व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने के लिए बाजार, अतिक्रमण और राजस्व शाखा में व्यापक बदलाव—तत्काल प्रभाव से आदेश लागू
दुर्ग | शौर्यपथ
नगर पालिका निगम दुर्ग में प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक सुदृढ़ और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से आयुक्त सुमित अग्रवाल (IAS) ने बड़ा निर्णय लेते हुए कई अधिकारियों और कर्मचारियों के दायित्वों में व्यापक फेरबदल किया है। जारी आदेश (दिनांक 07 अप्रैल 2026) के अनुसार यह परिवर्तन तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
अतिक्रमण और बाजार शाखा में अहम बदलाव
आदेश के तहत सबसे महत्वपूर्ण बदलाव अतिक्रमण शाखा और बाजार विभाग में देखने को मिला है—
श्री ईश्वर वर्मा (राजस्व उपनिरीक्षक) को बाजार विभाग से मुक्त करते हुए अब प्रभारी अतिक्रमण शाखा का अतिरिक्त दायित्व सौंपा गया है।
श्री परमेश्वर कुमार (सहायक राजस्व निरीक्षक) को अतिक्रमण शाखा में पदस्थ करते हुए बाजार शाखा का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
यह स्पष्ट संकेत है कि निगम अब अतिक्रमण नियंत्रण को लेकर सक्रिय मोड में आने की तैयारी में है।
राजस्व और बाजार प्रबंधन में पुनर्संतुलन
श्री अभ्युदय मिश्रा (सहायक ग्रेड-03) को केवल प्रभारी अधिकारी बाजार शाखा का दायित्व सौंपा गया है, साथ ही राजस्व विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है।
वहीं श्री थानसिंह यादव (राजस्व उपनिरीक्षक) को सहायक राजस्व अधिकारी के प्रभार से मुक्त किया गया है।
स्टोर और भवन शाखा में भी बदलाव
श्रीमती साक्षी चौहान (सहायक राजस्व निरीक्षक) को उनके मूल कार्यों के साथ-साथ नोडल अधिकारी, स्टोर शाखा का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
एक अधिकारी का स्थानांतरण
श्री चंदन मनहरे (राजस्व उपनिरीक्षक) को राजस्व विभाग से स्थानांतरित कर सचिवालय में पदस्थ किया गया है।
“तत्काल प्रभाव” का संदेश
आदेश में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि
? यह सभी परिवर्तन तत्काल प्रभाव से लागू होंगे,
जिससे यह संकेत मिलता है कि निगम प्रशासन अब कार्यप्रणाली में तेजी और जवाबदेही लाने के मूड में है।
क्या अब दिखेगा असर?
इस फेरबदल को ऐसे समय में किया गया है, जब
? शहर में अतिक्रमण और प्रशासनिक निष्क्रियता को लेकर सवाल उठ रहे हैं
अब सबसे बड़ा सवाल यही है—
क्या यह प्रशासनिक बदलाव जमीनी स्तर पर असर दिखाएगा, या फिर यह भी सिर्फ कागजी कवायद बनकर रह जाएगा?
निगम आयुक्त सुमित अग्रवाल के इस फैसले से स्पष्ट है कि प्रशासन अब “एक्शन मोड” में आने का संकेत दे रहा है—अब नजरें इस बात पर टिकी हैं कि बदलाव का असर शहर की सड़कों और व्यवस्था में कितना दिखता है।