दुर्ग, । विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर शासकीय वी.वाई.टी. पीजी स्वशासी महाविद्यालय, दुर्ग परिसर हरियाली और पर्यावरण संरक्षण के संदेश से गूंज उठा। 37 छत्तीसगढ़ बटालियन एनसीसी के तत्वावधान में आयोजित वृक्षारोपण एवं पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम में एनसीसी कैडेटों, प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लेते हुए प्रकृति संरक्षण का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के दौरान एनसीसी के 30 कैडेटों ने विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपित कर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सार्थक पहल की। महाविद्यालय परिसर में लगाए गए पौधों ने न केवल हरित वातावरण का संदेश दिया, बल्कि युवाओं की प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और जिम्मेदारी को भी प्रदर्शित किया।
इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अजय कुमार सिंह ने कहा कि बढ़ते पर्यावरणीय संकट और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के बीच वृक्षारोपण केवल एक अभियान नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी नैतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने विद्यार्थियों से अधिकाधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने का आह्वान करते हुए कहा कि वृक्ष ही मानव जीवन, जैव विविधता और सतत विकास के सबसे मजबूत आधार हैं।
एनसीसी अधिकारी लेफ्टिनेंट प्रशांत दुबे ने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस का उद्देश्य केवल एक दिन पौधे लगाना नहीं, बल्कि युवाओं में पर्यावरण संरक्षण के प्रति दीर्घकालिक चेतना विकसित करना है। उन्होंने कहा कि प्रकृति के संरक्षण में युवाओं की सक्रिय भागीदारी ही हरित और स्वच्छ भारत के निर्माण का मार्ग प्रशस्त करेगी।
कार्यक्रम में शासकीय संगीत महाविद्यालय दुर्ग की प्राचार्य डॉ. रिचा ठाकुर, वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. जगजीत कौर सलूजा, डॉ. एस.डी. देशमुख, डॉ. संजू सिन्हा, डॉ. सीतेश्वरी चन्द्राकर, डॉ. प्रशांत श्रीवास्तव, डॉ. मीना मान एवं डॉ. मोतीराम साहू सहित अन्य शिक्षकों और विद्यार्थियों ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
कार्यक्रम के समापन पर सभी उपस्थितजनों ने पर्यावरण संरक्षण, हरित आवरण में वृद्धि तथा स्वच्छ, स्वस्थ और संतुलित पर्यावरण के निर्माण हेतु सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया। महाविद्यालय परिसर में आयोजित यह आयोजन पर्यावरण के प्रति जागरूकता, सामाजिक उत्तरदायित्व और युवा शक्ति की सकारात्मक भागीदारी का प्रेरणादायी उदाहरण बन गया।