भिलाई। भिलाई टाउनशिप क्षेत्र में लीज, सब-लीज, रिटेंशन एवं लाइसेंस नवीनीकरण शुल्क से संबंधित नई नीति लागू होने के बाद सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं में खुशी का माहौल है। इसी क्रम में हिन्दू मिलन मंदिर प्रगति नगर रिसाली, भारत सेवा आश्रम एवं काली बाड़ी समिति के पदाधिकारियों ने Vijay Baghel से उनके सेक्टर-5 स्थित निवास कार्यालय में सौजन्य भेंट कर अभिनंदन किया तथा इस महत्वपूर्ण पहल के लिए आभार व्यक्त किया।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में लीज एवं सब-लीज नवीनीकरण शुल्क में हुई भारी वृद्धि के कारण सामाजिक, धार्मिक एवं जनसेवा से जुड़ी संस्थाओं के समक्ष आर्थिक चुनौतियां खड़ी हो गई थीं। नई नीति के तहत ऐसी संस्थाओं के लिए मात्र एक रुपये की प्रतीकात्मक राशि पर लीज आवंटन एवं नवीनीकरण का प्रावधान किए जाने से उन्हें बड़ी राहत मिली है।
हिन्दू मिलन मंदिर प्रगति नगर रिसाली एवं भारत सेवा आश्रम के पदाधिकारियों ने बताया कि इस विषय को सांसद विजय बघेल ने लगातार गंभीरता से उठाया। उन्होंने केंद्रीय इस्पात मंत्रालय एवं संबंधित अधिकारियों के समक्ष सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं की समस्याओं को प्रभावी ढंग से रखा और समाधान के लिए लगातार प्रयास किए। उनके निरंतर प्रयासों का ही परिणाम है कि नई नीति लागू हो सकी, जिससे अनेक संस्थाओं को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
नई नीति लागू होने पर काली बाड़ी समिति सेक्टर-6 के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने भी सांसद का अभिनंदन करते हुए इसे सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं के लिए ऐतिहासिक राहत बताया। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से संस्थाओं की आर्थिक चिंता कम होगी और वे समाजसेवा, सांस्कृतिक तथा धार्मिक गतिविधियों को और अधिक प्रभावी ढंग से संचालित कर सकेंगी।
इस अवसर पर विभिन्न संस्थाओं के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने सांसद के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनहित से जुड़े मुद्दों पर उनकी सक्रियता क्षेत्र के लिए लाभकारी सिद्ध हो रही है।
अभिनंदन के दौरान सांसद विजय बघेल ने सभी पदाधिकारियों का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि सामाजिक, धार्मिक एवं जनसेवा संस्थाएं समाज की महत्वपूर्ण धरोहर हैं। उनके हितों की रक्षा तथा क्षेत्र की जनसमस्याओं के समाधान के लिए वे भविष्य में भी निरंतर प्रयासरत रहेंगे।
नई नीति से भिलाई टाउनशिप की सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं को मिली राहत को क्षेत्र में जनहित से जुड़ा महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है।