रायपुर / शौर्यपथ / प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने आरोप लगाया है कि सरकार की लापरवाही के कारण छत्तीसगढ़ में आयुष्मान योजना ठप होने की स्थिति में पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि निजी अस्पतालों को पिछले 17 माह से भुगतान नहीं किया गया, जिसके चलते अस्पतालों ने गरीबों का इलाज बंद करने की अंतिम चेतावनी सरकार को दे दी है।
दीपक बैज ने कहा— “यदि निजी अस्पताल आयुष्मान योजना के तहत गरीब मरीजों का इलाज बंद कर देंगे तो हजारों जरूरतमंद लोग संकट में आ जाएंगे। कई गंभीर बीमारियों का इलाज केवल निजी अस्पतालों में ही संभव है, जबकि सरकारी अस्पतालों पर पहले से ही भारी दबाव है।”
कांग्रेस शासन में स्वास्थ्य ढांचे को किया गया था मजबूत
बैज ने दावा किया कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को 2018 की तुलना में ढाई गुना बेहतर किया था।
जिला अस्पतालों को मल्टी स्पेशलिटी सेंटर में बदला गया था।
ब्लॉक स्तर पर भर्ती सुविधा विकसित की गई।
डायलिसिस व क्रिटिकल केयर यूनिट शुरू किए गए।
25 लाख तक की मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना लागू की गई।
4000 से अधिक डॉक्टर, नर्स और तकनीकी स्टाफ की नियमित भर्ती की गई।
हाट बाजार क्लिनिक, मोहल्ला क्लीनिक, दाई दीदी क्लिनिक, हमर अस्पताल और हमर लैब जैसे कार्यक्रम शुरू किए गए।
भाजपा शासन में स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल – बैज
बैज ने कहा कि भाजपा सरकार के आने के बाद महज़ 11 महीनों में ही प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था चरमराकर रह गई है। मेकाहारा से लेकर उपस्वास्थ्य केंद्र तक की स्थिति भगवान भरोसे है। मलेरिया, पीलिया और डायरिया जैसी बीमारियों से रोज मौतें हो रही हैं। सुकमा के गोगुंडा गांव में 15 दिनों में 10 आदिवासियों की मलेरिया से मौत हो गई। मलेरिया संक्रमण दर 8 गुना बढ़ चुकी है। हमर अस्पताल, हाट बाजार क्लिनिक और मोहल्ला क्लिनिक जैसे जनकल्याणकारी कार्यक्रम ठप हो चुके हैं।
त्वरित निर्णय की मांग
दीपक बैज ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने तत्काल निजी अस्पतालों का बकाया भुगतान नहीं किया तो आयुष्मान योजना के तहत इलाज पूरी तरह बंद हो जाएगा और गरीब जनता को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।