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सीएम बघेल ने किया राजीव गांधी किसान न्याय योजना की पहली किश्त का किया अंतरण , 24 लाख किसान होंगे लाभान्वित

राजीव गाँधी किसान न्याय योजना की पहली क़िस्त ज़ारी राजीव गाँधी किसान न्याय योजना की पहली क़िस्त ज़ारी
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दुर्ग / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री बघेल ने आज सांकरा में हुए भरोसे का सम्मलेन में राजिव गांधी किसान न्याय योजना के हितग्राहियों को पहली किश्त जारी की . प्रदेश सरकार की इस योजना से प्रदेश के साढ़े 24 लाख किसान लाभान्वित होंगे .राजीव गांधी किसान न्याय योजना की पहली किश्त का किया अंतरण ऑनलाइन करने से हितग्राहियों के खाते में सीधे 1895 करोड़ रूपए की पहली किश्त का अंतरण हुआ .राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत राज्य के किसानों को अब तक 18208 करोड़  रूपए की इनपुट सब्सिडी किसानों को आगामी अगस्त, अक्टूबर और मार्च महीने में क्रमशः तीन और किश्तों में राशि दी जाएगी .

   बता दे कि  छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रस्तुत राज्य के बजट में किसानों के कल्याण के लिए 5700 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था जिसके माध्यम से पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के शहीदी दिवस 21 मई 2020 को राजीव गांधी किसान न्याय योजना का शुभारंभ किया गया था।
राजीव गांधी किसान न्याय योजना के लाभार्थी किसान
   छत्तीसगढ़ में कुल कृषि योग्य भूमि 46.77 लाख हेक्टेयर है। राज्य की 70% आबादी कृषि में लगी हुई है और लगभग 37.46 लाख किसान परिवार हैं। इस योजना का उद्देश्य फसल उत्पादन को प्रोत्साहित करना और कृषि क्षेत्र में वृद्धि करना है। योजना के तहत 5750 करोड़ रुपये की राशि चार किश्तों में किसानों के खातों में स्थानांतरित की गई। प्रदेश के 19 लाख किसान इस योजना से लाभान्वित हो रहे हैं। योजना के प्रारंभिक वर्ष में धान, मक्का और गन्ना (रबी) की फसलों को शामिल किया गया। वर्ष 2020-21 में दलहन और तिलहनी फसलों को भी शामिल करने का निर्णय लिया गया है। छत्तीसगढ़ सरकार ने राजीव गांधी किसान न्याय योजना के दूसरे चरण में राज्य के भूमिहीन खेतिहर मजदूरों को भी शामिल करने का फैसला लिया है। इस योजना के तहत किसानों को आगामी खरीफ सीजन की तैयारी के लिए 17 अक्टूबर 2022 को 1745 करोड़ रुपये मिले। राज्य में लगभग 24 लाख किसानों के बैंक खातों में सीधे इनपुट सब्सिडी के रूप में राशि हस्तांतरित की गई। इसमें खरीफ सीजन की मुख्य फसल धान लेने वाले, खरीफ की अन्य फसलें लेने वाले, धान के बदले दूसरी फसल लेने वाले और पेड़ लगाने वाले किसान शामिल हैं।

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शौर्यपथ

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