। उन्होंने बताया कि कृषक उन्नति योजना के तहत 25 लाख 28 हजार से अधिक किसानों को 10,324 करोड़ रुपये की सहायता ,महतारी वंदन योजना के अंतर्गत 70 लाख से अधिक महिलाओं को प्रतिमाह 1000 रुपये ,प्रधानमंत्री आवास योजना में 18 लाख आवास स्वीकृत, जिनमें से 8 लाख से अधिक पूर्ण , किसानों को दो वर्ष का बकाया बोनस , तेंदूपत्ता, चरण पादुका, श्रीरामलला अयोध्या दर्शन योजना जैसी योजनाओं से आमजन लाभान्वित .उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं को रोजगार देने और आत्मनिर्भर बनाने हेतु नई औद्योगिक नीति पर कार्य कर रही है तथा शीघ्र ही 500 शिक्षकों की भर्ती की जाएगी।

अतिथियों ने संत परंपरा को बताया समाज की दिशा
कार्यक्रम को जिले के प्रभारी मंत्री गजेन्द्र यादव, सांसद संतोष पाण्डेय, महापौर मधुसूदन यादव, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष दिनेश गांधी एवं धर्माधिकारी सत्येंद्र साहेब ने भी संबोधित किया। वक्ताओं ने संत कबीर साहेब की वाणी, त्याग, सेवा और समरसता के संदेश को आज के समाज के लिए अत्यंत आवश्यक बताया।

गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम में पंथ श्री हुजूर मंगल साहेब, संतगण, जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी, कबीर पंथ के अनुयायी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

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