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हल्बा समाज सबसे संगठित और जागरूक आदिवासी समुदाय - विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह

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// विधानसभा अध्यक्ष ने हल्बा समाज की मांग पर राजनांदगांव के रेवाडीह में सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 10 लाख रूपए प्रदान करने की घोषणा की
// विधानसभा अध्यक्ष अखिल भारतीय हल्बा-हल्बी आदिवासी समाज केन्द्रीय कर्मचारी प्रकोष्ठ के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों के शपथ ग्रहण समारोह सह प्रथम सम्मेलन कार्यक्रम में हुए शामिल

     राजनांदगांव । विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह आज राजनांदगांव स्थित पद्मश्री गोविंदराम निर्मलकर ऑडिटोरियम में आयोजित अखिल भारतीय हल्बा-हल्बी आदिवासी समाज केन्द्रीय कर्मचारी प्रकोष्ठ के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों के शपथ ग्रहण समारोह सह प्रथम सम्मेलन कार्यक्रम में शामिल हुए। विधानसभा अध्यक्ष्य डॉ. सिंह की उपस्थिति में नव निर्वाचित पदाधिकारियों ने शपथ लिया। उन्होंने सभी पदाधिकारियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने हल्बा समाज की मांग पर राजनांदगांव के वार्ड क्रमांक 22 रेवाडीह में समाज के लिए उपलब्ध भूमि पर सामुदायिक भवन निर्माण हेतु 10 लाख रूपए प्रदान करने की घोषणा की। विधानसभा अध्यक्ष्य डॉ. सिंह ने कहा कि यह कार्यक्रम समाज की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और सामाजिक चेतना के नवजागरण का उत्सव है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सिंह ने कहा कि हल्बा समाज छत्तीसगढ़ के सबसे संगठित और जागरूक आदिवासी समुदायों में से एक है, जिसकी पहचान केवल छत्तीसगढ़ तक सीमित नहीं है, बल्कि महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश और ओडिशा सहित अन्य राज्यों में भी समाज के लोग विकास की मुख्यधारा से जुड़कर महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि समाज की राष्ट्रीय महासभा की संगठनात्मक संरचना की सराहना की। यह संगठन आदिवासी समाज की सशक्त आवाज बनकर कार्य कर रहा है।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि आदिवासी हल्बा समाज की वीरता और बलिदान की अनेक गाथाएं हैं। आदिवासी समाज ने न केवल स्वतंत्रता संग्राम में बल्कि राष्ट्र निर्माण की प्रत्येक यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। जल, जंगल और जमीन के संरक्षण का संदेश आदिवासी समाज सदियों से अपने जीवन में उतारकर चल रहा है, जो आज पूरी दुनिया के लिए प्रेरणा है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आदिवासी समाज के सम्मान, अधिकार और विकास को नई दिशा मिली है। बिरसा मुंडा जयंती को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने का निर्णय, एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों का विस्तार, वनधन विकास केंद्रों की स्थापना तथा विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों के लिए संचालित योजनाएं आदिवासी विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। उन्होंने कहा कि देश की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का नेतृत्व आदिवासी समाज के गौरव का प्रतीक है।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों से समाज के युवाओं को शिक्षा से जोडऩे, महिलाओं को सशक्त बनाने, सामाजिक एकता को मजबूत करने तथा समाज की गौरवशाली संस्कृति और परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने कहा। उन्होंने कहा कि समाज की सबसे बड़ी शक्ति उसकी परंपरा और प्रगति के बीच संतुलन बनाए रखने में है। इस अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिल भारतीय हल्बा आदिवासी समाज राष्ट्रीय महासभा श्री मन्तूराम पवार, नवनियुक्त केन्द्रीय अध्यक्ष केन्द्रीय कर्मचारी प्रकोष्ठ श्री गोविंद राम चुरेन्द्र, पूर्व अध्यक्ष अखिल भारतीय हल्बा-हल्बी समाज केन्द्रीय कर्मचारी प्रकोष्ठ श्री पीआर नाईक, पूर्व अध्यक्ष अखिल भारतीय हल्बा-हल्बी आदिवासी समाज केन्द्रीय कर्मचारी प्रकोष्ठ श्री आरएस नायक ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। इस अवसर पर समाजसेवी श्री कोमल सिंह राजपूत, पूर्व अध्यक्ष अखिल भारतीय हल्बा-हल्बी आदिवासी समाज राष्ट्रीय महासभा श्री जीआर राना सहित समाज के वरिष्ठ पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित थे।

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