November 02, 2026
Hindi Hindi▼

Login to your account

Username *
Password *
Remember Me
    शौर्यपथ

    शौर्यपथ

    छत्तीसगढ़ की पहली हॉकी लीग में सबसे कम उम्र के खिलाड़ी के रूप में दर्ज कराई उपस्थिति, गोलकीपर की चुनौतीपूर्ण भूमिका निभाकर चैंपियन टीम का बने हिस्सा — खेल के साथ पढ़ाई में भी अव्वल हैं दक्ष

      बराजनांदगांव। प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं होती, जरूरत होती है तो सिर्फ अवसर, समर्पण और अपने लक्ष्य के प्रति अटूट जुनून की। इस कहावत को छत्तीसगढ़ की पहली हॉकी लीग के मैदान में राजनांदगांव के नन्हे खिलाड़ी दक्ष चौबे ने अपने खेल और जज्बे से चरितार्थ कर दिखाया। प्रदेश की इस ऐतिहासिक हॉकी प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाली छह टीमों के खिलाड़ियों के बीच दक्ष सबसे कम उम्र के खिलाड़ी रहे। लेकिन कम उम्र उनके आत्मविश्वास और खेल कौशल के आड़े नहीं आई। मैनपाट टाइटंस की ओर से गोलकीपर की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभालते हुए उन्होंने अपनी टीम के चैंपियन बनने के सफर में अहम योगदान दिया।

    छत्तीसगढ़ खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा 21 अक्टूबर से 1 नवंबर 2026 तक आयोजित प्रथम छत्तीसगढ़ हॉकी लीग में मैनपाट टाइटंस ने शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताब अपने नाम किया। इस ऐतिहासिक जीत का हिस्सा बने दक्ष चौबे ने गोलपोस्ट के सामने अपनी जिम्मेदारी निभाकर यह संदेश दिया कि हॉकी में जीत केवल गोल करने वाले खिलाड़ियों के दम पर नहीं मिलती, बल्कि गोलपोस्ट की रक्षा करने वाले खिलाड़ी का साहस, सतर्कता और निर्णय क्षमता भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है।

    गोलपोस्ट पर अकेला प्रहरी, लेकिन पूरी टीम की उम्मीदों का जिम्मेदार

    हॉकी के मैदान में जहां 10 खिलाड़ी विपक्षी टीम के गोलपोस्ट तक पहुंचकर गोल करने की रणनीति बनाते हैं, वहीं गोलकीपर अपनी टीम के गोलपोस्ट की रक्षा करते हुए विरोधी टीम के हर आक्रमण को रोकने की चुनौती का सामना करता है। गोलकीपर की एकाग्रता, फुर्ती और सही समय पर लिया गया निर्णय पूरे मुकाबले का रुख बदल सकता है। ऐसे चुनौतीपूर्ण दायित्व को दक्ष चौबे ने बेहद कम उम्र में आत्मविश्वास के साथ निभाया। विपक्षी खिलाड़ियों के आक्रामक हमलों के सामने गोलपोस्ट पर डटे रहना और अपनी टीम की उम्मीदों को जीवित रखना उनकी भूमिका को विशेष बनाता है। मैनपाट टाइटंस की खिताबी सफलता में दक्ष की मौजूदगी इस बात का प्रमाण है कि टीम के प्रत्येक खिलाड़ी की भूमिका महत्वपूर्ण होती है और गोलकीपर टीम की जीत का एक मजबूत आधार होता है।

    परिवार से मिली हॉकी की विरासत, अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय खिलाड़ियों से सीखी बारीकियां

    दक्ष चौबे को हॉकी की प्रेरणा अपने परिवार से मिली है। उन्होंने छोटी उम्र से ही अपने बड़े पिताजी अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी मृणाल चौबे के मार्गदर्शन में हॉकी खेलना प्रारंभ किया। शुरुआत से ही गोलकीपर बनने का जुनून रखने वाले दक्ष ने इसी दिशा में अपनी प्रतिभा को निखारने पर विशेष ध्यान दिया। उनके चाचा दीपेश चौबे भी राष्ट्रीय स्तर के हॉकी खिलाड़ी एवं गोल्ड मेडलिस्ट हैं, जो वर्तमान में पुणे कस्टम में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। परिवार में मौजूद हॉकी के इस समृद्ध अनुभव ने दक्ष को खेल के प्रति प्रेरित किया और उन्हें गोलकीपिंग की बारीकियां सीखने का अवसर मिला।

