महिला एवं बाल विकास विभाग भ्रष्टाचार का अड्डा बन गया
भाजपा सरकार कमीशनखोरी में लगी, बिना कमीशन के काम नहीं होता
रायपुर/शौर्यपथ (राजनितिक)/ पूरी की पूरी भाजपा सरकार कमीशनखोरी में लगी है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि साय सरकार में कोई ऐसा विभाग नहीं है जहां बिना कमीशन के काम हो जाए। सरकार का महिला एवं बाल विकास विभाग तो भ्रष्टाचार का अड्डा बन गया है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को छोटी साड़ी देकर सरकार ने भ्रष्टाचार की इंतहा को पार कर दिया। सरकार ने बहनों का चीरहरण घोटाला कर दिया। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को 6.3 मीटर की जगह 5 मीटर और 4.5 मीटर से भी कम लंबाई और चौड़ाई एवं घाटिया साड़ियां महिला एवं बाल विकास विभाग में वितरण किया गया है। साड़ियों के लंबाई और चौड़ाई में कम होने के कारण महिलाएं साड़ी का उपयोग नहीं कर पा रही। जो साड़ी हथकरघा के बुनकरों से 500 रू. में लेना था वही साड़ी गुजरात से 100 रू. में खरीद कर 500 रू. की बिलिंग करवा ली गयी।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग में एक महिला मंत्री के होते हुए महिलाओं के साथ उनके अधिकार पर डाका डाला जा रहा है और महिला मंत्री कमीशन-कमीशन खेल रही हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग में यह पहली बार नहीं हुआ है इससे पहले भी कई भ्रष्टाचार सामने आए हैं। आंगनबाड़ी केंद्रों में 40 करोड़ से अधिक की पोषण सामग्री खरीद में अनियमितता की गयी तथा सामूहिक कन्या विवाह योजना में बिना टेंडर वर्क आर्डर के काम दे दिया गया एवं प्रदेश के लगभग 2899 आंगनबाड़ी केंद्रों में 16 करोड़ की लागत से टीवी और आरओ यूनिट की खरीद में नियमों की अनदेखी की गई है, इसमें केंद्रीकृत टेंडर के बजाय टुकड़ों में खरीद कर भ्रष्टाचार किया गया है। यही नहीं सुचिता योजना के तहत सेनेटरी पैड जैसे समान की खरीदी पर भ्रष्टाचार किया गया, पूरा विभाग भ्रष्टाचार का केंद्र बन चुका है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि आंगनवाड़ी के कार्यकर्ता और सहायिकाओं को जो घटिया गुणवत्ताहीन साड़ियां बांटी गई है, वह साड़ियां महिला एवं बाल विकास विभाग वापस ले और साथ ही आंगनवाड़ी के बहनों को अच्छी क्वालिटी का साड़ी प्रदान करें। 1.94 लाख आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए जो साड़ी खरीदी गई थी वह साड़ी महिला एवं बाल विकास विभाग के मंत्री जो स्वयं महिला है उसको देखे कैसे उस साड़ी को लोग पहनेंगे? महिला एवं बाल विकास विभाग में बार-बार ऐसा भ्रष्टाचार और कमीशन खोरी का खेल सामने आने के बाद मंत्री अपनी नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार कर इस्तीफा दे।