October 29, 2026
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    छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता का प्रारूप तैयार करने जनभागीदारी, आठ जिलों के प्रतिनिधियों ने दिए सुझाव

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    विवाह, तलाक, भरण-पोषण और उत्तराधिकार पर मंथन; धार्मिक आस्था व पूजा-पद्धतियों में हस्तक्षेप नहीं होगा—शत्रुघ्न सिंह

    30 अक्टूबर तक वेबसाइट और ई-मेल से आम नागरिक भी दे सकेंगे सुझाव

    बिलासपुर/ शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) का प्रारूप तैयार करने के लिए बिलासपुर में संभाग स्तरीय परामर्श बैठक आयोजित की गई। इसमें बिलासपुर, मुंगेली, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही, जांजगीर-चांपा, कोरबा, रायगढ़, सक्ती और सारंगढ़-बिलाईगढ़ सहित आठ जिलों के सामाजिक, धार्मिक एवं राजनीतिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर अपने सुझाव रखे।

    देवकी नंदन दीक्षित सभागृह में हुई बैठक में विवाह, तलाक, भरण-पोषण, उत्तराधिकार, दत्तक ग्रहण और लिव-इन रिलेशनशिप जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। प्रतिभागियों ने संहिता के पक्ष-विपक्ष में विचार रखते हुए सामाजिक परंपराओं, व्यक्तिगत अधिकारों और कानूनी सुधारों से जुड़े विभिन्न पहलुओं को सामने रखा।

    महिलाओं और बच्चों के अधिकारों पर जोर

    समान नागरिक संहिता उच्च स्तरीय समिति के सदस्य एवं सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी श्री शत्रुघ्न सिंह ने कहा कि देश में पारिवारिक मामलों से जुड़े विभिन्न कानूनों और प्रावधानों में समानता लाने तथा महिलाओं और बच्चों के अधिकारों को मजबूत करने के उद्देश्य से इस विषय पर विचार किया जा रहा है।

    उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 44 का उल्लेख करते हुए स्पष्ट किया कि समान नागरिक संहिता का संबंध विवाह, विवाह-विच्छेद, भरण-पोषण और उत्तराधिकार जैसे नागरिक एवं पारिवारिक मामलों से है। इस प्रक्रिया में किसी धर्म की पूजा-पद्धति, धार्मिक आस्था और रीति-रिवाजों में हस्तक्षेप नहीं किया जाएगा।

    सुझावों के आधार पर तैयार होगा प्रारूप

    बैठक में समिति के सदस्यों ने कहा कि विभिन्न समुदायों, सामाजिक संगठनों, विधि विशेषज्ञों और नागरिकों से प्राप्त सुझावों का अध्ययन किया जाएगा। छत्तीसगढ़ की मौजूदा कानूनी व्यवस्था के साथ अन्य राज्यों में प्रचलित व्यवस्थाओं का भी विश्लेषण कर प्रारूप तैयार किया जाएगा। इसके बाद समिति अपनी रिपोर्ट और आवश्यक विधायी एवं प्रशासनिक अनुशंसाएं राज्य शासन को प्रस्तुत करेगी।

    बैठक में समिति के सदस्य श्री एम.के. राउत, वरिष्ठ अधिवक्ता श्री मोहन पवार, सेवानिवृत्त प्राचार्य श्रीमती ज्योति रानी सिंह, रायपुर संभागायुक्त एवं समिति सचिव श्री श्याम धावड़े तथा बिलासपुर संभागायुक्त श्री सुनील जैन सहित विभिन्न समाजों के प्रतिनिधि, शिक्षाविद और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

    30 अक्टूबर तक ऑनलाइन सुझाव आमंत्रित

    आम नागरिक और संगठन समान नागरिक संहिता से संबंधित अपने सुझाव 30 अक्टूबर 2026 तक आधिकारिक वेबसाइट ucc.cgstate.gov.in पर दे सकते हैं। सुझाव ई-मेल This email address is being protected from spambots. You need JavaScript enabled to view it. पर भी भेजे जा सकते हैं।

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    Last modified on Wednesday, 28 October 2026 20:11

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