दुर्ग । शौर्यपथ / शहर में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को लेकर नगर पालिक निगम दुर्ग की महापौर अलका बाघमार ने सख्त रुख अपनाया है। रायपुर नाका स्थित 42 एमएलडी फिल्टर प्लांट में लगातार हुई आगजनी की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए महापौर ने जल विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर जलापूर्ति जल्द सामान्य करने और फिल्टर प्लांट की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए।
महापौर ने अपने शासकीय आवास एफ-4 में आयोजित बैठक में अधिकारियों से आगजनी की घटनाओं के कारणों की गंभीरता से जांच करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि संबंधित ठेकेदार द्वारा उपलब्ध कराई गई सामग्री की गुणवत्ता में कमी अथवा विभागीय स्तर पर किसी भी प्रकार की लापरवाही सामने आने पर उसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बीआईटी दुर्ग और आईआईटी भिलाई में होगी जांच
दो दिन पूर्व आगजनी की घटना में जले ब्लीचिंग पावडर के नमूनों की गुणवत्ता जांच कराने के निर्देश महापौर ने दिए हैं। निष्पक्ष जांच के लिए ब्लीचिंग पावडर के सैंपल बीआईटी दुर्ग और आईआईटी भिलाई की लैब में भेजे जाएंगे।
महापौर ने बाजार मूल्य की तुलना में अत्यधिक कम दर पर उपलब्ध कराए गए ब्लीचिंग पावडर की गुणवत्ता की भी जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
ज्वलनशील सामग्री के लिए अलग सुरक्षित भंडारण
महापौर ने कहा कि ब्लीचिंग पावडर, एलम सहित अन्य ज्वलनशील अथवा संवेदनशील सामग्रियों को फिल्टर प्लांट परिसर में एक साथ रखने के बजाय प्लांट से कुछ दूरी पर अलग-अलग सुरक्षित भंडारण केंद्र विकसित किए जाएं। इससे भविष्य में आगजनी जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने में मदद मिलेगी।
बाढ़ के बाद सफाई कार्य में तेजी के निर्देश
बारिश के कारण नदी में आई बाढ़ से इंटकवेल और फिल्टर प्लांट में जमा गाद एवं कचरे की सफाई को भी महापौर ने प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि आवश्यक संसाधन लगाकर सफाई कार्य शीघ्र पूरा किया जाए, ताकि शहर के सभी वार्डों में पेयजल आपूर्ति जल्द से जल्द सामान्य हो सके।
बैठक में जल कार्य प्रभारी लीना दिनेश देवांगन, लोक कर्म विभाग प्रभारी देवनारायण चंद्राकर, प्रभारी आयुक्त मानेंद्र साहू, जल विभाग के कार्यपालन अभियंता प्रकाश थवानी, सहायक कार्यपालन अभियंता राजेंद्र ढवाले, सब इंजीनियर विनोद मांझी, जल निरीक्षक नारायण ठाकुर सहित जल विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।