September 13, 2026
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    ‘विष्णु भैया’ का घर बना बहनों का मायका, मुख्यमंत्री निवास में बिखरे तीजा-पोरा के रंग

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    मुख्यमंत्री साय ने कहा—“आज मेरा घर आप सभी बहनों का मायका है”; 13 लाख से अधिक महिलाएं बनीं लखपति दीदी, 31 किस्तों में 20 हजार करोड़ से अधिक की महतारी वंदन राशि

    रायपुर । नवा रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास शनिवार को छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकसंस्कृति, पारिवारिक आत्मीयता और मातृशक्ति के उल्लास से सराबोर नजर आया। अवसर था तीजा-पोरा तिहार का। प्रदेशभर से बड़ी संख्या में पहुंचीं माताओं, बहनों और बेटियों के स्वागत के लिए मुख्यमंत्री निवास को छत्तीसगढ़ी गांव और मायके की थीम पर सजाया गया था। बैलगाड़ी, नंदिया-बइला, लोक शिल्प और ग्रामीण परिवेश के बीच फुगड़ी, रस्साकशी, कुर्सी दौड़, मेहंदी और झूलों ने पूरे परिसर को उत्सव के रंग में रंग दिया।

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने माताओं-बहनों का आत्मीय स्वागत करते हुए कहा, “आज मेरा घर आप सभी बहनों का मायका है। आपका अपने भाई के घर आना मेरे लिए सौभाग्य और आनंद की बात है।” मुख्यमंत्री के इस संबोधन के साथ पूरा परिसर तालियों की गूंज से भर उठा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि तीजा-पोरा केवल त्योहार नहीं, बल्कि माटी, परिवार, रिश्तों, खेती-किसानी, पशुधन और लोकजीवन से जुड़ा जीवंत उत्सव है। हरेली से शुरू होने वाली छत्तीसगढ़ के तीज-त्योहारों की श्रृंखला हमारी लोक परंपराओं और पारिवारिक रिश्तों को मजबूत करती है।

    शिव-पार्वती की पूजा, प्रदेश की खुशहाली की कामना

    कार्यक्रम की शुरुआत मुख्यमंत्री ने भगवान शिव और माता पार्वती की विधिवत पूजा-अर्चना से की। उन्होंने प्रदेश की माताओं-बहनों सहित सभी नागरिकों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि तीजा माता पार्वती की तपस्या, समर्पण और अटूट आस्था का पर्व है, जबकि पोरा छत्तीसगढ़ की कृषि संस्कृति और पशुधन के प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता का प्रतीक है।

    ‘हर घर मुनगा-घर घर मुनगा’ अभियान की शुरुआत

    तीजा-पोरा के अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशव्यापी ‘हर घर मुनगा-घर घर मुनगा’ अभियान का शुभारंभ किया और अभियान के लोगो का विमोचन किया। उन्होंने कहा कि मुनगा पोषक तत्वों और आवश्यक मिनरल्स से भरपूर है और विशेष रूप से महिलाओं तथा बच्चों के बेहतर पोषण में उपयोगी हो सकता है।

    मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपने घरों और आसपास मुनगा लगाने तथा इसके पोषण गुणों को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।

    राष्ट्रीय पोषण माह का शुभारंभ, सुपोषण रथ को हरी झंडी

    मुख्यमंत्री ने प्रदेश में राष्ट्रीय पोषण माह 2026 का शुभारंभ किया। उन्होंने पोस्टर का विमोचन कर माताओं-बहनों को सुपोषण की शपथ दिलाई और सुपोषण रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

    9 सितंबर से 8 अक्टूबर तक चलने वाले पोषण माह के दौरान महिलाओं, बच्चों और परिवारों को संतुलित एवं पौष्टिक आहार के प्रति जागरूक करने के लिए विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।

    बच्चों को खीर खिलाकर कराया अन्नप्राशन

    कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने नन्हे बच्चों को अपने हाथों से खीर खिलाकर अन्नप्राशन संस्कार कराया। बच्चों को स्नेह और आशीर्वाद देते हुए उन्होंने उनके स्वस्थ, खुशहाल और उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

    तीजा-पोरा के पारिवारिक उल्लास के बीच अन्नप्राशन और पोषण संबंधी गतिविधियों ने कार्यक्रम को सुपोषण के संदेश से भी जोड़ दिया।

    महतारी वंदन की 31 किस्तों में 20 हजार करोड़ से अधिक पहुंचे खातों में

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महिला सशक्तिकरण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रदेश की 68 लाख से अधिक माताओं-बहनों को हर महीने एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। अब तक 31 किस्तों में 20 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे उनके बैंक खातों में पहुंचाई जा चुकी है।

