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दाऊ श्री वासुदेव चंद्राकर कामधेनु यूनिविर्सिटी में प्रवेश के लिए एआईपीसी की पहल से छत्तीसगढ़ के मूल निवासी छात्रों को मिलेगी प्राथमिकता

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दुर्ग / शौर्यपथ / दाऊ श्री वासुदेव चन्द्राकर कामधेनु विश्वविद्यालय अंजोरा में अब पीजी (एमवीएससी) की काउंसिलिंग में छत्तीसगढ़ के स्थानीय छात्रों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसे लेकर छत्तीसगढ़ प्रोफेशनल कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष क्षितिज चंद्राकर के मार्गदर्शन में प्रदेश समन्वयक दीप सारस्वत ने  विश्वविद्यालय प्रशासन से प्राथमिकता दिए जाने की मांग की थी। इसके बाद 14 फरवरी को हुई विद्या परिषद की बैठक में इस पर निर्णय लिया गया। ऑल इंडिया प्रोफेशनल कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष क्षितिज चंद्राकर के निर्देश पर संगठन द्वारा इसकी मांग कुलपति के समक्ष रखी गई थी। मांग में कहा गया था कि पीजी (एमवीएससी) की प्रथम काउंसिलिंग में छत्तीसगढ़ के स्थानीय छात्रों को प्रवेश में प्राथमिकता दी जाए। इसके बाद विश्वविद्यालय प्रबंधन ने इस पर निर्णय लिया। चन्द्राकार ने कहा कि छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार में लगातार छात्रहित में निर्णय ले रही है। कोरोना के दौरान भी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छात्रों के हितों में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। कामधेनु यूनिविर्सिटी में स्थानीय छात्रों को प्रवेश में प्राथमिकता मिलने से अब छात्रों को इसका लाभ मिलेगा।
  कोरोना के कारण यूजी (बीवीएससी और एएच) के छात्रों का सिलेब्स में देरी हुई, जिसके कारण बहुत से राज्यों के कॉलेजों में पीजी हेतु काउंसिलिंग में छत्तीसगढ़ के स्थानीय छात्रों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। अन्य राज्य के छात्रों की भी काउंसिलिंग होने से स्थानीय छात्रों को प्रवेश से वंचित होना पड़ सकता था। लेकिन एआईपीसीसी की छात्रहित में आगे से अब स्थानीय छात्रों को प्रवेश में आ रही दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ेगा। विश्वविद्यालय के इस निर्णय का अखिल भारतीय प्रोफेशनल कांग्रेस ने स्वागत किया है।

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शौर्यपथ

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