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निष्क्रिय बाजार विभाग पर सवाल” — अभ्युदय मिश्रा और शेखर चंद्राकर की अनदेखी में बस स्टैंड पार्किंग पर कब्जे का खेल! Featured

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दुर्ग। शौर्यपथ। शहर के बस स्टैंड पार्किंग क्षेत्र में अवैध कब्जों का मामला लगातार गहराता जा रहा है। आरोप है कि प्रवीण इंजीनियरिंग संस्था के संचालक द्वारा एक छोटे से प्याऊ घर के निर्माण की आड़ में बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया गया है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इस ओर आंखें मूंदे बैठे हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस संबंध में बाजार विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों को कई बार सूचित किया गया, लेकिन हर बार “देखते हैं” कहकर मामले को टाल दिया गया। नतीजा यह हुआ कि अब पार्किंग क्षेत्र में धीरे-धीरे अतिक्रमण का दायरा बढ़ता जा रहा है।

गौरतलब है कि जिस स्थान पर प्याऊ घर बनाया जा रहा है, उसके ठीक पास ही नगर निगम द्वारा वाटर एटीएम पहले से संचालित है। ऐसे में सामाजिक सेवा के नाम पर यह निर्माण संदेह के घेरे में आ गया है। लोगों का आरोप है कि यह पूरा मामला दिखावे की आड़ में जमीन कब्जाने की सुनियोजित कोशिश है।

सबसे बड़ा सवाल बाजार अधिकारी अभ्युदय मिश्रा और बाजार प्रभारी शेखर चंद्राकर की कार्यप्रणाली पर उठ रहा है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि दोनों अधिकारी इस पूरे मामले में निष्क्रिय बने हुए हैं, जिससे अवैध कब्जाधारियों के हौसले बुलंद हैं। बिना विभागीय मिलीभगत के इस तरह का कब्जा संभव नहीं माना जा रहा।

निगम प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि अगर उच्च अधिकारी स्थल निरीक्षण करें तो पूरे कब्जे का खेल उजागर हो सकता है।

वहीं, अब निगाहें शहर की महापौर अलका बाघमार पर टिक गई हैं। जनता का मानना है कि निगम की कमान संभालने वाली महापौर की जिम्मेदारी बनती है कि वे अपने विभागीय प्रभारियों की कार्यप्रणाली पर नजर रखें और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करें।

स्थानीय नागरिकों की मांग है कि पार्किंग क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त कराते हुए दोषी अधिकारियों और कब्जाधारियों पर तत्काल कार्रवाई की जाए, ताकि सार्वजनिक स्थानों का संरक्षण हो सके और आम जनता को राहत मिल सके।

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शौर्यपथ

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