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रेलवे की बड़ी कार्रवाई: जल शोधन संयंत्र के लिए 48 परिवारों को बेदखली का नोटिस, भिलाई-3 में हड़कंप

  • rounak group

भिलाई-3: रेलवे प्रशासन ने भिलाई-3 क्षेत्र में अवैध कब्जों के खिलाफ एक बड़ा अभियान छेड़ दिया है। रेलवे की बेशकीमती भूमि को खाली कराने के लिए 48 से अधिक परिवारों को अंतिम नोटिस जारी किया गया है, जिसके बाद से पूरे इलाके में तनाव और चिंता का माहौल है।

? कार्रवाई का मुख्य कारण: 'वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट' का निर्माण

रेलवे विभाग के अनुसार, जिस जमीन पर वर्तमान में कब्जा है, वहां एक जल शोधन संयंत्र (Water Treatment Plant) का निर्माण प्रस्तावित है। इस महत्वपूर्ण परियोजना को समय पर शुरू करने के लिए रेलवे प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है।

? नोटिस की मुख्य बातें

आदेश की जानकारी: रायपुर के अपर मंडल रेल प्रबंधक (ऑपरेशन) एवं राजसंपदा अधिकारी ने आदेश क्रमांक "बलवंत नेताम +45 अन्य/46/2025" के तहत यह नोटिस जारी किया है।

समय सीमा: कब्जाधारियों को 15 दिनों के भीतर जगह खाली करने का अल्टीमेटम दिया गया है।

चेतावनी: यदि तय समय में निर्माण नहीं हटाया गया, तो रेलवे स्वयं प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई कर इसे ध्वस्त कर देगा। कार्रवाई के दौरान होने वाले नुकसान की जिम्मेदारी कब्जाधारियों की होगी।

?️ प्रभावित परिवारों में रोष, महापौर से लगाई गुहार

नोटिस जारी होते ही बड़ी संख्या में महिलाएं नगर निगम कार्यालय पहुंचीं और महापौर निर्मल कोसरे से मुलाकात की। निवासियों का कहना है कि वे वर्षों से वहां रह रहे हैं और अचानक बेदखली से उनके सामने छत का संकट खड़ा हो गया है। उनकी मांग है कि बिना वैकल्पिक व्यवस्था या पुनर्वास के उन्हें न हटाया जाए।

? महापौर का रुख: "मानवीय दृष्टिकोण अपनाना जरूरी"

भिलाई-चरोदा नगर निगम के महापौर निर्मल कोसरे ने इस मामले में प्रभावित परिवारों का समर्थन किया है। उनके वक्तव्य के मुख्य बिंदु:

मानवीय संवेदना: उन्होंने रेलवे अधिकारियों से चर्चा कर मानवीय दृष्टिकोण अपनाने का आग्रह किया है।

प्राथमिकता: महापौर ने कहा कि विकास कार्य जरूरी हैं, लेकिन गरीब परिवारों की समस्याओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

निगम का साथ: निगम प्रशासन प्रभावितों के साथ खड़ा है और उनकी बात शासन व रेलवे तक पहुंचाकर उचित समाधान निकालने का प्रयास करेगा।

अब क्षेत्र में यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि रेलवे की विकास योजना और गरीब परिवारों के आशियाने के बीच प्रशासन क्या बीच का रास्ता निकालता है।

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