बालोद। जिले में अपराध नियंत्रण और लंबित मामलों के त्वरित निराकरण को लेकर पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण (भा.पु.से.) की उपस्थिति में जिले के समस्त थाना प्रभारियों की विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक में लंबित चोरी के प्रकरणों को डिटेक्ट कर आरोपियों की धरपकड़, साइबर ठगी के पीड़ितों को राशि वापस दिलाने तथा संदिग्ध कबाड़ियों पर निगरानी समेत कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए गए।
एसडीओपी बालोद विनय कुमार के पर्यवेक्षण में हुई बैठक में थाना क्षेत्रों में लंबित चोरी के मामलों की समीक्षा की गई। पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों को प्रकरणों की गंभीरता से जांच करते हुए आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित करने तथा आरोपियों के विरुद्ध कड़ी वैधानिक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। चोरी की घटनाओं की रोकथाम के लिए संदिग्ध व्यक्तियों और गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखने पर भी जोर दिया गया।
साइबर ठगी के पीड़ितों को राशि वापस दिलाने पर जोर
बैठक में थानों में पदस्थ CCTNS ऑपरेटर्स को MRM/GRM पोर्टल के माध्यम से साइबर ठगी के पीड़ितों को राशि रिफंड कराने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई। इसके साथ ही Cytrain एवं समन्वय पोर्टल के उपयोग और कार्यप्रणाली के संबंध में भी आवश्यक प्रशिक्षण दिया गया, ताकि साइबर अपराधों से जुड़े मामलों में कार्रवाई और पीड़ितों को राहत दिलाने की प्रक्रिया अधिक प्रभावी हो सके।
संदिग्ध कबाड़ियों पर रहेगी विशेष नजर
पुलिस अधीक्षक ने दीगर प्रांतों से आने वाले संदिग्ध कबाड़ियों की गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए। जिले में कबाड़ खरीदी को लेकर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करने तथा संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिलने पर तत्काल वैधानिक कार्रवाई करने के लिए भी थाना प्रभारियों को निर्देशित किया गया।
तकनीकी दक्षता और सूचना तंत्र मजबूत करने पर जोर
बैठक में पुलिस कर्मचारियों को तकनीकी कार्यों में दक्षता बढ़ाने, आधुनिक तकनीकी संसाधनों का प्रभावी उपयोग करने और मजबूत सूचना तंत्र विकसित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही थाना क्षेत्रों में होने वाली अवैध गतिविधियों की जानकारी जुटाकर समय रहते कार्रवाई सुनिश्चित करने पर भी विशेष जोर दिया गया।
पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों से अपराधों की रोकथाम के साथ-साथ लंबित प्रकरणों के निराकरण में सक्रियता बरतने और कानून-व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने की अपेक्षा की।