    उन्होंने कहा कि इस राशि का उपयोग महिलाएं बेटियों के भविष्य, स्वरोजगार और छोटे व्यवसायों के लिए कर रही हैं। किसी ने सुकन्या समृद्धि योजना में राशि जमा की, तो किसी ने सिलाई मशीन खरीदी। अनेक महिलाएं सब्जी-भाजी, किराना दुकान और अन्य छोटे व्यवसायों के माध्यम से परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं।

    लखपति दीदी से ड्रोन दीदी तक—बदल रही मातृशक्ति की तस्वीर

    मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की महिलाएं आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिख रही हैं। प्रदेश में 13 लाख से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं, जबकि निर्धारित लक्ष्य 8 लाख महिलाओं का था।

    उन्होंने कहा कि महिलाएं अब पारंपरिक भूमिकाओं से आगे बढ़कर डीलर दीदी, रानी मिस्त्री और ड्रोन दीदी के रूप में भी अपनी पहचान बना रही हैं। कई ड्रोन दीदियां एक दिन में 20 से 25 एकड़ तक खेतों में छिड़काव कर लगभग 7 हजार रुपये तक की आय अर्जित कर रही हैं।

    मुख्यमंत्री ने सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के ग्राम दानसरा की महिलाओं का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां माताओं-बहनों ने महतारी वंदन योजना से प्राप्त राशि को एकत्र कर भगवान श्रीराम का मंदिर बनाने का प्रेरणादायी संकल्प लिया है।

    महिलाओं के नाम संपत्ति को बढ़ावा, रजिस्ट्री में मिल रही छूट

    मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ उन्हें संपत्ति में स्वामित्व देने की दिशा में भी सरकार काम कर रही है। महिलाओं के नाम संपत्ति की रजिस्ट्री कराने पर पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत तथा स्टांप शुल्क में एक प्रतिशत की छूट दी जा रही है।

    उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण का वास्तविक अर्थ महिलाओं को अवसर, सम्मान, आर्थिक स्वतंत्रता और निर्णय लेने में भागीदारी देना है।

    हर जरूरतमंद परिवार को पक्की छत देने का संकल्प

    मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में प्रतिदिन 1,600 से अधिक आवासों का निर्माण हो रहा है। पिछले ढाई वर्षों में 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत हुए हैं और इनमें से साढ़े 11 लाख से अधिक आवास पूर्ण किए जा चुके हैं।

    उन्होंने बताया कि केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान प्रदेश के लिए 3 लाख 65 हजार नए प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का संकल्प है कि कोई भी जरूरतमंद परिवार पक्के मकान से वंचित न रहे।

    मुख्यमंत्री निवास में दिखा गांव का जीवंत स्वरूप

    तीजा-पोरा के लिए मुख्यमंत्री निवास को छत्तीसगढ़ी गांव की थीम पर विशेष रूप से सजाया गया। बैलगाड़ी, नंदिया-बइला, पारंपरिक खिलौने और ग्रामीण परिवेश के बीच लोकसंस्कृति जीवंत नजर आई। लोक कलाकारों की प्रस्तुतियों ने वातावरण को और भी रंगीन बना दिया।

    माताओं-बहनों ने फुगड़ी, रस्साकशी और कुर्सी दौड़ में उत्साह से हिस्सा लिया। मेहंदी और झूलों का भी आनंद लिया। पूरा मुख्यमंत्री निवास ऐसा प्रतीत हुआ मानो छत्तीसगढ़ के अलग-अलग अंचलों की लोक परंपराएं एक ही आंगन में उतर आई हों।

    ‘विष्णु भैया’ के घर बहनों का मायके जैसा अपनापन

    तीजा-पोरा के इस आयोजन ने मुख्यमंत्री निवास को महज एक सरकारी परिसर नहीं, बल्कि भाई-बहन के आत्मीय रिश्ते और छत्तीसगढ़ी पारिवारिक परंपरा के प्रतीक मायके में बदल दिया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि उनकी कामना है कि प्रदेश की हर माता और बहन के सपनों को नई उड़ान मिले, उनके परिवारों में सुख-समृद्धि बनी रहे और मातृशक्ति की भागीदारी से छत्तीसगढ़ विकास के पथ पर निरंतर आगे बढ़ता रहे।

    महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने भी प्रदेश की माताओं-बहनों को तीजा-पोरा की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि तीजा छत्तीसगढ़ की समृद्ध परंपराओं और मातृशक्ति से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। उन्होंने ‘हर घर मुनगा-घर घर मुनगा’ अभियान को पोषण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।

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