दुर्ग। शौर्यपथ । भ्रष्टाचार की बात करें तो दुर्ग नगर निगम में भ्रष्टाचार का मामला हर विभाग में देखा जा सकता है किंतु वर्तमान में बाजार विभाग में जिस तरह से भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है उस शहर की आम जनता को मानसिक एवं आर्थिक नुकसानों का सामना करना पड़ रहा है जगह-जगह अतिक्रमण के कारण यातायात को प्रभावित हो रहा है साथ ही भेजो कब्जाधारियों पर कार्यवाही ना कर बाजार विभाग निशाने पर आ चुका है कुछ दिनों पहले दुर्ग कलेक्टर ने सड़क किनारे लगाने वाले वेंडर के लिए वेंडर जोन बनाने निर्देश दिया था जिसे निर्माण कर आवंटित भी कर दिया गया किंतु मुख्य जिम्मेदारी बाजार विभाग की थी जिनके द्वारा इन वेंडरों को उनके आबंटित स्थान पर स्थापित करना किंतु बाजार विभाग द्वारा लगातार मामले की अनदेखी की जा रही है और आज भी सड़कों पर अतिक्रमण का बोलबाला देखने को मिल जाता है किसी विभाग में एक शासकीय कर्मचारी होते हैं और एक जनप्रतिनिधि होता है दुर्ग के बाजार विभाग में बाजार विभाग की जिम्मेदारी गृह मंत्री के समर्थक ऋषभ जैन की है किंतु इसे ऋषभ जैन की निष्क्रियता ही कहा जा सकता है कि आज शहर में जगह-जगह अतिक्रमण का रेला है वही एक बड़ा मामला सामने आ रहा है जिसमें बाजार विभाग द्वारा इंदिरा मार्केट में लाखों रुपए की दुकान मुफ्त में दे दी गई वैकल्पिक व्यवस्था के नाम पर किसी भी मामले में वैकल्पिक व्यवस्था चंद दिनों की होती है किंतु बाजार विभाग के संरक्षण में दुर्ग में इंदिरा मार्केट स्थिति निर्मित पुलिस चौकी को बाजार विभाग द्वारा बिना लिखा पड़ी के मुफ्त में दे दी गई है । इस मामले पर ना तो संतुष्टि पूर्वक जवाब बाजार विभाग दे पा रहा है और ना ही बाजार प्रभारी।
बता दें कि दुर्ग शहर दुर्ग नगर निगम में बाजार विभाग के अधिकारी जावेद अली हैं एवं बाजार विभाग प्रभारी ऋषभ जैन है ऋषभ जैन जिन्होंने सबसे पहले विधायक प्रत्याशी के लिए अपनी दावेदारी पेश की है वर्तमान में कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा दावेदारी पेश करने का एक सिलसिला शुरू हुआ है जिसमें ऋषभ जैन ने भी अपने दावेदारी पेश की है शहर में आम चर्चा का विषय है कि जो व्यक्ति से एक बाजार विभाग नहीं संभाल रहा है वह पूरे शहर की कमान क्या संभालेगा ।