भिलाई/6 जुलाई 2025 | संवाददाता
छत्तीसगढ़ के भिलाई शहर से एक अत्यंत चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ दुर्ग पुलिस ने एक अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए दो युवतियों सहित कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरोह के सदस्य कॉल सेंटर की आड़ में अमेरिका और कनाडा के नागरिकों को निशाना बनाकर लाखों डॉलर की साइबर ठगी कर रहे थे।
? कॉल सेंटर की आड़ में तकनीकी ठगी का गोरखधंधा
दुर्ग पुलिस को शनिवार को मुखबिर से सूचना मिली थी कि भिलाई के चौहान टाउन इलाके में एक मकान में महिला और पुरुष मिलकर अवैध कॉल सेंटर चला रहे हैं, जहां से इंटरनेट, लैपटॉप, ई-सिम और सॉफ्टवेयर वायरस के माध्यम से विदेशियों को फंसाया जा रहा है। सूचना के आधार पर नगर पुलिस अधीक्षक भिलाई नगर के नेतृत्व में थाना सुपेला और स्मृतिनगर चौकी पुलिस टीम ने तत्काल दबिश दी।
मौके से 6 पुरुष, 2 महिलाएं और एक होटल में रुका मुख्य सरगना अर्जुन शर्मा को गिरफ्तार किया गया। मौके पर लैपटॉप, मोबाइल, वाई-फाई राउटर, फर्जी आईडी दस्तावेज, नगदी व वाहन समेत कुल 13 लाख रुपए की संपत्ति जब्त की गई।
? अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी का पूरा नेटवर्क उजागर
जांच में सामने आया कि यह गिरोह फर्जी ई-सिम का उपयोग कर अमेरिका और कनाडा के लोगों के मोबाइल व कंप्यूटर में वायरस (Bug) भेजता था। फिर उन्हें कॉल कर बताया जाता था कि उनके सिस्टम में वायरस है जिसे हटाने के लिए शुल्क देना होगा।
इन विदेशी नागरिकों से 80 से 200 डॉलर तक की वसूली की जाती थी, और भुगतान क्रिप्टो करेंसी (USDT) के रूप में ई-वॉलेट में लिया जाता था। भुगतान होते ही पीड़ित के सिस्टम से वायरस हटा दिया जाता था और उनका मोबाइल नंबर ब्लॉक कर दिया जाता था, जिससे वे दोबारा संपर्क न कर सकें।
? हवाला और टेलीग्राम के जरिए संचालित होता था पैसा और गिरोह
मुख्य आरोपी अर्जुन शर्मा और उसके सहयोगी सम्यक द्वारा यह पूरी ठगी टेलीग्राम चैनल के माध्यम से संचालित की जाती थी। ठगी से प्राप्त क्रिप्टो करेंसी में से 15-20% कमीशन काटकर हवाला चैनलों के माध्यम से रकम अर्जुन तक पहुंचाई जाती थी, और शेष राशि गिरोह में बंटती थी। गिरोह के सदस्यों को 25,000 से 30,000 रुपये मासिक वेतन पर काम पर रखा गया था।
? पुलिस ने जिन धाराओं में की कार्रवाई:
पुलिस ने सभी आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता की धारा 319(2), 318(4), 336(3), 61(2) बीएनएस, आईटी एक्ट की धारा 66(डी) और टीसी एक्ट 42(2) के तहत गंभीर आपराधिक प्रकरण दर्ज कर गिरफ्तार किया है।
? गिरफ्तार आरोपी इस प्रकार हैं:
-
संतोष थापा, 24 वर्ष, शिलॉंग, मेघालय
-
मुकेश नाथ, 24 वर्ष, शिलॉंग, मेघालय
-
विवेक देव, 24 वर्ष, शिलॉंग, मेघालय
-
विशाल कर, 26 वर्ष, शिलॉंग, मेघालय
-
अनिश आर्यन, 29 वर्ष, भागलपुर, बिहार
-
अर्जुन शर्मा (मुख्य सरगना), 23 वर्ष, फरीदाबाद, हरियाणा
-
अमित कुमार सिंह, 30 वर्ष, नई दिल्ली
-
पियाली देव, 24 वर्ष, शिलॉंग, मेघालय
-
रिया राय, 27 वर्ष, भिलाई, छत्तीसगढ़
? बरामद सामग्री का ब्यौरा:
-
12 लैपटॉप
-
14 मोबाइल फोन
-
3 वाई-फाई राउटर
-
7 हैडफोन
-
10 चार्जर वायर
-
फर्जी दस्तावेज: आधार, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड
-
एक एक्टिवा वाहन
-
₹2.55 लाख नगद
-
कुल जब्ती: ₹13 लाख के आसपास
? पुलिस का बयान:
दुर्ग पुलिस ने इसे अब तक की सबसे संगठित और अंतर्राष्ट्रीय साइबर ठगी गिरोह की गिरफ्तारी करार दिया है। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य नेटवर्क और हवाला चैनल की भी जांच कर रही है। गिरोह से जुड़े और भी लोगों की गिरफ्तारी की संभावना जताई गई है।
? संपादकीय टिप्पणी:
भिलाई जैसे शांत औद्योगिक शहर में अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी रैकेट का खुलासा देशभर में युवाओं के नाम पर चल रहे अवैध कॉल सेंटरों की वास्तविकता को उजागर करता है। यह घटना यह भी दर्शाती है कि तकनीकी जानकारी का दुरुपयोग किस हद तक किया जा सकता है जब कानून और नैतिकता के दायरे से बाहर काम किया जाए।