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मोदी सरकार के द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य की कर रही उपेक्षा किया जा रहा सौतेला व्यवहार

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मोदी सरकार की तानाशाही और सौतेले व्यवहार के आगे अपना मुंह नही खोल पा रहे है भाजपा के नौ सांसद
मुँह में दही जमा कर बैठे है भाजपा सांसदो की हरकत से प्रदेश की जनता आहत है, दुःखी है
केंद्रीय ग्रामीण स्वामित्व योजना में छत्तीसगढ़ राज्य को शामिल नहीं किया गया है जबकि पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश सहित हरियाणा, कर्नाटक, महाराष्ट्र, उत्तराखंड और उत्तरप्रदेश को शामिल किया गया है
किसान सम्मान निधि का लाभ छत्तीसगढ़ राज्य को मोदी सरकार विवरण नहीं दिया जा रहा है राज्य में 34 लाख किसानों की सूची भेजी गई थी और मोदी सरकार द्वारा 18 लाख को शामिल नहीं किया गया
वन नेशन वन राशन कार्ड के दूसरे चरण में छत्तीसगढ़ राज्य को शामिल नहीं करना मोदी सरकार का सौतेला व्यवहार है

रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव एवं प्रवक्ता विकास तिवारी ने कहा कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा लगातार प्रदेश की उपेक्षा की जा रही है और छत्तीसगढ़ राज्य को अपमानित किया जा रहा है। कोरोना कोविड-19 महामारी के कठिन समय में पूरा देश और प्रदेश आर्थिक तंगी से जूझ रहा है और विषम परिस्थितियों को भी नजरअंदाज करते हुए मोदी सरकार के द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य को उपेक्षित रखा जा रहा है और सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा कोरोना महामारी से निपटने, प्रदेश को विकास की पटरी में लाने और आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए 30 हजार करोड़ की मांग प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर की गई थी, लेकिन केंद्र सरकार द्वारा राशि देना तो दूर छत्तीसगढ़ राज्य का हक का पैसा भी नही दिया जा रहा है। राजनीतिक प्रतिशोध के कारण यह व्यवहार किया जा रहा है।

कांग्रेस प्रवक्ता विकास तिवारी ने कहा कि मोदी सरकार की चौथी बड़ी योजना केंद्रीय ग्रामीण स्वामित्व योजना में छत्तीसगढ़ राज्य को शामिल नहीं किया गया है जबकि पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश सहित हरियाणा, कर्नाटक, महाराष्ट्र, उत्तराखंड और उत्तरप्रदेश को शामिल किया गया है। यह छत्तीसगढ़ राज्य की उपेक्षा का सीधा जागता उदाहरण है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना में भी छत्तीसगढ़ राज्य की उपेक्षा की गई जबकि कोरोना महामारी के समय मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के अथक मेहनत और प्रयासों के बाद पांच लाख से अधिक श्रमिक छत्तीसगढ़ राज्य में वापस लौटे। किसान सम्मान निधि योजना का लाभ भी छत्तीसगढ़ राज्य को नहीं दिया जा रहा है राज्य के द्वारा 34 लाख किसानों की सूची केंद्र को भेजी गई थी जिसमें 18 लाख किसानों को शामिल नही किया गया। अन्य योजनाओं और टैक्स से लेकर अनुदान तक देने में भेदभाव किया जा रहा है। टैक्स के शेयर के रूप में प्रदेश को 26 हजार करोड़ मिलने थे और मोदी सरकार द्वारा मात्र 10 हजार करोड़ ही प्रदान किया गया है। जीएसटी की क्षतिपूर्ति में भी छत्तीसगढ़ राज्य की अनदेखी की गई है, राज्य को 9 हजार करोड़ रुपए मिलने से लेकिन इस वर्ष मात्र 350 करोड़ ही जारी किए गए हैं। जबकि कोरोना महामारी के समय जीएसटी संकलन में छत्तीसगढ़ राज्य पूरे देश में दूसरे स्थान पर रहा है।

प्रवक्ता विकास तिवारी ने कहा कि आदिवासियों के नाम पर घड़ियाली आंसू रोने वाले भारतीय जनता पार्टी के द्वारा प्रदेश में बांटे जाने वाले वन अधिकार पट्टा बांटने की योजना में भी छत्तीसगढ़ राज्य की उपेक्षा की गई है और भाजपा शासित राज्यों को तवज्जो दिया गया है। कांग्रेस प्रवक्ता विकास तिवारी ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य के साथ किए जा रहे हैं सौतेले व्यवहार पर भाजपा के प्रदेश के 9 सांसद चुप्पी साध रखे हैं उनके मुंह पर दही जमा हुआ है। जबकि छत्तीसगढ़ राज्य की जनता ने 11 में से 9 सांसदों को जीता कर इसलिए भेजा था ताकि वह केंद्र सरकार से प्रदेश के हित के लिए और उन्नति के लिए अथक प्रयास करेंगे। जबकि हो और इसका उल्टा रहा है छत्तीसगढ़ राज्य की जनता भाजपा सांसदों से यह पूछ रही है कि लगातार छत्तीसगढ़ राज्य की सुरक्षा पर वह खामोश क्यों है और मोदी सरकार की तानाशाही के खिलाफ वह आवाज बुलंद क्यों नहीं कर रहे हैं? कोरोना महामारी के कारण प्रदेश को आर्थिक नुकसान पहुंच रहा है वहीं दूसरी ओर मोदी सरकार के तानाशाही के कारण प्रदेश के हक को भी मारा जा रहा है।

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