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खबर लगातार- बिना नाली सफ ाई के निकाली गई राशि, जिम्मेदारों पर अब तक नहीं हुई कार्यवाही, जनपद स्तर से संरक्षण प्राप्त..!

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संवाददाता - नरेश देवांगन
जगदलपुर/ शौर्यपथ/

  कहा जाता है जब उच्चाधिकारियों का और नेताओं का संरक्षण प्राप्त हो तो आज के जमाने में किसी का कुछ नही होता, सरकारी पैसा ही तो है कौन सा तुम्हारे घर का सरपँच/सचिव खा रहा है और तुम क्यों समाजसेवी बने पड़े हो? कौन से पँचायत में ऐसा नहीं होता? लाखों चुनाव में खर्च किया है। कहाँ से वापसी करेगी बेचारी? ऐसे अनर्गल तथ्यों के बीच हम ये सोचने को मजबूर हो जाते हैं कि क्या सच मे जनपद स्तर पर सरपॅच सचिव को संरक्षण प्राप्त है..! क्या उच्चाधिकारियों को सब पता रहता है और ये राशि निकालने से पहले ही उन्हें कमीशन की भेंट चढ़ाई जाती है, जब प्रसाद पहले चढ़ गया है तो फिर डर काहे का, क्योंकि अंत मे तो जांच-अधिकारी भी जनपद स्तर से ही जाएंगे। इसलिए ग्राम पंचायत आमागुड़ा के सरपँच-सचिव बिना नाली साफ कराये ही वर्ष- 2021-22 में लगभग ?48680 रुपये खर्च दिखाकर राशि निकाल अपना जेब भरने का काम किये है ढ्ढ ग्रामीणों का आरोप है की जाँच अधिकारी के द्वारा जाँच के नाम पे खानापूर्ति कर सरपंच सचिव को बचाने में किसी प्रकार का कोई कसर नहीं छोड़ा गया है ढ्ढ ग्रामीणों का यह भी कहना है की जनपद जगदलपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री भाटिया साहब काफी कर्तव्यनिष्ठ व न्यायप्रिय अधिकारी है, उनको भ्रस्टाचार की लिखित शिकायत मिलने के बाद भी साहब का इस मामले में चुप रहना समझ से परे हो गया हैढ्ढ जबकि कोटवार घर से बलदेव घर तक रह रहे ग्रामीणों का साफ कहना है की पूर्व मे नाली की सफाई नहीं हुई है, शासकीय राशि को सरपंच सचिव निकाल भ्रष्टाचार किये है।
इस मामले पे ग्राम पंचायत आमागुड़ा सरपंच श्रीमती नाग से फ़ोन पे जानकारी चाही गई तो उनका साफ कहना है की कोटवार घर से बलदेव घर तक नाली का निर्माण होने के बाद से कभी भी नाली का सफाई कार्य नहीं किया गया ढ्ढ उनके द्वारा जून माह 2025 में कोटवार घर से बलदेव घर तक नाली सफाई करवाने के सात ही पुरे गाँव में नाली सफाई कार्य किया गया है ढ्ढ
   लिखित शिकायत मिलने के दो माह 14 दिन के बाद कि गई जाँच,या खानापूर्ति ?
  लिखित शिकायत दिनांक- 23/04/2025 को मिलने के दो माह 14 दिन के बाद इस पुरे मामले की जाँच रविन्द्र सिंह ठाकुर स0आ0ले0प0 अधिकारी जनपद पंचायत जगदलपुर ने किया है ढ्ढ  जाँच अधिकारी ने अपने जाँच प्रतिवेदन में यह उल्लेख किया है- 1. वर्ष 2021-22 में कोटवार घर से बलदेव घर तक नाली सफाई का कार्य नहीं किया गया है ढ्ढ वर्ष 2022-23 में 15वा वित् आयोग योजना अंतर्गत सीसी सड़क निर्माण, नाली सफाई कार्य तथा अन्य कार्य किया गया 2. मे. देवकी फरसु ट्रेडर्स को 24,200रुपए का भुगतान किया गया सामग्री का उपयोग सीसी सड़क निर्माण कार्य हेतु किया गया है जो की रोकड़ वही के पृष्ट क्रमांक  – पर दिनाकं– 22/07/2022 को दर्ज है ढ्ढ
  शौर्यपथ ने प्रमुखता से 16जुलाई को खबर प्रकाशित की थी की वर्ष 2021-22 में कोटवार घर से बलदेव घर तक की नाली की सफाई बनने से लेकर अब तक सफाई कार्य नहीं किया गया हैढ्ढ  इस खबर को लगभग एक सप्ताह बीत गये है, लेकिन ग्रामीणों के आरोप व लिखित शिकायत पे संतोषजनक जाँच नहीं कर जाँच अधिकारी ने कई सवाल खड़े कर दिए है –
  1.जाँच अधिकारी ने शिकायत पत्र के आधार पे कोटवार घर से बलदेव घर तक रह रहे सभी लोगो का ब्यान दर्ज क्यों नही किया?
  2.उक्त मस्टररोल पे दर्ज मजदूरो का ब्यान क्यों नहीं लिया गया?
  3.पूर्व सरपंच,सचिव से स्पष्टीकरण/जवाब क्यों नही माँगा गया ?
  4.जाँच अधिकारी के द्वारा जाँच का पंचनामा शिकायत स्थल जाके त्यार क्यों नहीं किया गया ?
  5.जाँच अधिकारी के द्वारा रोकड़ वही के पृष्ट क्रमांक – 8 व खर्च राशि को क्यों नहीं मिलाया गया? जबकि राशि में ?8160 रुपए मजदूरी भुगतान में अंतर है?
  हैरानी की बात यह है कि पूरे प्रकरण की जानकारी सार्वजनिक होने के बावजूद अब तक किसी भी जिम्मेदार अधिकारी या कर्मचारी पर कोई कार्यवाही नहीं हुई है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सफाई के नाम पर केवल कागज़ों में काम हुआ है। क्षेत्रीय लोगो और समाजसेवियों ने मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। प्रश्न यह उठता है कि जब सबूत मौजूद हैं, तो फिर कार्यवाही में देरी क्यों? जाँच अधिकारी की लापरवाही, या फिर भ्रष्टाचार पर पर्दा डालने की कोशिश?
   इस मामले पे मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत जगदलपुर श्री भाटिया का कहना है कि नाली सफाई के नाम से फर्जी राशि निकालने कि शिकायत पत्र प्राप्त हुई थी, मामले कि जांचोपरान्त जाँच प्रतिवेदन मुझे प्राप्त हुआ है। अगर शिकायतकर्ता इस जाँच से संतुष्ट नहीं है तो मामले कि पुन: जाँच के लिए आदेशित किया जायेगा।

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