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पूर्व भारतीय क्रिकेटर राजेश चौहान पर कोर्ट का शिकंजा, ₹17.52 लाख की कथित धोखाधड़ी मामले में FIR दर्ज करने के आदेश

  • rounak group

जिंदल स्टील में ट्रांसपोर्ट का काम दिलाने और पार्टनर बनाने का झांसा देकर लाखों रुपये लेने का आरोप, पुलिस की निष्क्रियता पर कोर्ट ने दिया हस्तक्षेप का आदेश

भिलाई/दुर्ग। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व स्पिनर राजेश चौहान कानूनी विवादों में घिर गए हैं। दुर्ग जिले की न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (JMFC) अदालत ने कथित ₹17.52 लाख की धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक विश्वासघात से जुड़े मामले में सुपेला थाना पुलिस को उनके तथा उनके सहयोगी निकेश झा के विरुद्ध प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर विधि सम्मत कार्रवाई करने का आदेश दिया है।

यह मामला भिलाई निवासी ठेकेदार उपेन्द्र सिंह द्वारा दायर आवेदन पर सामने आया है। शिकायत के अनुसार आरोपियों ने जिंदल इस्पात लिमिटेड (JSP) में ट्रांसपोर्ट का ठेका दिलाने और अपनी फर्म में 50 प्रतिशत साझेदारी देने का भरोसा दिलाकर लाखों रुपये प्राप्त किए, लेकिन न तो काम दिलाया और न ही राशि वापस की।

वर्ष 2021 से शुरू हुआ पूरा घटनाक्रम

याचिका के अनुसार वर्ष 2021 में उपेन्द्र सिंह की मुलाकात निकेश झा के माध्यम से पूर्व क्रिकेटर राजेश चौहान से हुई। शिकायत में दावा किया गया है कि राजेश चौहान ने अपने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर होने और बड़े औद्योगिक संस्थानों में प्रभाव होने का हवाला देकर विश्वास अर्जित किया।

इसके बाद दोनों आरोपियों ने जिंदल इस्पात लिमिटेड में ट्रांसपोर्टिंग का कार्य दिलाने तथा 'आरएन इंटरप्राइजेज' में 50 प्रतिशत साझेदार बनाने का प्रस्ताव रखा। शिकायतकर्ता का आरोप है कि सुरक्षा राशि और व्यवसाय शुरू करने के नाम पर अलग-अलग किश्तों में ₹17,52,500 बैंक ट्रांसफर एवं चेक के माध्यम से लिए गए।

काम नहीं मिला, लौटाए गए चेक भी हुए बाउंस

शिकायत में कहा गया है कि लंबे समय तक कोई कार्य आवंटित नहीं किया गया। जब शिकायतकर्ता ने अपनी राशि वापस मांगी तो आरोपियों ने भुगतान के लिए कुछ चेक दिए, लेकिन बैंक में प्रस्तुत करने पर वे पर्याप्त शेष राशि न होने के कारण बाउंस हो गए।

आरोप है कि इसके बाद रकम लौटाने से इनकार कर दिया गया और शिकायतकर्ता को कथित रूप से धमकी भी दी गई।

पुलिस से निराश होकर अदालत पहुंचे पीड़ित

उपेन्द्र सिंह ने पहले सुपेला थाना और दुर्ग पुलिस अधीक्षक से शिकायत की थी। कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए उन्होंने न्यायालय में दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 156(3) के तहत आवेदन प्रस्तुत किया।

अदालत ने उपलब्ध दस्तावेजों, बैंक लेनदेन और चेक बाउंस संबंधी अभिलेखों का अवलोकन करने के बाद सुपेला थाना पुलिस को आरोपियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर विधि अनुसार जांच प्रारंभ करने के निर्देश दिए हैं।

व्यापारिक और खेल जगत में चर्चा

पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर का नाम सामने आने से यह मामला व्यापारिक और खेल जगत में चर्चा का विषय बन गया है। अब पुलिस न्यायालय के आदेश के अनुपालन में प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच आगे बढ़ाएगी।

महत्वपूर्ण: यह मामला वर्तमान में न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है। आरोप शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए हैं और अदालत ने एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। आरोपों की सत्यता का अंतिम निर्धारण पुलिस जांच और न्यायालय की आगामी कार्यवाही के बाद ही होगा।

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