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भिलाई निगम में करोड़ों के निर्माण कार्यों पर उठे सवाल, उपनेता प्रतिपक्ष दया सिंह ने मांगी EOW जांच; मंत्री अरुण साव ने दिए जांच के निर्देश

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निर्माण कार्यों, भुगतान प्रक्रिया और अधिकारियों की भूमिका पर गंभीर आरोप; वित्तीय व प्रशासनिक अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग

भिलाई / शौर्यपथ / नगर पालिक निगम भिलाई में पिछले कुछ वर्षों के दौरान कराए गए करोड़ों रुपये के निर्माण कार्यों और भुगतान प्रक्रिया में कथित वित्तीय एवं प्रशासनिक अनियमितताओं का मामला सामने आया है। भाजपा के उपनेता प्रतिपक्ष दया सिंह ने नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव को ज्ञापन सौंपकर पूरे प्रकरण की आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) से जांच कराने की मांग की है। ज्ञापन को गंभीरता से लेते हुए मंत्री अरुण साव ने संबंधित अधिकारियों को मामले की जांच के लिए आवश्यक निर्देश दिए हैं।
दया सिंह का आरोप है कि नगर निगम में कई विकास कार्यों के दौरान वैधानिक प्रक्रियाओं की अनदेखी की गई तथा कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से ठेकेदारों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया। उन्होंने कहा कि सरकारी धन के उपयोग में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और दोषियों की जवाबदेही तय करने के लिए स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच आवश्यक है।

ज्ञापन में लगाए गए प्रमुख आरोप
■ अवैध प्लॉटिंग को लाभ पहुंचाने का आरोप
ज्ञापन के अनुसार वार्ड-22 स्थित शीतला तालाब के दक्षिण मार्ग पर 15वें वित्त आयोग की राशि से लगभग 72.30 लाख रुपये की लागत से डामरीकरण कार्य कराया गया। आरोप है कि आवश्यक वैधानिक स्वीकृतियों के बिना यह सड़क अवैध प्लॉटिंग वाले क्षेत्र को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से बनाई गई तथा गुणवत्ता परीक्षण के बिना लगभग 52 लाख रुपये का भुगतान भी कर दिया गया।
■ PF और ESI जमा किए बिना भुगतान
ज्ञापन में दावा किया गया है कि सफाई ठेकेदार द्वारा कर्मचारियों का PF और ESI जमा नहीं किया गया, इसके बावजूद निगम ने भुगतान जारी कर दिया। आरोप है कि पूर्व आयुक्तों द्वारा भुगतान रोकने के निर्देश होने के बाद भी नियमों की अनदेखी कर ठेकेदार को लाभ पहुंचाया गया।
■ चार पानी टंकियों के निर्माण में पेनल्टी नहीं
दया सिंह ने आरोप लगाया कि निगम की चार ओवरहेड पानी टंकियों का निर्माण निर्धारित समय सीमा में पूरा नहीं हुआ। फाइल में समय सीमा नहीं बढ़ाने की टिप्पणी होने के बावजूद देरी पर ठेकेदार के विरुद्ध पेनल्टी नहीं लगाई गई और करोड़ों रुपये का भुगतान कर दिया गया, जिससे सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका है।
■ निर्माण कार्यों को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटने का आरोप
ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया है कि 50 हजार से 70 हजार रुपये तक के अनेक छोटे निर्माण कार्यों को नियमों से बचने के लिए अलग-अलग हिस्सों में स्वीकृत कराया गया, ताकि निविदा प्रक्रिया से बचते हुए पसंदीदा ठेकेदारों को लाभ पहुंचाया जा सके।

EOW जांच की मांग
दया सिंह ने मंत्री अरुण साव से अनुरोध किया है कि निर्माण कार्यों, भुगतान प्रक्रिया और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की EOW से उच्च स्तरीय जांच कराई जाए, जिससे पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो सके और यदि कोई अनियमितता हुई है तो जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई की जा सके।
ज्ञापन सौंपने के दौरान भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं भिलाई जिला प्रभारी रामजी भारती, जिला अध्यक्ष पुरुषोत्तम देवांगन, नेता प्रतिपक्ष भोजराज भोजू, पार्षद पीयूष मिश्रा, भाजपा महामंत्री मनीष अग्रवाल, जिला कोषाध्यक्ष शैलेंद्र सिंह, पूर्व सभापति श्याम सुंदर राव सहित भाजपा संगठन के पदाधिकारी एवं पार्षद उपस्थित रहे।
नोट: यह समाचार भाजपा उपनेता प्रतिपक्ष दया सिंह द्वारा लगाए गए आरोपों और मंत्री को सौंपे गए ज्ञापन पर आधारित है। इन आरोपों की आधिकारिक जांच और संबंधित पक्षों का पक्ष सामने आना शेष है।

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