    वर्तमान में दक्ष रॉयल किड्स कॉन्वेंट, राजनांदगांव के छात्र हैं और खेलो इंडिया सेंटर, राजनांदगांव में हॉकी कोच शकील अहमद के मार्गदर्शन में नियमित प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। विशेष बात यह है कि दक्ष केवल खेल के मैदान में ही नहीं, बल्कि पढ़ाई में भी अव्वल रहते हैं। खेल और शिक्षा के बीच बेहतर संतुलन बनाकर आगे बढ़ना उनकी प्रतिभा और अनुशासन को दर्शाता है।

    लीग मुकाबलों से फाइनल तक मैनपाट टाइटंस का शानदार सफर

    प्रथम छत्तीसगढ़ हॉकी लीग में मैनपाट टाइटंस ने लीग चरण में दो मुकाबलों में जीत दर्ज की, दो मुकाबले बराबरी पर खेले और एक मुकाबले में हार का सामना किया। इसके बाद सेमीफाइनल में बैलाडीला बुल्स को 3-1 गोल से पराजित कर फाइनल में प्रवेश किया। खिताबी मुकाबले में टीम ने संस्कारधानी स्ट्राइकर्स को 4-2 गोल से हराकर चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया।

    टीम के लीग मुकाबलों में बैलाडीला बुल्स के साथ 1-1 गोल की बराबरी, राजधानी रॉयल्स पर 5-2 की जीत, चक्रधर चैंपियंस के विरुद्ध 3-1 की जीत, न्यायधानी नाइट्स के साथ 1-1 की बराबरी तथा संस्कारधानी स्ट्राइकर्स के विरुद्ध 0-4 की हार शामिल रही। सेमीफाइनल और फाइनल में लगातार शानदार प्रदर्शन कर मैनपाट टाइटंस ने अपनी श्रेष्ठता साबित की।

    यह उपलब्धि सिर्फ एक ट्रॉफी नहीं, भविष्य के बड़े खिलाड़ी की शुरुआत है

    दक्ष चौबे की उपलब्धि को केवल एक विजेता टीम का हिस्सा बनने तक सीमित करके नहीं देखा जा सकता। प्रदेश की पहली हॉकी लीग में सबसे कम उम्र के खिलाड़ी के रूप में उतरना और गोलकीपर जैसी जिम्मेदारीपूर्ण पोजीशन पर अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। उनके लिए यह प्रतियोगिता अनुभव, आत्मविश्वास और भविष्य की बड़ी चुनौतियों के लिए तैयारी का महत्वपूर्ण अवसर बनी है।

    दक्ष का यह सफर उन तमाम बच्चों और युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा है, जो कम उम्र में बड़े सपने देखते हैं, लेकिन अवसर और अनुभव की कमी के कारण पीछे रह जाते हैं। दक्ष ने साबित किया कि मैदान में खिलाड़ी की पहचान उसकी उम्र से नहीं, बल्कि उसके साहस, मेहनत, अनुशासन और प्रदर्शन से होती है।

    छत्तीसगढ़ की पहली हॉकी लीग जब भी याद की जाएगी, तब मैनपाट टाइटंस की ऐतिहासिक जीत के साथ इस प्रतियोगिता के सबसे कम उम्र के गोलकीपर दक्ष चौबे का जिक्र भी विशेष रूप से होगा। गोलपोस्ट पर खड़े इस नन्हे प्रहरी ने अपने खेल से यह संदेश दिया कि जीत का सपना देखने के लिए उम्र बड़ी होना जरूरी नहीं, बल्कि उस सपने की जिम्मेदारी उठाने का हौसला होना जरूरी है।

    संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने की पुरस्कारों की घोषणा, दुर्ग जिले की साधना यादव, दुर्गा प्रसाद पारकर और चेतन लाल देवांगन सहित कई प्रतिभाओं का चयन

    रायपुर । छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित राज्योत्सव-2026 में प्रदेश की 36 श्रेणियों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली विभूतियों एवं संस्थाओं को प्रतिष्ठित राज्य अलंकरण से सम्मानित किया जाएगा। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने राजधानी रायपुर स्थित महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय परिसर में आयोजित पत्रकार वार्ता में पुरस्कारों की घोषणा की। इन सम्मानों के माध्यम से आदिवासी उत्थान, समाजसेवा, महिला सशक्तिकरण, कला-संस्कृति, साहित्य, पत्रकारिता, खेल, कृषि, चिकित्सा और लोक परंपराओं के संरक्षण में उल्लेखनीय योगदान देने वालों को सम्मानित किया जाएगा।

    मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि राज्य अलंकरण प्रदेश की प्रतिभाओं की विशिष्ट उपलब्धियों और समाज एवं राज्य के विकास में उनके योगदान के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है। ऐसे सम्मान न केवल उत्कृष्ट कार्य करने वालों का उत्साह बढ़ाते हैं, बल्कि नई पीढ़ी को भी अपनी प्रतिभा और क्षमता के माध्यम से समाज तथा प्रदेश के विकास में योगदान देने की प्रेरणा देते हैं।

    एक से 30 नवंबर तक पत्रकारों और मीडिया कर्मियों से मांगे गए सुझाव, जनसंपर्क विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध होगा प्रस्तावित प्रारूप

    रायपुर, 1 नवंबर। छत्तीसगढ़ में कार्यरत पत्रकारों एवं मीडिया कर्मियों को स्वास्थ्य और दुर्घटना बीमा सुरक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में राज्य शासन ने महत्वपूर्ण पहल की है। शासन द्वारा ‘छत्तीसगढ़ मीडिया कर्मी स्वास्थ्य एवं दुर्घटना समूह बीमा योजना-2026’ का प्रारूप तैयार किया गया है। योजना को प्रभावी और उपयोगी बनाने के उद्देश्य से इसके प्रावधानों एवं क्रियान्वयन को लेकर प्रदेशभर के मीडिया कर्मियों से सुझाव आमंत्रित किए गए हैं।

    जनसंपर्क विभाग के अनुसार, योजना के प्रारूप पर 1 नवंबर से 30 नवंबर 2026 तक सुझाव भेजे जा सकेंगे। इसके लिए विभाग की आधिकारिक वेबसाइट www.dprcg.gov.in⁠ पर प्रस्तावित प्रारूप प्रकाशित किया गया है। पत्रकार एवं मीडिया कर्मी योजना के प्रावधानों, पात्रता तथा क्रियान्वयन से संबंधित अपने सुझाव ईमेल के माध्यम से This email address is being protected from spambots. You need JavaScript enabled to view it. पर भेज सकते हैं।

    उप मुख्यमंत्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद लोक निर्माण विभाग ने जारी की प्रशासकीय स्वीकृति, 14.95 किलोमीटर सड़क निर्माण से आवागमन होगा सुगम

    रायपुर । मुंगेली जिले में सड़क अधोसंरचना को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद लोक निर्माण विभाग ने जिले में सात सड़कों के निर्माण के लिए कुल 20 करोड़ 30 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की है। इन निर्माण कार्यों से ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में आवागमन अधिक सुगम और सुरक्षित होने के साथ स्थानीय लोगों को बेहतर सड़क सुविधा मिल सकेगी।

    स्वीकृत कार्यों में मुंगेली जिला मुख्य मार्ग नवरंगपुर से डी-3 हेडपुल तक 1.10 किलोमीटर सड़क के लिए 1.21 करोड़ रुपये, रेहुंटा से लाखासार तक 2.40 किलोमीटर सड़क के लिए 3.07 करोड़ रुपये, डिंडौरी गौठान से सूरजपुरा सरहद तक एक किलोमीटर सड़क के लिए 2.31 करोड़ रुपये तथा मुंगेली जिला मुख्य मार्ग से सुकली बस्ती तक 0.75 किलोमीटर सड़क के लिए 1.34 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

    राज्य स्थापना दिवस पर प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं, अटल बिहारी वाजपेयी के सपनों का विकसित छत्तीसगढ़ बनाने का संकल्प दोहराया
    2047 तक समृद्ध, सशक्त और विकसित राज्य बनाने के लिए जनभागीदारी का किया आह्वान
    रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए राज्य के 26 वर्षों के सफर को गौरव और नए संकल्पों का अवसर बताया। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी के दूरदर्शी नेतृत्व और दृढ़ संकल्प से पृथक छत्तीसगढ़ राज्य का सपना साकार हुआ, जिसने प्रदेश की आकांक्षाओं को नई पहचान और विकास की नई संभावनाएं प्रदान कीं।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष का राज्योत्सव विशेष महत्व रखता है, क्योंकि छत्तीसगढ़ लाल आतंक से मुक्त होकर शांति, विश्वास और विकास के नए युग की ओर अग्रसर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प तथा डबल इंजन सरकार के प्रयासों से यह उपलब्धि संभव हुई है। इसमें सुरक्षा बलों के जवानों के अदम्य साहस, शौर्य और बलिदान का महत्वपूर्ण योगदान रहा है, जिसे प्रदेश सदैव याद रखेगा।
    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य प्रदेश के प्रत्येक गांव में खुशहाली लाना, युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराना और विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, प्राकृतिक संसाधन और जनशक्ति प्रदेश की प्रगति के प्रमुख आधार हैं।
    उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि राज्य स्थापना दिवस को उपलब्धियों पर गर्व करने के साथ भविष्य के नए संकल्प लेने के अवसर के रूप में मनाएं और सभी मिलकर वर्ष 2047 तक समृद्ध, सशक्त एवं विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाएं।

