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बालवत स्वभाव से प्रसन्न होते हैं भगवान: अरोरा

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बेलौदी में स्व. उदय राम पारकर की स्मृति में भागवत कथा जारी
दुर्ग ग्रामीण / शौर्यपथ / समीपस्थ ग्राम बेलौदी में स्व. उदय राम पारकर की स्मृति में आयोजित भागवत कथा में अंतर्राष्ट्रीय कथावाचक बाल योगी विष्णु अरोरा महाराज (जेवरा रतलाम मध्यप्रदेश) का प्रवचन 10 दिसंबर से जारी है। शिवनाथ नदी की पावन तट पर स्थित ग्राम बेलौदी में श्रीमद् भागवत ज्ञान यज्ञ में पहले दिन उन्होंने श्रीमद् भागवत के महत्व पर विशेष प्रकाश डाला एवं वेदव्यास द्वारा श्रीमद् भागवत लेखन के महत्व को समझाया। दूसरे दिन उन्होंने नारद चरित्र के माध्यम से महाभारत में धर्म युद्ध को भगवान श्रीकृष्ण द्वारा जीवन में धर्म और कर्म का सामंजस्य स्थापित करने के बारे में बताया। इस दौरान विष्णु अरोरा महाराज ने कहा कि हमारी अवस्था कुछ भी हो लेकिन स्वभाव बालवत् यानी अहंकार रहित हो तो भगवान जल्दी प्रसन्न हो जाते हैं। इसी तरह तीसरे दिन उन्होंने भगवान कृष्ण की माखन चोरी की लीला का व्याख्यान दिया।
कंस वध की कथा में तात्विक विवेचन करते हुए उन्होंने कंस का आध्यात्मिक स्वरूप कसाई से लिया जिसमें क्रूरता निर्दयता बुराई भरी होती है। भगवान श्री कृष्ण मथुरा गए मथुरा में धोबी दरजी आदि का उद्धार करते हुए पांच पहलवानों से होकर गुजरे फिर कंस के सामने पहुंच गए कंस वध के पश्चात भगवान श्री कृष्ण व रुक्मणी विवाह का प्रसंग सुनाया। पिता भीष्मक माता सुद्ममती ने अपनी पुत्री रुक्मणी जो कि लक्ष्मी का अवतार है।श्री कृष्णा यानी नारायण को समर्पित करना चाहते हैं। भिस्मक यानी संकल्प कर्म तथा रानी शुद्धमती यानी अच्छे विचार। शीशपाल का अर्थ बताते हुए कहा कि समाज में लोग धन कमाते हैं पर बच्चों के पालन का उद्देश्य रखते हैं यह शीशपाल की भावना पीढ़ी दर पीढ़ी चलती रहती है। उन्होंने कहा कि रुक्मणी ने भगवान कृष्ण को सात श्लोक में पत्र लिखे यह पत्र प्रेम-पत्र न होकर साधना का पत्र है जिसे भगवान ने बिना शर्त के तुरंत स्वीकार कर लिया और रुक्मणी को गौरी पूजा कर वापस आ रही रूकमणी स्वीकार कर लिया। कथा कहती है कि केवल नारायण को पाने का संकल्प के साथ पूजा साधना मंदिर जाना व्रत आदि भी हो जैसे रुक्मिणी मंदिर गई और कृष्णा को पाई गई अब श्री कृष्ण भगवान ने द्वारका में विधि- विवाह संपन्न किया।
आयोजक दुर्गा प्रसाद पारकर, मुकुंद प्रसाद पारकर एवं समस्त पारकर परिवार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार भागवत कथा के दौरान अंचल के गणमान्य विशिष्ट जनों का आगमन प्रति दिवस हो रहा है जिसमें पूर्व कैबिनेट मंत्री रमशीला साहू, पूर्व विधायक दयाराम साहू, पूर्व कैबिनेट मंत्री ताम्रध्वज साहू, पूर्व मंत्री जागेश्वर साहू, विधायक कुंवर सिंह निषाद, रिवेन्द्र यादव, प्रीतपाल बेलचंदन, जीवन लाल वर्मा, हेमंत सिन्हा, संतोषी कृष्ण देशमुख साथ ही क्षेत्र के गणमान्य लोग शामिल हैं।

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