सुबह की हिंसक झड़प पर नहीं हुई कड़ी कार्रवाई, शाम तक गैंगवार में गई लेखराम कोठारी की जान; पद्मनाभपुर टीआई प्रमोद रूसिया को कारण बताओ नोटिस
दुर्ग | शौर्यपथ
दुर्ग के पद्मनाभपुर थाना क्षेत्र में 12 जुलाई को हुए खूनी गैंगवार और लेखराम कोठारी की हत्या मामले में पुलिस विभाग के भीतर बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की शुरुआत हो गई है। नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) हर्षित मेहर IPS ने मामले में गंभीर लापरवाही पाए जाने पर थाना प्रभारी प्रमोद रूसिया को कड़े शब्दों में कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि यदि समय रहते थाना प्रभारी ने अपने कर्तव्यों का सही ढंग से पालन किया होता, तो संभवतः यह विवाद गैंगवार और हत्या तक नहीं पहुंचता।
सुबह 4 बजे मिला था विवाद का संकेत, लेकिन टीआई ने नहीं दिखाई गंभीरता
नोटिस के अनुसार, 12 जुलाई की सुबह करीब 4 बजे दोनों पक्षों के बीच हिंसक झड़प हुई थी। दोनों पक्ष घायल अवस्था में पद्मनाभपुर थाने पहुंचे थे। यह गंभीर अपराध का मामला था, जिसमें तत्काल एफआईआर दर्ज कर आरोपियों पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए थी। लेकिन थाना प्रभारी ने केवल घायलों का मुलाहजा कराकर सामान्य प्रतिबंधात्मक कार्रवाई तक ही मामला सीमित रखा। इस ढिलाई से दोनों पक्षों के बीच तनाव लगातार बढ़ता गया और देर रात खूनी गैंगवार में बदल गया, जिसमें लेखराम कोठारी की हत्या हो गई।
हत्या की सूचना भी वरिष्ठ अधिकारी से छिपाई
सीएसपी द्वारा जारी नोटिस में यह भी उल्लेख है कि हत्या जैसी गंभीर घटना होने के बाद भी थाना प्रभारी ने अपने वरिष्ठ अधिकारी CSP हर्षित मेहर IPS को तत्काल सूचना नहीं दी। कंट्रोल रूम और डायल-112 के माध्यम से जानकारी मिलने के बाद स्वयं CSP को घटनास्थल पहुंचना पड़ा।
CSP ने संभाली कमान, खुद कराया शव मर्चुरी शिफ्ट
नोटिस में कहा गया है कि घटनास्थल का निरीक्षण कर मृतक के शव को मर्चुरी भेजने और मौके को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी थाना प्रभारी की थी। लेकिन यह जिम्मेदारी भी उन्होंने नहीं निभाई। अंततः स्वयं CSP हर्षित मेहर IPS ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली, शव को मर्चुरी भिजवाया और घटनास्थल की निगरानी सुनिश्चित कराई।
पुलिस की ढिलाई से अस्पताल से फरार हुआ आरोपी
गैंगवार के बाद दोनों पक्षों के घायलों को अस्पताल भेजा गया था। इसी दौरान हत्या का आरोपी लक्ष्मी चेलक अस्पताल से फरार हो गया। नोटिस में इसे भी थाना प्रभारी की गंभीर लापरवाही बताया गया है। बाद में क्राइम ब्रांच/एसीसीयू टीम की सक्रियता से आरोपी को दोबारा गिरफ्तार किया गया। यदि आरोपी फरार रहते हुए कोई और वारदात कर देता, तो उसकी जिम्मेदारी किसकी होती—यह सवाल भी नोटिस में उठाया गया है।
चार गंभीर लापरवाहियां, जवाब मांगा
सीएसपी हर्षित मेहर IPS द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस में थाना प्रभारी की चार प्रमुख चूकें दर्ज की गई हैं—
हत्या की सूचना वरिष्ठ अधिकारी को समय पर नहीं देना।
घटनास्थल का निरीक्षण एवं शव को मर्चुरी भेजने जैसी जिम्मेदारी नहीं निभाना।
आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी में विफल रहना, जिससे एक आरोपी अस्पताल से फरार हो गया।
सुबह हुई हिंसक झड़प के बाद समय रहते एफआईआर और प्रभावी कानूनी कार्रवाई नहीं करना तथा वरिष्ठ अधिकारियों को सही रिपोर्टिंग नहीं करना।
सख्त पुलिसिंग का संदेश
इस कार्रवाई से स्पष्ट संकेत मिला है कि CSP हर्षित मेहर IPS कानून-व्यवस्था के मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही को स्वीकार करने के पक्ष में नहीं हैं। उन्होंने तथ्यों के आधार पर थाना प्रभारी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए जवाब तलब किया है। यह कार्रवाई पुलिस महकमे में जवाबदेही और जिम्मेदारी तय करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
अब विभागीय कार्रवाई पर नजर
पद्मनाभपुर गैंगवार और लेखराम कोठारी हत्याकांड में जारी इस कारण बताओ नोटिस के बाद अब सभी की नजर इस बात पर है कि थाना प्रभारी के जवाब के आधार पर पुलिस विभाग क्या विभागीय कार्रवाई करता है। यह मामला केवल एक हत्या का नहीं, बल्कि समय पर प्रभावी पुलिस कार्रवाई नहीं होने के संभावित परिणामों का भी गंभीर उदाहरण बनकर सामने आया है।