Print this page

एक वोट का करिश्मा: श्रीनिवास सेतुपति ने रचा इतिहास, दिग्गज मंत्री को दी मात

  • rounak group

तमिलनाडु की राजनीति में इस बार ऐसा नज़ारा देखने को मिला, जिसने लोकतंत्र की असली ताकत को फिर से साबित कर दिया। विधानसभा चुनाव 2026 के परिणामों में जहां विजय की पार्टी तमिलगा वेट्री कड़गम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 108 सीटों पर जीत दर्ज कर सबको चौंका दिया, वहीं एक सीट ऐसी रही जिसने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।

? तिरुपत्तूर विधानसभा सीट पर श्रीनिवास सेतुपति ने इतिहास रच दिया। उन्होंने के.आर. पेरियाकरुप्पन को महज़ 1 वोट से हराकर राजनीति के दिग्गज को पटखनी दे दी।

पेरियाकरुप्पन, जो द्रविड़ मुनेत्र कड़गम के कद्दावर नेता और मंत्री रहे हैं, 2006 से लगातार 4 बार इस सीट से विधायक चुने जाते रहे थे। उनका प्रभाव इतना मजबूत था कि इस सीट को लगभग ‘अजेय गढ़’ माना जाता था। लेकिन इस बार जनता के एक-एक वोट ने सियासी समीकरण बदल दिए।

? जीत का अंतर—सिर्फ 1 वोट!

लोकतंत्र के इतिहास में यह परिणाम एक मिसाल बन गया है, जहां एक वोट ने न सिर्फ चुनाव का नतीजा बदला, बल्कि एक लंबे समय से स्थापित राजनीतिक दबदबे को भी खत्म कर दिया।

? राजनीतिक संदेश क्या है?

यह परिणाम साफ संकेत देता है कि जनता का मूड बदल रहा है और अब हर वोट की अहमियत पहले से कहीं ज्यादा बढ़ गई है। नए चेहरों और नई सोच को मतदाता खुलकर मौका दे रहे हैं।

? सरकार गठन की तस्वीर

हालांकि टीवीके को पूर्ण बहुमत नहीं मिला, लेकिन कांग्रेस और अन्य क्षेत्रीय दलों के समर्थन से विजय के मुख्यमंत्री बनने का रास्ता लगभग साफ नजर आ रहा है।

? निष्कर्ष:

तिरुपत्तूर की यह सीट सिर्फ एक चुनावी परिणाम नहीं, बल्कि लोकतंत्र की ताकत का जीवंत उदाहरण बन गई है—जहां “एक वोट” भी इतिहास लिख सकता है।

Rate this item
(0 votes)
शौर्यपथ

Latest from शौर्यपथ