रायपुर / शौर्यपथ / उत्तर छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग के लिए 30 मार्च 2026 एक ऐतिहासिक दिन बनने जा रहा है। माँ महामाया एयरपोर्ट, दरिमा (अंबिकापुर) से देश की राजधानी दिल्ली और पूर्वी भारत के प्रमुख शहर कोलकाता के लिए नियमित हवाई सेवा का शुभारंभ किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय प्रातः 10 बजे रायपुर से वर्चुअल माध्यम से इस सेवा का विधिवत शुभारंभ करेंगे। इस अवसर पर अंबिकापुर के पी.जी. कॉलेज ऑडिटोरियम में विशेष कार्यक्रम आयोजित होगा, जिसमें जनप्रतिनिधि, अधिकारी और आम नागरिक उपस्थित रहेंगे।
नई हवाई सेवा के तहत एलायंस एयर द्वारा 72-सीटर एटीआर विमान संचालित किया जाएगा। दिल्ली के लिए सप्ताह में दो दिन—सोमवार और बुधवार—उड़ानें संचालित होंगी। सोमवार को फ्लाइट दिल्ली से बिलासपुर होते हुए अंबिकापुर पहुंचेगी और वहीं से वापस दिल्ली जाएगी। बुधवार को सीधी उड़ान दिल्ली से अंबिकापुर और फिर बिलासपुर होते हुए वापसी करेगी।
इसी तरह कोलकाता के लिए भी सप्ताह में दो दिन—गुरुवार और शनिवार—उड़ानें उपलब्ध रहेंगी। शनिवार को फ्लाइट कोलकाता से बिलासपुर होते हुए अंबिकापुर पहुंचेगी, जबकि गुरुवार को सीधी उड़ान कोलकाता से अंबिकापुर और फिर बिलासपुर के रास्ते वापसी करेगी। इस शेड्यूल से यात्रियों को दोनों दिशाओं में बेहतर और नियमित कनेक्टिविटी मिलेगी।
इस हवाई सेवा से सरगुजा संभाग सीधे दिल्ली और कोलकाता से जुड़ जाएगा, जिससे व्यापार, निवेश और पर्यटन को नया बल मिलेगा। क्षेत्र के प्राकृतिक और पर्यटन स्थल—जैसे मैनपाट, तातापानी और जलप्रपात—अब देश-विदेश के पर्यटकों के लिए अधिक सुलभ हो जाएंगे। साथ ही, स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय बाजार तक पहुंच मिलेगी और स्वास्थ्य सेवाओं में भी तेजी आएगी।
गौरतलब है कि माँ महामाया एयरपोर्ट, दरिमा का विकास केंद्र सरकार की ‘उड़ान’ योजना के अंतर्गत किया गया है। वर्ष 1950 में निर्मित इस हवाई पट्टी का विस्तार कर रनवे को 1500 मीटर से बढ़ाकर 1800 मीटर किया गया है। लगभग 365 एकड़ में फैले इस एयरपोर्ट के विकास हेतु 48.25 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए, जिससे इसे डीजीसीए मानकों के अनुरूप आधुनिक रूप दिया गया है। टर्मिनल भवन का उन्नयन 72 यात्रियों की क्षमता के अनुरूप किया गया है तथा 100 वाहनों की पार्किंग और फोरलेन सड़क की सुविधा भी विकसित की गई है।
इस नई हवाई सेवा को सरगुजा के विकास की उड़ान के रूप में देखा जा रहा है, जो क्षेत्र को राष्ट्रीय मानचित्र पर नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।