दुर्ग। शौर्यपथ
जिला कांग्रेस कमेटी दुर्ग में ऊर्जावान, जमीनी और संघर्षशील युवा नेता राहुल शर्मा को पुनः जिला महामंत्री बनाए जाने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं, युवाओं, वरिष्ठ नेताओं और आमजन में हर्ष और उत्साह की लहर है। उनकी नियुक्ति को संगठन में ऊर्जा, अनुभव और निरंतरता का प्रतीक माना जा रहा है।
राहुल शर्मा का राजनीतिक सफर 2005 में नगर शाला अध्यक्ष के रूप में शुरू हुआ। इसके बाद
2006 में एनएसयूआई दुर्ग विधानसभा के उपाध्यक्ष,
2008–09 में मध्य ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के महामंत्री,
2010–2012 तथा 2012–2018 तक श्री आर.एन. वर्मा के नेतृत्व में सचिव एवं महामंत्री,
2018 में गया पटेल की अध्यक्षता वाली समिति में महामंत्री के रूप में उन्होंने संगठन को मजबूती दी।
अब 2026 में उन्हें एक बार फिर जिला महामंत्री का दायित्व सौंपा गया है, जो उनके संगठनात्मक कौशल और नेतृत्व पर विश्वास को दर्शाता है।
राहुल शर्मा का नाम केवल पदों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि वे आंदोलनों और जनसंघर्षों में भी अग्रिम पंक्ति में रहे हैं। 2012 में नगर निगम दुर्ग के खिलाफ जनसमस्याओं को लेकर हुए आंदोलन में उनके विरुद्ध प्रकरण दर्ज हुआ, जिसमें वे विवेक मिश्रा, इलियास चौहान, अय्यूब खान, प्रकाश गीते और रज्जन खान के साथ 6 दिन जेल भी गए। इसे उनके संघर्षशील और निडर राजनीतिक जीवन का अहम अध्याय माना जाता है।
अपनी नियुक्ति पर राहुल शर्मा ने छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पूर्व विधायक अरुण वोरा, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री राजेंद्र साहू, तथा शहर कांग्रेस कमेटी दुर्ग के अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उन्हें धन्यवाद दिया।
उनकी नियुक्ति पर बधाई देने वालों में युवा साथियों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं की लंबी सूची शामिल है, जिनमें प्रमुख रूप से सुरेश गुप्ता, पिंकी गुप्ता, आशुतोष सिंह, विवेक मिश्रा, नासिर खोखर, विकास पुरोहित, सुरेश देवांगन, प्रकाश शर्मा, गुरदीप भाटिया, विकास राठी, सरोज यादव, प्रवीण चन्द्राकर, छोटे लाला यादव, राकेश सिन्हा, मनीष सोनवानी, लक्ष्मण शर्मा, विक्रांत शर्मा, राजू यादव, योगेश शर्मा, अनूप सिन्हा, विक्की यादव, प्रवीण सिंह, आशीष मेश्राम, सूर्यमणि मिश्रा, बाला पीढ़ियार, सौरभ पांडे, रिंकू शुक्ला, मोनू शर्मा, अजित शुक्ला सहित अनेक कार्यकर्ता शामिल हैं।
कुल मिलाकर, राहुल शर्मा की पुनर्नियुक्ति को दुर्ग कांग्रेस संगठन के लिए मजबूती, युवा नेतृत्व और संघर्ष की नई ऊर्जा के रूप में देखा जा रहा है।