दुर्ग/ शौर्यपथ / गजानन नगर निवासी तारिणी चौबे की इच्छा थी कि उनकी मृत्यु के बाद उनका देहदान किया जाए। हालांकि तकनीकी कारणों से उनका देहदान नहीं हो सका। उनकी तेरहवीं पर पूरे परिवार ने देहदान का संकल्प लिया। आज उनके पुत्र श्री अजय कुमार चौबे के निधन के पश्चात परिवार ने मां को श्रद्धांजलि देते हुए अजय का देहदान कर अजय की इच्छा का सम्मान किया।
परिवार की भावनात्मक श्रद्धांजलि
चौबे परिवार के सदस्यों ने देहदान के लिए सहमति दी और इस पुनीत कार्य को पूर्ण किया। भाई विजय चौबे ने कहा कि भाई के आकस्मिक निधन से पूरा परिवार सदमे में है, लेकिन उनके देहदान से परिवार हमेशा प्रेरणा लेता रहेगा।
नवदृष्टि फाउंडेशन का सहयोग
नवदृष्टि फाउंडेशन के सदस्यों ने इस पूरे समय में सहयोग दिया और देहदान की प्रक्रिया को पूर्ण करने में मदद की। श्री शंकराचार्य मेडिकल कॉलेज की एनाटॉमी विभाग की प्रमुख अंजलि वंजारी के निर्देश पर संदीप रिशबुड, दीपक रवानी और दयाराम ने देहदान प्रक्रिया पूर्ण की।
समाज को सकारात्मक संदेश
कुलवंत भाटिया ने कहा कि चौबे परिवार ने समाज को सकारात्मक संदेश दिया है और निश्चित ही इससे समाज में देहदान हेतु जागरूकता बढ़ेगी। इस अवसर पर बड़ी संख्या में करीबी रिश्तेदार और मित्रगण उपस्थित थे जिन्होंने श्री अजय कुमार चौबे को श्रद्धांजलि दी और चौबे परिवार को साधुवाद दिया।