भोजन कराया, भजन गाए और लिया आशीर्वाद; अन्नदान से लेकर रोजमर्रा की जरूरतों की सामग्री भी बांटी
मृणेन्द्र चौबे
राजनांदगांव/शौर्यपथ। पितृ पक्ष में जहां लोग अपने पूर्वजों का स्मरण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं, वहीं अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा वीरांगना एवं पद्मावत महिला कल्याण समिति की महिलाओं ने सेवा और आत्मीयता की मिसाल पेश की। समिति की महिलाएं वृद्धाश्रम पहुंचीं और बुजुर्गों के साथ कुछ समय नहीं, बल्कि अपनों की तरह बैठकर उनके सुख-दुख साझा किए।
इस दौरान महिलाओं ने बुजुर्गों को भोजन कराया और अन्नदान के साथ साबुन, टूथपेस्ट, तेल, बिस्किट, फल सहित दैनिक उपयोग की आवश्यक सामग्री वितरित की। इसके बाद महिलाओं ने बुजुर्गों के साथ भजन-कीर्तन किया और उनसे आत्मीय संवाद करते हुए उनकी बातें सुनीं।
कुछ घंटे नहीं, अपनों के साथ बिताए जैसे पल
वृद्धाश्रम में सेवा के दौरान महिलाओं ने इसे महज औपचारिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रखा। उन्होंने बुजुर्गों के साथ परिवार के सदस्यों की तरह समय बिताया। किसी ने उनकी कुशलक्षेम पूछी तो किसी ने उनके साथ भजन गाया। बातचीत, हंसी-मजाक और आत्मीय संवाद के बीच वृद्धाश्रम का वातावरण कुछ समय के लिए परिवार के आंगन जैसा नजर आया।
बुजुर्गों का आशीर्वाद बना सेवा की सबसे बड़ी पूंजी
महिलाओं ने कहा कि पितृ पक्ष केवल पूर्वजों के स्मरण का अवसर नहीं, बल्कि सेवा, संस्कार और मानवीय संवेदनाओं को आत्मसात करने का भी समय है। बुजुर्गों के साथ बिताया गया समय मन को सुकून देने वाला रहा। उनकी बातें सुनना, उनके साथ भजन करना और सेवा के बाद उनसे मिला स्नेह व आशीर्वाद इस आयोजन की सबसे बड़ी उपलब्धि है।
ये सदस्य रहीं उपस्थित
कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष सुषमा सिंह के साथ कनकलता सिंह, अनामिका सिंह, सुधा पवार, रीना सिंह, आभा चौहान, सूर्यबाला सिंह, स्वाति चौहान, रश्मि भारद्वाज, प्रिया सिंह, शशि भदौरिया, इंद्राणी ठाकुर, अखिलेश ठाकुर और दर्शना चौहान सहित समिति की अन्य सदस्य उपस्थित रहीं।