    रोड शो में 30 पर्यटन हितधारकों और 148 टूर-ट्रैवल ऑपरेटरों की भागीदारी, पर्यटन पैकेज, निवेश और व्यावसायिक साझेदारी बढ़ाने पर हुई चर्चा

    रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता, धार्मिक आस्था, ऐतिहासिक धरोहरों और समृद्ध लोकसंस्कृति को राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड ने गुजरात के अहमदाबाद में पर्यटन रोड शो आयोजित किया। फिक्की के सहयोग से होटल हयात रीजेंसी में आयोजित इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के 30 पर्यटन हितधारकों और गुजरात के 148 टूर एवं ट्रैवल ऑपरेटरों ने हिस्सा लिया। रोड शो के जरिए दोनों राज्यों के बीच पर्यटन कारोबार, निवेश और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने की संभावनाओं पर चर्चा हुई।

    कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के अध्यक्ष नीलू शर्मा, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, बोर्ड के प्रबंध संचालक सौमिल रंजन चौबे तथा गुजरात पर्यटन निगम की प्रतिनिधि अंकिता परमार विशेष रूप से उपस्थित रहे।

    चंपारण बनेगा धार्मिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र

    रोड शो का प्रमुख आकर्षण महाप्रभु वल्लभाचार्य की जन्मभूमि चंपारण को गुजरात और छत्तीसगढ़ के बीच पर्यटन का महत्वपूर्ण सेतु बनाने की रणनीति रही। गुजरात से बड़ी संख्या में श्रद्धालु चंपारण पहुंचते हैं। इसी धार्मिक जुड़ाव को व्यापक पर्यटन अवसर में बदलने के लिए टूर ऑपरेटरों को चंपारण के साथ सिरपुर, राजिम, बस्तर और विश्वप्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात को जोड़कर विशेष पर्यटन पैकेज तैयार करने की संभावनाओं से अवगत कराया गया।

    प्रबंध संचालक सौमिल रंजन चौबे ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से बताया कि गुजरात से आने वाले श्रद्धालुओं की यात्रा को केवल चंपारण तक सीमित न रखते हुए प्रदेश के अन्य धार्मिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक पर्यटन स्थलों से भी जोड़ा जा सकता है। इससे पर्यटकों का प्रवास बढ़ने के साथ होटल, परिवहन, हस्तशिल्प और स्थानीय पर्यटन व्यवसाय को भी लाभ मिल सकेगा।

    पर्यटन कारोबार और निवेश पर बनी सहमति की संभावनाएं

    रोड शो के दौरान दोनों राज्यों के पर्यटन व्यवसायियों के बीच व्यावसायिक बैठकें हुईं। इनमें संयुक्त पर्यटन पैकेज तैयार करने, नए यात्रा मार्ग विकसित करने, पर्यटकों की आवाजाही बढ़ाने और पर्यटन सेवाओं के विस्तार पर चर्चा की गई। साथ ही गुजरात के संभावित निवेशकों के साथ छत्तीसगढ़ में पर्यटन अधोसंरचना के विकास और निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने के अवसरों पर भी संवाद हुआ।

    कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ की लोककला और सांस्कृतिक परंपराओं पर आधारित प्रस्तुतियों ने गुजरात के अतिथियों का मन मोह लिया। मीडिया संवाद के माध्यम से प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों और नई पर्यटन पहलों का प्रचार-प्रसार भी किया गया।

    अहमदाबाद रोड शो को छत्तीसगढ़ के पर्यटन को राष्ट्रीय बाजार से जोड़ने की महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। चंपारण के धार्मिक महत्व को आधार बनाकर गुजरात के पर्यटकों को सिरपुर, राजिम और बस्तर जैसे गंतव्यों तक आकर्षित करने की यह रणनीति प्रदेश में पर्यटन कारोबार, स्थानीय रोजगार और निवेश के नए अवसर विकसित करने में सहायक हो सकती है।

    केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया करेंगे शुभारंभ, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय रहेंगे अध्यक्षता में मौजूद; 3 नवंबर को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में होगा समापन

    पलक मुच्छल, स्वास्ति मेहुल और अभिजीत भट्टाचार्य की प्रस्तुतियां होंगी मुख्य आकर्षण, शिल्पग्राम में 30 सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए दिखेगी छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति की विविधता

    रायपुर। शौर्यपथ । छत्तीसगढ़ की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत, समृद्ध लोकपरंपराओं और जनजातीय जीवनशैली की अनुपम छटा के बीच राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर तीन दिवसीय छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 का भव्य आगाज 1 नवंबर से होने जा रहा है। नवा रायपुर अटल नगर स्थित राज्योत्सव मैदान में 1 से 3 नवंबर तक आयोजित होने वाला यह महोत्सव लोककला, संस्कृति, संगीत और आधुनिक मनोरंजन का अनूठा संगम बनेगा। तीन दिनों तक प्रदेश के विभिन्न अंचलों के लोककलाकार अपनी प्रस्तुतियों से छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को जीवंत करेंगे, वहीं बॉलीवुड के लोकप्रिय गायक-गायिकाओं की प्रस्तुतियां भी उत्सव का प्रमुख आकर्षण रहेंगी।

    राज्योत्सव का शुभारंभ 1 नवंबर को शाम 6 बजे केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री श्री मनसुख मांडविया के मुख्य आतिथ्य में होगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय समारोह की अध्यक्षता करेंगे। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव एवं श्री विजय शर्मा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। प्रदेश के मंत्रीगण, सांसद, विधायक एवं अन्य जनप्रतिनिधि भी समारोह में शामिल होंगे।

    दूसरे दिन 2 नवंबर को राज्यपाल श्री रमेन डेका मुख्य अतिथि होंगे, जबकि पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। विधायक श्री राजेश मूणत, श्री पुरंदर मिश्रा, श्री मोतीलाल साहू, श्री सुनील सोनी, श्री अनुज शर्मा एवं श्री इंद्र कुमार साहू विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे।

    राज्योत्सव का समापन 3 नवंबर को केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह के मुख्य आतिथ्य में होगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय समारोह की अध्यक्षता करेंगे। समापन अवसर पर राज्य अलंकरण समारोह का आयोजन किया जाएगा, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित किया जाएगा।

    पहले दिन पलक मुच्छल के गीतों से सजेगी शाम

    राज्योत्सव के पहले दिन मुख्य मंच पर शाम 5 बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरुआत होगी। शाम 5 से 6 बजे तक दक्षिण मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र के कलाकार प्रादेशिक एवं राज्यस्तरीय लोकसंगीत की प्रस्तुति देंगे। शाम 6 बजे रायपुर के कलाकार अनुराग शर्मा अपनी संगीतमय प्रस्तुति देंगे। शाम 6.30 से 8 बजे तक उद्घाटन समारोह आयोजित होगा। इसके बाद रात 8 बजे बॉलीवुड की प्रसिद्ध पार्श्व गायिका पलक मुच्छल अपनी सुरीली आवाज से दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगी।

    दूसरे दिन ‘मैं अयोध्या हूं’ का मंचन, स्वास्ति मेहुल की होगी प्रस्तुति

    2 नवंबर को राज्योत्सव में कला और संस्कृति के विविध रंग देखने को मिलेंगे। शाम 6 से 7 बजे तक ‘मैं अयोध्या हूं’ नाट्य प्रस्तुति का मंचन होगा, जिसमें अयोध्या की ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक विरासत और भारतीय सांस्कृतिक चेतना को मंच पर प्रस्तुत किया जाएगा। शाम 7 से 8 बजे तक रायपुर के कलाकार सुनील सोनी की प्रस्तुति होगी। रात 8 बजे से बॉलीवुड पार्श्व गायिका स्वास्ति मेहुल अपने गीतों से समां बांधेंगी।

