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जिला प्रशासन की पहल से मातृत्व स्वास्थ्य सेवाओं में हुई वृद्धि

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- 2254 उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं को चिन्हित कर दिया गया उचित उपचार
- जिले में स्वास्थ्य केंद्रों में 31253 प्रसव कराए गए

    दुर्ग / शौर्यपथ / कलेक्टर पुष्पेन्द्र मीणा एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के मार्गदर्शन में जिले के मातृत्व स्वास्थ्य सेवाओं में वृद्धि हुई है। वर्ष 2022-23 में विभाग द्वारा कुल 38309 गर्भवती महिलाओं का पंजीयन किया गया। महतारी लइका दिवस तथा प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस में की जाने वाली ए.एन.सी जाँच में कुल 2254 उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं को चिन्हित किया गया। इन्हें सतत् निगरानी में रखकर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं उपस्वास्थ्य केन्द्र एवं जिला चिकित्सालय में उपचार सेवायें दी गई। इस योजना का लक्ष्य हर गर्भवती महिला को शासकीय अस्पतालों में मातृत्व सेवाएँ निःशुल्क उपलब्ध कराना एवं मातृ एवं शिशु मृत्यु की संख्या को शून्य करना है। इस योजना का लाभ गर्भवती, धात्री (0 से 06 माह) और बीमार शिशु (0 से 12 माह) को मिलेगा। विगत वर्ष मे जिले में 31253 संस्थागत प्रसव हुये है, जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में सिजेरियन ऑपरेशन, सोनोग्राफी, ब्लड की सुविधा उपलब्ध है।
   जिला चिकित्सालय में विगत वर्ष 8662 संस्थागत प्रसव कराये गये है। गर्भवती महिलाओं की जाँच एवं संस्थागत प्रसव सुविधाओं का विस्तार करते हुए विभाग द्वारा जननी सुरक्षा योजना, ब्लड की व्यवस्था, पी.एम.एस. तथा निःशुल्क दवाईयों की सुविधा दी गई है। जिले के समस्त गर्भवती महिलाओं में गर्भावस्था से लेकर प्रसव पश्चात तक किसी भी महिला की मृत्यु होती है तो सुमन योजना के अंतर्गत घर में होने वाले मातृ मृत्यु की सूचना 104 पर कॉल कर एवं खण्ड चिकित्सा अधिकारी उस माता की मृत्यु का सत्यापन करने पर सूचनाकर्ता को 1000 (एक हजार) रूपए की प्रोत्साहन राशि दी जावेगी।

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शौर्यपथ

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