दुर्ग | शौर्यपथ |
जहां आमतौर पर ट्रक यूनियनों की पहचान केवल हड़ताल और मांगों तक सीमित रहती है, वहीं भिलाई ट्रक ट्रेलर ट्रांसपोर्ट्स एसोसिएशन ने सामाजिक ज़िम्मेदारी की एक मिसाल कायम की है। यह प्रदेश की पहली यूनियन बन गई है जिसने ट्रांसपोर्ट क्षेत्र से जुड़े 1000 से अधिक ड्राइवरों, हेल्परों और सुपरवाइज़रों को ₹5 लाख तक की जीवन सुरक्षा बीमा योजना से लाभान्वित किया है।
समर्पण और सुरक्षा का संगम
खुर्सीपार स्थित एसोसिएशन कार्यालय में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में न केवल बीमा पॉलिसी वितरित की गईं, बल्कि हेलमेट वितरण और पर्यावरण संरक्षण जैसे सराहनीय पहलुओं को भी जोड़ा गया।
1100 से अधिक ट्रांसपोर्ट कर्मियों को बीमा कवच, हेलमेट, और पौधे वितरित कर यूनियन ने मानवता, सुरक्षा और प्रकृति संरक्षण – तीनों की दिशा में एक साथ कदम बढ़ाया।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति
यू.बी.एस. चौहान – संयुक्त परिवहन आयुक्त (मुख्य अतिथि) ,एएसपी सुखनंदन राठौर, सीएसपी हरीश पाटिल, सीएसपी सत्यप्रकाश तिवारी सीमेंट संगठन अध्यक्ष अंजय शुक्ला, एसोसिएशन अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह इन सभी अतिथियों का मंच पर सम्मान किया गया और उन्होंने इस आयोजन की सराहना करते हुए इसे पूरे प्रदेश के लिए अनुकरणीय बताया।
> "यह जनहित में एक ऐतिहासिक और प्रेरणादायक कदम है, जिससे अन्य संगठन भी सीख ले सकते हैं।" – यू.बी.एस. चौहान
संगठन की सोच: सिर्फ मांग नहीं, ज़िम्मेदारी भी
एसोसिएशन अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह ने बताया कि > "हमारा लक्ष्य सिर्फ हक की बात करना नहीं, बल्कि अपने साथियों की ज़िंदगी को सुरक्षित बनाना है।"उन्होंने बताया कि सड़क हादसों में कई ड्राइवरों की जान चली जाती है और उनके परिवारों को कोई सहायता नहीं मिलती। यह बीमा योजना इसी दर्दनाक हकीकत से प्रेरित होकर शुरू की गई है।
प्रकृति से भी किया रिश्ता – हर हाथ में एक पौधा
कार्यक्रम का समापन एक खास संदेश के साथ हुआ – हर ट्रांसपोर्ट कर्मी को एक पौधा भेंट किया गया, और उनसे आग्रह किया गया कि वे उसे लगाकर उसकी देखभाल करें। यह न केवल पर्यावरण जागरूकता की दिशा में कदम था, बल्कि यह दिखाता है कि यह संगठन अपने कर्मियों के साथ-साथ प्रकृति के प्रति भी उत्तरदायी है।
एक नई दिशा, एक नई परिभाषा
भिलाई ट्रक ट्रेलर ट्रांसपोर्ट्स एसोसिएशन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि संगठन केवल आंदोलन और मांगों के लिए नहीं, बल्कि समाज निर्माण में भागीदार बनने के लिए भी होते हैं। यह कदम न सिर्फ ट्रांसपोर्ट सेक्टर, बल्कि समूचे छत्तीसगढ़ के लिए एक प्रेरणा है।