कृषि-राजस्व विभाग की संयुक्त टीम करेगी वास्तविक नुकसान का आकलन, ग्रीष्मकालीन रबी धान की जगह दलहन-तिलहन और मिलेट्स को बढ़ावा देने के निर्देश
दुर्ग / शौर्यपथ। दुर्ग संभाग में हाल ही में हुई अतिवृष्टि से प्रभावित फसलों के वास्तविक नुकसान का आकलन करने के लिए कृषि एवं राजस्व विभाग के मैदानी अमले की संयुक्त टीम के माध्यम से सर्वे कराया जाएगा। संभाग आयुक्त श्री एस.एन. राठौर ने इस संबंध में कृषि विभाग के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सर्वे के दौरान फसल क्षति का वास्तविक और तथ्यात्मक आकलन सुनिश्चित किया जाए, ताकि प्रभावित किसानों को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जा सके।
संभाग आयुक्त श्री राठौर ने मंगलवार को संभाग आयुक्त कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित संभाग स्तरीय अधिकारियों की बैठक में विभागीय कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने धान के स्थान पर दलहन, तिलहन, मिलेट्स एवं अन्य वैकल्पिक फसलों की खेती को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को शासन द्वारा किसानों के लिए घोषित प्रोत्साहन राशि एवं योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने तथा किसानों को वैकल्पिक फसलों के उत्पादन के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए।
ग्रीष्मकालीन रबी धान की जगह वैकल्पिक फसलों पर जोर
श्री राठौर ने संभाग के सभी जिलों में जल संरक्षण और भूजल स्तर को बनाए रखने की दिशा में ग्रीष्मकालीन रबी धान की खेती को हतोत्साहित करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने ग्राम पंचायत स्तर पर इस संबंध में ग्रामसभा में प्रस्ताव पारित कराने के निर्देश दिए, ताकि किसानों को जल संरक्षण के महत्व से अवगत कराते हुए वैकल्पिक फसलों की ओर प्रोत्साहित किया जा सके।
उन्होंने कहा कि किसानों द्वारा उत्पादित दलहन, तिलहन और मिलेट्स फसलों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराना भी आवश्यक है। इसके लिए कृषि विभाग को उपयुक्त बाजार व्यवस्था विकसित करने तथा किसानों को उनकी उपज के विपणन में आवश्यक सहयोग प्रदान करने के निर्देश दिए गए।
निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से समझौता नहीं
बैठक में संभाग आयुक्त ने सीजीएमएससी के निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने तथा निर्धारित मापदंडों के अनुरूप कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
स्कूल-कॉलेजों में जारी रहे नशा मुक्ति अभियान
उच्च शिक्षा विभाग के नोडल अधिकारी को निर्देशित करते हुए श्री राठौर ने कहा कि स्कूल शिक्षा विभाग के समन्वय से स्कूल एवं कॉलेजों में नशा-मुक्ति अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रमों को निरंतर जारी रखा जाए। उन्होंने विद्यार्थियों में नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए नियमित गतिविधियां आयोजित करने पर जोर दिया।
ई-ऑफिस और बायोमेट्रिक उपस्थिति पर भी सख्ती
संभाग आयुक्त ने सभी संभागीय अधिकारियों को अधीनस्थ कार्यालयों में फाइलों का मूवमेंट ई-ऑफिस प्रणाली के माध्यम से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि ई-ऑफिस के प्रभावी संचालन के लिए संभागीय कार्यालय में एक दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा। संबंधित कार्यालयों से दो तकनीकी कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
इसके अलावा उन्होंने शासकीय कार्यालयों में नियमित उपस्थिति के लिए बायोमेट्रिक प्रणाली के तहत शासन द्वारा निर्धारित समय-सीमा का पालन सुनिश्चित करने को कहा। कार्यालय प्रमुखों को कर्मचारियों की उपस्थिति की नियमित जांच करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में उपायुक्त (विकास) श्री संतोष ठाकुर, उपायुक्त (राजस्व) श्री पदुम यादव सहित विभिन्न विभागों के संभाग स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।