दुर्ग। शौर्यपथ । दुर्ग शहर से कांग्रेस प्रत्याशी अरुण द्वारा एक तरफ मुख्यमंत्री की योजनाओं का सहारा लेकर चुनावी जंग में उतरे हैं वहीं मुख्यमंत्री की योजनाओं में खुलकर भ्रष्टाचार पर आंख मूंदे बैठे हैं । राजीव युवा मितान क्लब में हो रहा है भ्रष्टाचार में विधायक पुत्र सुमित वोरा की संलिप्तता अब दुर्ग शहर में चर्चा का विषय बन गई है जिसमें विवेक मिश्रा के कंधे पर बंदूक रखकर सारा घोटाला होता नजर आ रहा है । सुमित वोरा के हस्तक्षेप की जानकारी दुर्ग शहर विधायक को ना हो ऐसा होना मुमकिन नहीं इसके बावजूद भ्रष्टाचार को अंजाम दे दिया गया और राजीव युवा मितान क्लब के लाखों रुपए का आहरण हो गया । हो सकता है चुनावी खर्चे में भी इसी राशि का उपयोग कर दिया गया हो या जांच का विषय है जो आज नहीं तो कल होगी ही क्योंकि यह पैसा सरकार का है और सरकार को इस पैसे का हिसाब प्रत्येक क्लब को देना ही होगा अब एक नया मामला आया है जिसमें विधायक के साथ प्रचार प्रसार कर रही धनश्री स्व सहायता समूह की अध्यक्ष सरस्वती साहू जो बस स्टैंड स्थित रैन बसेरा संचालित करती थी किंतु अनियमिता के चलते नगर पालिका निगम द्वारा दो महीने पहले ही उनकी निविदा रद्द कर दी बावजूद इसके विधायक वोरा के संरक्षण में अभी तक अवैधानिक रूप से रैन बसेरा पर कब्जा किए हुए हैं क्या ऐसे भ्रष्टाचारियों का साथ देने वाले कांग्रेस प्रत्याशी अरुण वोरा को आम जनता अपना नया विधायक चुनेगी क्या भ्रष्टाचार पर आम जनता मुहर लगाएगी ।
आम जनता को अब यह सोचना होगा कि भ्रष्टाचारियों का साथ देने वाले शासन की योजनाओं में अनियमितता करने वाले और अपरोक्ष रूप से संरक्षण देने वाले व्यक्ति को शहर का विधायक होना चाहिए या साफ छवि वाले व्यक्ति को शहर का प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए ।