19 महिला संकुल संगठन सोलर वेंडर के रूप में पंजीकृत, 94 सोलर सिस्टम स्थापित; 415 प्रकरण प्रक्रियाधीन
रायपुर, शौर्यपथ। छत्तीसगढ़ में ग्रामीण महिलाओं को सौर ऊर्जा के क्षेत्र में रोजगार और उद्यमिता से जोड़ने के लिए संचालित द्वीप्ति योजना के तहत 801 महिलाओं को ‘सोलर दीदी’ के रूप में चिन्हांकित किया गया है। अब तक 19 महिला संकुल स्तरीय संगठन सोलर वेंडर के रूप में पंजीकृत हो चुके हैं, जबकि 94 सोलर सिस्टम स्थापित किए जा चुके हैं और 415 स्थापना प्रकरण प्रक्रियाधीन हैं।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा संचालित यह पहल, छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ की महिलाओं को प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से जोड़कर ऊर्जा उद्यमी बनाने पर केंद्रित है। इसके तहत महिलाएं सोलर सिस्टम की स्थापना, हितग्राहियों के पंजीयन, तकनीकी सेवाओं और रखरखाव से जुड़े कार्यों में भागीदारी निभा रही हैं।
महिलाओं को मिलेंगे रोजगार के नए अवसर
द्वीप्ति योजना के तहत महिला स्व-सहायता समूहों के संकुल संगठनों को अधिकृत सोलर वेंडर के रूप में विकसित किया जा रहा है। महिलाओं को सौर ऊर्जा, सब्सिडी, बिजली बिल में संभावित बचत और सोलर पैनल स्थापना की प्रक्रिया की जानकारी देने के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। बिजली वितरण कंपनी, जिला प्रशासन और बिहान मिशन के सहयोग से तकनीकी क्षमता विकास तथा वित्तीय सहायता और बैंक ऋण की प्रक्रिया में भी सहयोग दिया जा रहा है।
कबीरधाम में दिखी पहल की शुरुआत
कबीरधाम जिले में कवर्धा के वंदेमातरम् महिला संकुल संगठन को अधिकृत सोलर वेंडर के रूप में पंजीकृत किया गया है। ग्राम समनापुर में शुरुआती रूफटॉप सोलर सिस्टम की स्थापना भी की गई। योजना के तहत प्रत्येक स्थापना पर सोलर दीदी को 500 से 1,000 रुपये तक आय होने का अनुमान है। महिला संकुल संगठनों के लिए भी अतिरिक्त आमदनी के अवसर विकसित किए जा रहे हैं।
योजना का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को केवल सरकारी योजनाओं का लाभ लेने तक सीमित न रखकर तकनीक आधारित रोजगार और उद्यमिता से जोड़ना है। इससे स्वच्छ ऊर्जा के विस्तार के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की उम्मीद है।