दुर्ग / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ अंचल के वरिष्ठ शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. राजकुमार अग्रवाल ने आयोजित पत्रवार्ता में जानकारी देते हुए बताया कि सरकार द्वारा निर्धारित पल्स पोलियों अभियान का हिस्सा हमें जरुर बनना चाहिए। अपने 0 से लेकर 5 वर्ष से बच्चों को पल्स पोलियों की दवा जरुर पिलानी चाहिए। सेक्टर-10 शॉप नं. 158 में कल से तीन दिनों तक 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को नि:शुल्क पोलियों ड्राप पिलाया जाएगा। पालक अपने बच्चों को रोग प्रतिरोधक का उपहार पल्स पोलियों की दवा पिलाकर दें।
उन्होने कहा कि मेरे पास आने वाले 50 फीसदी ऐसे मरीज है जिन्हे पल्स पोलियों की जानकारी नहीं है। सरकार लगातार प्रयास कर रही है कि पोलियों की बीमारी जड़ से खत्म हो सके। पल्स पोलियों का आखिरी मरीज नवंबर 1997 को आया था। पालक जागरुक हो, मेरे यहां पल्स पोलियों की दवा नि:शुल्क पिलाई जा रही है। डॉ. अग्रवाल ने आगे बताया कि मैँ शिशु रोग से बच्चों को निजात दिलाने का कार्य पिछले 47 सालों से कर रहा हूं। सरकार ने बस स्टैण्ड, हवाई, अड्डा, रेलवे स्टेशन सहित अन्य सार्वजनिक स्थानों पर पल्स पोलियो का ड्राप्स बच्चों को पिलाने का कार्य करते आ रही है, उसी कड़ी में मैं भी एक हिस्सा बन गया है, और पोलियो से बच्चों को निजात दिलाने इस जनजागकरण अभियान के तहत लोगों को जागरूक करने का कार्य कर रहा हूं। यदि बच्चों को पोलियो का ड्राप्स नही पिलाई गई तो बच्चों में पोलियो के किटाणु का स्टोर बन जाता है।
उन्होंने जापान का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां पर पोलियो की मरीजों की संख्या में काफी कमी आई है। वहां के लोग एक साथ बच्चों को ड्राप्स पिलाने का कार्य किये हैं। उन्हेांने कहा कि 1956 में बाम्बे के कस्तुरबा हॉस्पिटल में गलघोटू की बिमारी से 6 हजार लोगों की मौत हो चुकी है। इस लिए लोगों को अपने बच्चों को पल्स पोलियों का ड्राप्स जरूर पिलानी चाहिए और बच्चों को आने वाले समय में सभी प्रकार के रोगों से बचाने के लिए सजग रहना चाहिए। इस प्रकार के टीके केवल एक ही बिमारी से बच्चों को आने वाले समय से बचाते ही नही बल्कि कई रोगों से ये बचाते हैं और बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढाते हैं।