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कांग्रेस का बड़ा आरोप : रमन सरकार में 170 करोड़ रुपए का मच्छरदानी घोटाला हुआ था

कांग्रेस का बड़ा आरोप : रमन सरकार में 170 करोड़ रुपए का मच्छरदानी घोटाला हुआ था कांग्रेस का बड़ा आरोप : रमन सरकार में 170 करोड़ रुपए का मच्छरदानी घोटाला हुआ था
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भाजपा सरकार में मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री दोनों थे डॉक्टर फिर भी स्वास्थ्य के मामले में पिछड़ा हुआ था प्रदेश

रायपुर/ शौर्यपथ / भाजपा विधायक एवं पूर्व स्वास्थ्य मंत्री कृष्णमूर्ति बांधी के बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा सरकार के दौरान मुख्यमंत्री रमन सिंह और स्वास्थ्य मंत्री कृष्णमूर्ति बांधी पेशे से डॉक्टर थे, उसके बावजूद प्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्था लचर थी। हॉस्पिटल के नाम से सिर्फ बिल्डिंग थी अस्पताल में डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ, दवाइयां, मेडिकल, उपकरण कुछ भी नहीं था। छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य के मामले में देश में 21 राज्य से पीछे था। आंखफोड़वा कांड, नसबंदी कांड, गर्भाशय कांड, स्मार्ट कार्ड घोटाला, नकली दवाईयों से मौत होती थी। अस्पताल में बैड नहीं थे लोगों को सर्दी, खांसी, बुखार जैसे सामान्य बिमारी की भी दवाई नहीं मिलती थी, गंभीर बिमारी की ईलाज दूर की बात। मनमोहन सरकार ने आदिवासियों के लिए 170 करोड़ रुपए मच्छरदानी खरीदने भेजे थे उसमें भी रमन सरकार ने घोटाला किया था जिसकी सीबीआई जांच हुई है और दो सप्लायर ऊपर कार्यवाही की गई है रमन सिंह और तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री को मोदी सरकार ने बचाया?
    प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार बनने के बाद प्रदेश में 2674 चिकित्सा अधिकारी 480 विशेषज्ञ चिकित्सक 23 चिकित्सा विशेषज्ञ 44 दंत चिकित्सा अधिकारी की भर्ती की गई है। 85 विशेषज्ञ चिकित्सक 265 चिकित्सा अधिकारी 1640 स्टाफ नर्स 716 एएनएम 122 लैब टेक्नीशियन 2649 सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी 1420 अन्य पदों पर नियुक्तियां की गई। 1798 हाट बाजारों में 429 डेडीकेटेड वाहनों और चिकित्सकों का दल ने चलित मेडिकल यूनिट के माध्यम से प्रदेश के 1 करोड़ 91 लाख लोग को निःशुल्क स्वास्थ सुविधा का लाभ मिला।जिला अस्पताल रायपुर दुर्ग बालोद बलौदा बाजार कांकेर कोंडागांव बस्तर सुकमा बीजापुर बलरामपुर एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मानपुर पाटन और पलारी में हमर लैब शुरू हुई। जिला चिकित्सालयो में हमर लैब के माध्यम से 120 प्रकार के और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 50 प्रकार की जांच होती है। मलेरिया मुक्त बस्तर अभियान से मलेरिया मुक्त बस्तर हुई। मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लीनिक, मुख्यमंत्री शहरी स्लम योजना, मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान, हमर लैब, धनवंतरी मेडिकल स्टोर्स, खूबचंद बघेल, स्वास्थ्य योजना सहित अनेक योजना जनता को घर के सामने स्वास्थ्य सुविधा मिल रही है।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भूपेश बघेल सरकार की मजबूत स्वास्थ्य व्यवस्था के चलते केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओ के लिए प्रदेश के 61 अस्पतालों को राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक प्रमाण पत्र प्रदान किया गया है। इसमें 10 जिला अस्पताल, सात समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 26 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 13 शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, पांच उप स्वास्थ्य केंद्र शामिल है एवं भारत सरकार द्वारा उच्च स्तरीय प्रसव सुविधा के लिए पांच जिला अस्पताल दुर्ग, नारायणपुर, कोंडागांव, जगदलपुर एवं कबीरधाम को राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाण पत्र प्रदान किया गया है। बीते 4 वर्षों में 22 अंकों की गिरावट आई 2016 से 2018 के बीच 159 एमएमआर वाले छत्तीसगढ़ का एमएमआर अब घटकर 137 पर पहुंच गया है प्रदेश में मातृत्व मृत्यु दर का अब तक का यह सबसे न्यूनतम आंकड़ा है।

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