    अंतिम दिन पद्मश्री उषा बारले की पंथी प्रस्तुति, अभिजीत भट्टाचार्य करेंगे समापन

    3 नवंबर को अंतिम दिन शाम 6 से 6.30 बजे तक दक्षिण मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र के कलाकार लोकसंगीत प्रस्तुत करेंगे। शाम 6.30 से 7 बजे तक छत्तीसगढ़ की प्रसिद्ध पंथी नृत्य कलाकार पद्मश्री उषा बारले की विशेष प्रस्तुति होगी। शाम 7 से रात 9 बजे तक राज्य अलंकरण समारोह आयोजित किया जाएगा। इसके बाद रात 9 बजे बॉलीवुड के प्रसिद्ध पार्श्व गायक अभिजीत भट्टाचार्य अपने लोकप्रिय गीतों की प्रस्तुति देंगे।

    शिल्पग्राम में तीन दिनों तक 30 प्रस्तुतियों से सजेगा सांस्कृतिक मंच

    राज्योत्सव मैदान में मुख्य समारोह के साथ ही शिल्पग्राम का मंच भी स्थानीय कलाकारों की प्रतिभा और छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति का प्रमुख केंद्र रहेगा। यहां प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रम शुरू होंगे। तीन दिनों में कुल 30 प्रस्तुतियां आयोजित की जाएंगी। इनमें पंडवानी, पंथी, सुआ नृत्य, कथक, ओडिसी, लोकमंच, लोकगीत, भजन, सूफी संगीत, गजल, शास्त्रीय नृत्य और आदिवासी लोकसंगीत सहित विभिन्न विधाओं का प्रदर्शन होगा।

    पहले दिन 1 नवंबर को कुल नौ प्रस्तुतियां होंगी। रायपुर के शिवेन्द्र मंडावी लोकसंगीत एवं गिटार वादन से शुरुआत करेंगे। राजीव श्रीवास्तव का रिदम बैंड और संतोष कुमार सिंहा का फ्यूजन बैंड भी प्रस्तुति देंगे। दुर्ग के चेतन देवांगन और रायपुर की दुर्गा साहू पंडवानी गायन के माध्यम से इस लोकपरंपरा को जीवंत करेंगे। अनुष्का सुल्ताना शास्त्रीय नृत्य, दुर्ग की रजनी रजक लोकमंच एवं ढोलामारू, बिलासपुर की वंदिता साहू लोकसंगीत तथा पायल साहू लोकमंच की प्रस्तुति देंगी।

    दूसरे दिन 2 नवंबर को शिल्पग्राम में 11 सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आयोजित होंगी। प्रसन्ना अवस्थी लोकसंगीत एवं नृत्य, सुष्मिता दास ओडिसी नृत्य तथा दुर्ग की समप्रिया पूजा निषाद पंडवानी गाथा प्रस्तुत करेंगी। बिलासपुर के अंकित निर्मलकर सूफी, गजल एवं सुगम गायन से दर्शकों को जोड़ेंगे। गरियाबंद की मिलवंतीन बाई सुआ नृत्य, रायपुर की मेघा बोस ताम्रकार पारंपरिक लोकसंगीत और आंचल पाण्डेय कथक नृत्य प्रस्तुत करेंगी। धमतरी की रुखमनी दीवान लोकमंच, आदित्य मिश्रा बैंड, विनीता त्रिपाठी कथक नृत्य तथा तेजराम साहू लोकमंच की प्रस्तुति देंगे।

    तीसरे दिन 3 नवंबर को दस प्रस्तुतियों के माध्यम से पंथी, आदिवासी लोकनृत्य, भजन, सूफी संगीत और कथक का संगम देखने को मिलेगा। रायपुर की आस्था भट्ट भजन गायन, दुर्ग की आरती बारले पंथी नृत्य और कबीरधाम के राकेश सेन लोकमंच प्रस्तुत करेंगे। रायपुर के दिनेश कुमार जांगड़े पंथी नृत्य तथा पूर्णिमा साहू जसगीत एवं जगराता भजन प्रस्तुत करेंगी। अभिषेक सोनकर आदिवासी लोकसंगीत एवं नृत्य, दीपाली पाण्डेय कथक समूह नृत्य, वृद्धुमन वचस्पति भारती सूफी संगीत और अनुष्णा रॉय चौधरी कथक नृत्य प्रस्तुत करेंगी। आनंदकुमार पाण्डेय की नाट्य प्रस्तुति भी आकर्षण का केंद्र रहेगी।

