रायपुर:
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के छत्तीसगढ़ दौरे को लेकर राज्य में एक बड़ा राजनीतिक बवंडर खड़ा हो गया है। सत्ताधारी दल भाजपा के नेताओं द्वारा राहुल गांधी पर की गई बेहद निजी और तल्ख टिप्पणियों के बाद दोनों पार्टियों के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। जहां भाजपा विधायकों और मंत्रियों ने राहुल गांधी के दौरे को लेकर तंज कसे हैं, वहीं कांग्रेस ने भी इस पर बेहद आक्रामक रुख अपनाते हुए करारा जवाब दिया है।
1. विधायक पुरंदर मिश्रा का बयान: "दिल्ली से आ रहा जोकर"
छत्तीसगढ़ के रायपुर उत्तर से भाजपा विधायक पुरंदर मिश्रा ने राहुल गांधी के दौरे पर टिप्पणी करते हुए विवादित बयान दिया है।
क्या कहा भाजपा विधायक ने: राहुल गांधी के छत्तीसगढ़ आगमन के संदर्भ में पुरंदर मिश्रा ने तंज कसते हुए कहा, "दिल्ली से जोकर आ रहा है और 10 दिन तक सर्कस चलेगा।"
कांग्रेस का पलटवार: विधायक मिश्रा के इस बयान पर छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी और पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने कड़ी आपत्ति जताई है। कांग्रेस नेताओं ने इसे भाजपा विधायक का 'मानसिक दिवालियापन' करार दिया। कांग्रेस ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यदि भाजपा विधायक का मानसिक संतुलन बिगड़ गया है, तो कांग्रेस उनके इलाज का पूरा खर्च उठाने के लिए तैयार है।
2. वन मंत्री केदार कश्यप का तंज: "दारू से धोएं राहुल के चरण"
विवाद को और हवा तब मिली जब छत्तीसगढ़ के वन मंत्री केदार कश्यप ने राहुल गांधी के दौरे से ठीक पहले एक प्रेस वार्ता में कांग्रेस पर सीधा हमला बोला।
क्या कहा वन मंत्री ने: कांग्रेस के स्वागत कार्यक्रमों पर कटाक्ष करते हुए केदार कश्यप ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने अपने पिछले 5 साल के शासनकाल में केवल शराब घोटाला किया है। उन्होंने आगे कहा, "इसलिए जब राहुल गांधी छत्तीसगढ़ आएं, तो कांग्रेसियों को (गंगाजल या पानी के बजाय) उनके चरण 'दारू' से धोने चाहिए।"
कांग्रेस का पलटवार: वन मंत्री के इस बयान पर छत्तीसगढ़ कांग्रेस के अध्यक्ष दीपक बैज ने मोर्चा संभाला। बैज ने कहा कि यह बयान भाजपा के 'निचले स्तर के चरित्र' को उजागर करता है। उन्होंने राज्य की संस्कृति का हवाला देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में अतिथियों का स्वागत हमेशा 'धान' (अक्षत) से किया जाता है, लेकिन भाजपा ने अपने बयानों और नीतियों से राज्य को शराब का गढ़ बना दिया है।
सियासी गलियारों में चर्चा:
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राहुल गांधी के दौरे से पहले इस तरह की बयानबाजी यह दर्शाती है कि राज्य में आगामी दिनों में राजनीतिक मुकाबला और भी दिलचस्प और आक्रामक होने वाला है। जहां भाजपा कांग्रेस को उसके पिछले कार्यकाल के मुद्दों पर घेरने की कोशिश कर रही है, वहीं कांग्रेस इसे छत्तीसगढ़ी संस्कृति के अपमान और भाजपा की हताशा के रूप में पेश कर रही है।