सैकड़ों शिवभक्तों ने उठाया कांवड़, शिवनाथ नदी से जल लेकर पहुंचे सत्तीचौरा; 3 से 6 वर्ष के नन्हे कांवडिय़ों ने भी बढ़ाया उत्साह
दुर्ग / शौर्यपथ / सावन के पावन महीने में बुधवार को दुर्ग शहर पूरी तरह भगवान शिव की भक्ति में सराबोर नजर आया। शिवनाथ नदी के तट से लेकर सत्तीचौरा स्थित सत्तीश्वर महादेव मंदिर तक हर ओर हर-हर महादेव के जयघोष गूंजते रहे। गंजपारा क्षेत्र से निकली भव्य कांवड़ यात्रा में सैकड़ों शिवभक्त शामिल हुए। श्रद्धालुओं ने शिवनाथ नदी से पवित्र जल लेकर पैदल यात्रा करते हुए सत्तीश्वर महादेव मंदिर पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक किया।
कांवड़ यात्रा की शुरुआत सुबह करीब 7 बजे शिवनाथ नदी के घाट से हुई और लगभग 10 बजे श्रद्धालु सत्तीचौरा स्थित सत्तीश्वर महादेव मंदिर पहुंचे। यात्रा प्रारंभ होने से पहले शिवनाथ नदी तट पर पंडित सुनील पांडेय ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना एवं आरती कराई। इसके बाद श्रद्धालुओं ने नदी से कांवड़ में जल भरा और भगवान भोलेनाथ के जयघोष के साथ पैदल यात्रा शुरू की।
फूलों की वर्षा के बीच गूंजता रहा 'हर-हर महादेवÓ
कांवड़ यात्रा के मार्ग में विभिन्न स्थानों पर शिवभक्तों का स्वागत किया गया और श्रद्धालुओं पर फूलों की वर्षा की गई। कांवडिय़े पूरे उत्साह और भक्ति के साथ "हर-हर महादेव", "घर-घर महादेव" और "श्री शिवाय नमस्तुभ्यं" का जयघोष करते हुए आगे बढ़ते रहे। यात्रा के दौरान पूरा वातावरण शिवमय हो गया।
सत्तीचौरा पहुंचने के बाद कांवडिय़ों ने सत्तीश्वर महादेव मंदिर में भगवान शिव का पवित्र जल से अभिषेक किया। इसके बाद आरती एवं पूजा-अर्चना का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता की।
नन्हे कांवडिय़ों ने खींचा सबका ध्यान
गंजपारा की इस कांवड़ यात्रा का सबसे खास और भावुक करने वाला दृश्य तब देखने को मिला, जब 3 से 6 वर्ष की उम्र के 20 से अधिक नन्हे बच्चे भी कांवड़ उठाकर शिवनाथ नदी से सत्तीचौरा तक पैदल पहुंचे। नन्हे कांवडि़ए पूरे रास्ते उत्साह और भक्ति में झूमते हुए नजर आए। उन्होंने सत्तीश्वर महादेव मंदिर पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक किया। बच्चों की भक्ति और उत्साह ने यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं का विशेष रूप से ध्यान आकर्षित किया।
शिवनाथ नदी के संरक्षण और आस्था का संदेश
आयोजकों ने बताया कि कांवड़ यात्रा की तैयारियां दो दिन पहले से ही शुरू कर दी गई थीं। यात्रा का उद्देश्य धार्मिक आस्था के साथ-साथ दुर्ग शहर की जीवनदायिनी शिवनाथ नदी के संरक्षण एवं उत्थान का संदेश देना भी है। सावन के पवित्र महीने में शिवनाथ नदी से जल लेकर भगवान शिव का अभिषेक करने की विशेष धार्मिक मान्यता है।
सावन के इस पावन अवसर पर शहर के अलग-अलग क्षेत्रों से निकली कांवड़ यात्राओं ने दुर्ग को भक्ति के रंग में रंग दिया। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव के प्रति अपनी आस्था व्यक्त करते हुए अपने गांव, शहर और घरों में स्थित शिवलिंग पर जल अर्पित करने का संकल्प भी लिया।
बड़ी संख्या में शिवभक्त हुए शामिल
कांवड़ यात्रा में राजेश शर्मा, सुरेश गुप्ता, गुड्डू कश्यप, डब्बू चंद्रवंशी, योगेन्द्र शर्मा, बंटी, मनोज गुप्ता, लाला, ललित शर्मा, मनीष सेन, प्रकाश सिन्हा, दिनेश शर्मा, सूर्यमणि मिश्रा, लक्की अग्रवाल, प्रकाश ठाकुर, राकेश महोबिया, सुजल शर्मा, सोनल सेन, ऋषि गुप्ता, मोहित पुरोहित, कृतज्ञ शर्मा, वाशु शर्मा, अनमोल पांडे, सार्थक शर्मा, वंशु पुरोहित, सिद्धू सेन, मोक्ष शर्मा, सुभाष शर्मा, हृदय शर्मा, विक्की शर्मा सहित सैकड़ों शिवभक्त मौजूद रहे।
सावन की भक्ति, कांवड़ की आस्था और शिवनाथ के पवित्र जल ने बुधवार को दुर्ग शहर को पूरी तरह शिवमय कर दिया।