    स्थानीय कलाकारों को राष्ट्रीय मंच से जुड़ने का अवसर

    छत्तीसगढ़ राज्योत्सव केवल राज्य स्थापना दिवस का समारोह नहीं, बल्कि प्रदेश की सांस्कृतिक अस्मिता, लोकपरंपराओं और जनजातीय पहचान को संरक्षित एवं नई पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण अवसर भी है। पंडवानी, पंथी, सुआ नृत्य और आदिवासी लोककलाएं छत्तीसगढ़ के सामाजिक जीवन, लोकआस्था और ऐतिहासिक परंपराओं की पहचान हैं। शिल्पग्राम में स्थानीय कलाकारों को व्यापक मंच उपलब्ध कराने के साथ राष्ट्रीय स्तर के प्रसिद्ध कलाकारों की प्रस्तुतियों को शामिल किया गया है। इससे जहां लोककलाओं के संरक्षण और संवर्धन को प्रोत्साहन मिलेगा, वहीं दर्शकों को प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता से रूबरू होने का अवसर भी मिलेगा।

    तीन दिनों तक चलने वाला यह आयोजन पारंपरिक लोककलाओं और आधुनिक संगीत का ऐसा संगम प्रस्तुत करेगा, जिसमें छत्तीसगढ़ के अलग-अलग अंचलों की सांस्कृतिक विरासत एक ही मंच पर दिखाई देगी। नवा रायपुर का राज्योत्सव मैदान 1 से 3 नवंबर तक लोकसंगीत, नृत्य, नाट्य और सुरों की गूंज से सराबोर रहेगा।

    भेंडरा में अंतिम यात्रा में शामिल हुए मुख्यमंत्री, कहा– उनका सरल व्यक्तित्व, आत्मीय व्यवहार और जनसेवा के प्रति समर्पण सदैव स्मरणीय रहेगा

    बालोद/रायपुर। अहिवारा विधानसभा क्षेत्र के विधायक स्वर्गीय डोमनलाल कोर्सेवाड़ा के निधन से राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर है। शनिवार को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय उनके गृह ग्राम भेंडरा पहुंचे और पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री उनकी अंतिम यात्रा में भी शामिल हुए और नम आंखों से दिवंगत विधायक को अंतिम विदाई दी।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि डोमनलाल कोर्सेवाड़ा का निधन पूरे क्षेत्र की जनता के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत रूप से भी यह उनके लिए अत्यंत पीड़ादायक क्षण है। स्वर्गीय कोर्सेवाड़ा का सरल व्यक्तित्व, आत्मीय व्यवहार और जनसेवा के प्रति उनका समर्पण हमेशा स्मृतियों में जीवित रहेगा।

    मुख्यमंत्री ने शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा को श्रीचरणों में स्थान देने तथा परिवारजनों को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।

    जनप्रतिनिधि के रूप में उनकी स्मृतियां और जनसेवा के प्रति समर्पण क्षेत्रवासियों के बीच सदैव याद किया जाएगा।

    चार अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस, तीन दिन में मांगा जवाब; जिले के तीनों निगमों की निर्वाचन नामावली पर उठे सवाल

    दुर्ग। नगर पालिका आम निर्वाचन-2026 की तैयारियों के बीच भिलाई-चरोदा नगर निगम की मतदाता सूची में भी गंभीर त्रुटियां सामने आई हैं। निगम के 40 वार्डों में से 16 वार्डों के 1,204 मतदाताओं के नाम उनके निर्धारित वार्डों के बजाय दूसरे वार्डों में दर्ज होने की जानकारी सामने आने के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी (स्थानीय निर्वाचन) अभिजीत सिंह ने चार संबंधित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिनों के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है।

    नोटिस प्राप्त करने वालों में रजिस्ट्रीकरण अधिकारी प्रकाश सोनी, सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी रवि विश्वकर्मा तथा अतिरिक्त सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी आलोक पसीने एवं प्रभाकर शुक्ला शामिल हैं।

    छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार 1 अक्टूबर 2026 की संदर्भ तिथि के आधार पर फोटोयुक्त निर्वाचक नामावली तैयार एवं पुनरीक्षित की जा रही है। भिलाई-चरोदा नगर निगम की प्रारंभिक मतदाता सूची का प्रकाशन 23 अक्टूबर 2026 को किया गया था। इसके बाद बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) एवं राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने मतदाताओं के नाम निर्धारित वार्डों के स्थान पर अन्य वार्डों में दर्ज होने की त्रुटियों की जानकारी दी।

