दुर्ग / शौर्यपथ न्यूज /
विद्यालयों और कॉलेजों के आसपास नशीले और तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर रोक के सुप्रीम कोर्ट के निर्देश और कोटपा अधिनियम 2003 (ष्टह्रञ्जक्क्र) की धारा 6(ड्ढ) के प्रावधानों के तहत नगर निगम दुर्ग द्वारा लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में बुधवार को निगम की संयुक्त टीम ने शहर के विभिन्न स्कूल-कॉलेजों के आसपास औचक जांच अभियान चलाया, जिसमें बीड़ी, सिगरेट, गुटखा और तंबाकू जैसे प्रतिबंधित पदार्थ जब्त किए गए तथा 7000 से अधिक का जुर्माना वसूला गया।
सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की पृष्ठभूमि
भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने अपने विभिन्न आदेशों में स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि विद्यालयों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों के 100 गज (लगभग 91 मीटर) के दायरे में किसी भी प्रकार के तंबाकू उत्पादों की बिक्री पूर्णत: प्रतिबंधित है। यह गाइडलाइन देशभर में लागू है और सभी राज्य सरकारों व नगर निकायों को इसके पालन का निर्देश है। इसके उल्लंघन को बाल अधिकारों के हनन के रूप में देखा जाता है।
निगम की कार्रवाई - प्रतिबंधित वस्तुएं जब्त
होटल-बेकरी पर भी कार्रवाई
नगर निगम आयुक्त सुमित अग्रवाल के निर्देश पर गठित विशेष दल ने अतिक्रमण अधिकारी परमेश्वर यादव के नेतृत्व में बाजार निरीक्षण अधिकारी ईश्वर वर्मा, शशिकांत यादव तथा निगम अमले के साथ बोरसी वार्ड क्रमांक 52, शासकीय स्कूल, विश्वदीप स्कूल और आसपास के क्षेत्र में व्यापक जांच अभियान चलाया।
टीम ने मौके पर मौजूद दुकानों और ठेलों से बीड़ी, सिगरेट, गुटखा, तंबाकू उत्पादों को जब्त किया और संबंधित दुकानदारों पर जुर्माना ठोका। इसके साथ ही भिलाई बेकरी और एक नॉनवेज होटल से डिस्पोजल आइटम और झिल्ली के उपयोग पर भी कानूनी कार्यवाही की गई और जुर्माना वसूला गया।
क़ानूनी पृष्ठभूमि: कोटपा अधिनियम 2003
यह अभियान ष्टह्रञ्जक्क्र ्रष्ह्ल, 2003 के तहत संचालित किया गया, जिसमें धारा 6(ड्ढ) के अंतर्गत शैक्षणिक संस्थानों से 100 गज की परिधि में तंबाकू उत्पादों की बिक्री प्रतिबंधित है। उल्लंघन करने वालों पर 200 से 5000 तक का जुर्माना तथा आगे कठोर कार्रवाई का प्रावधान है। इसके अतिरिक्त, धारा 4 के तहत सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान वर्जित है।