    जारी नोटिस में निर्वाचक नामावली तैयार करने में गंभीर लापरवाही तथा बीएलओ द्वारा प्रस्तुत आधार पत्रक क्रमांक 01 एवं 02 की समुचित जांच नहीं किए जाने का उल्लेख किया गया है। संबंधित अधिकारियों को तीन दिनों के भीतर अपना पक्ष प्रस्तुत करने और नगर पालिका निर्वाचन नियम 1994 के प्रावधानों के अनुरूप शुद्ध एवं त्रुटिरहित मतदाता सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।

    प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय में जवाब प्रस्तुत नहीं करने अथवा स्पष्टीकरण असंतोषजनक पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

    तीनों निगमों की मतदाता सूची पर उठे सवाल

    गौरतलब है कि दुर्ग जिले के रिसाली नगर निगम में 12 वार्डों के 24,709 तथा भिलाई नगर निगम में 42 वार्डों के 11,339 मतदाताओं के नाम दूसरे वार्डों में दर्ज होने का मामला पहले ही सामने आ चुका है। अब भिलाई-चरोदा में 16 वार्डों के 1,204 मतदाताओं के नामों में गड़बड़ी उजागर होने से जिले के तीनों नगर निगमों की मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। तीनों निगमों को मिलाकर कुल 37,252 मतदाताओं के नाम वार्डवार त्रुटि से प्रभावित बताए गए हैं।

    रिसाली के बाद भिलाई निगम में भी निर्वाचन नामावली की गंभीर खामी उजागर, सात अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस

    दुर्ग। नगर पालिका आम निर्वाचन-2026 की तैयारियों के बीच भिलाई नगर निगम की मतदाता सूची में भी बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। निगम के 70 वार्डों में से 42 वार्डों के 11,339 मतदाताओं के नाम उनके निर्धारित वार्डों के बजाय अन्य वार्डों में दर्ज पाए जाने की जानकारी सामने आने से निर्वाचन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी (स्थानीय निर्वाचन) अभिजीत सिंह ने सात संबंधित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिनों के भीतर जवाब मांगा है।

    नोटिस प्राप्त करने वाले अधिकारियों में रजिस्ट्रीकरण अधिकारी सोनाल डेविड, सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी डीकेश्वर साहू तथा अतिरिक्त सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी अरविंद शर्मा, अमरनाथ दुबे, येशा लहरे, कुलदीप कुमार गुप्ता एवं अरविंद शर्मा के नाम शामिल हैं।

    छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार 1 अक्टूबर 2026 की संदर्भ तिथि के आधार पर फोटोयुक्त निर्वाचक नामावली तैयार एवं पुनरीक्षित की जा रही है। भिलाई नगर निगम की प्रारंभिक मतदाता सूची का प्रकाशन 23 अक्टूबर 2026 को किया गया था। इसके बाद बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) एवं राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने मतदाताओं के नाम निर्धारित वार्डों के स्थान पर दूसरे वार्डों में दर्ज होने की त्रुटियों की जानकारी दी।

    जारी नोटिस में मतदाता सूची तैयार करने में गंभीर लापरवाही तथा बीएलओ द्वारा प्रस्तुत आधार पत्रक क्रमांक 01 एवं 02 की समुचित जांच नहीं किए जाने का उल्लेख किया गया है। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को तीन दिनों के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के साथ ही नगर पालिका निर्वाचन नियम 1994 के प्रावधानों के अनुरूप शुद्ध एवं त्रुटिरहित निर्वाचक नामावली तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

    प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय में जवाब नहीं मिलने अथवा स्पष्टीकरण असंतोषजनक पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

    रिसाली के बाद भिलाई में भी उजागर हुई गड़बड़ी

    गौरतलब है कि रिसाली नगर निगम की मतदाता सूची में भी 12 वार्डों के 24,709 मतदाताओं के नाम दूसरे वार्डों में दर्ज होने का मामला सामने आ चुका है, जिसमें चार अधिकारियों को नोटिस जारी किए गए हैं। अब भिलाई में 42 वार्डों के 11,339 मतदाताओं के नामों में गड़बड़ी उजागर होने से जिले के दोनों नगर निगमों की निर्वाचन नामावली की शुद्धता और पुनरीक्षण प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

    Page 1 of 3142

    हमारा शौर्य

    हमारे बारे मे

    whatsapp-image-2020-06-03-at-11.08.16-pm.jpeg
     
    CHIEF EDITOR -  SHARAD PANSARI
    CONTECT NO.  -  8962936808
    EMAIL ID         -  shouryapath12@gmail.com
    Address           -  SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
    LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
    © 2015 Shouryapath. All Rights Reserved. Designed By Global Vision