निकाय चुनाव से पहले दावेदारों की सक्रियता तेज, स्टार प्रचारकों से लेकर महापौर प्रत्याशी तक नामों की चर्चा; सत्ता और संगठन की परीक्षा बनेगा रिसाली
भिलाई/रिसाली। रिसाली नगर निगम चुनाव की आहट के साथ ही राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी ने अभी भले ही आधिकारिक तौर पर अपने प्रत्याशियों की घोषणा नहीं की हो, लेकिन दोनों दलों में संभावित चेहरों को लेकर मंथन तेज हो गया है। राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं हैं कि इस बार रिसाली का चुनाव केवल महापौर चुनने का नहीं, बल्कि दोनों प्रमुख दलों की संगठनात्मक ताकत और जनाधार की बड़ी परीक्षा भी होगा।
राजनीतिक सूत्रों के अनुसार कांग्रेस की ओर से पूर्व मंत्री ताम्रध्वज साहू चुनाव प्रचार की कमान संभाल सकते हैं, जबकि भाजपा की ओर से विधायक ललित चंद्राकर प्रमुख रणनीतिक भूमिका में दिखाई दे सकते हैं। दोनों नेताओं के अनुभव और संगठनात्मक पकड़ को देखते हुए चुनावी मुकाबला बेहद रोचक होने की संभावना जताई जा रही है।
महापौर की दौड़ में कई चेहरे, कांग्रेस में सबसे आगे रामेश्वरी का नाम
महापौर पद के संभावित दावेदारों की चर्चा भी तेज हो गई है। कांग्रेस में रामेश्वरी दिवाकर गायकर का नाम सबसे प्रमुख दावेदार के रूप में सामने आ रहा है। वहीं हेमिन चतुर्वेदी भी टिकट की दौड़ में सक्रिय मानी जा रही हैं। हालांकि अंतिम निर्णय पार्टी नेतृत्व और चुनावी समीकरणों के आधार पर लिया जाएगा।
भाजपा में भी दावेदारों की लंबी कतार
भाजपा में भी महापौर पद को लेकर कई नाम चर्चा में हैं। पार्टी के भीतर पार्वती ढीढ़ी का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है। इसके अलावा चंद्रकली चतुर्वेदी, हिंदी डाहरे सहित अन्य संभावित दावेदार भी संगठन के संपर्क में बताए जा रहे हैं। उम्मीदवार चयन में संगठन, सामाजिक समीकरण और जीत की संभावना अहम आधार बन सकते हैं।
40 वार्ड, सीधा मुकाबला और प्रतिष्ठा की लड़ाई
रिसाली नगर निगम के 40 वार्डों में इस बार मुख्य मुकाबला कांग्रेस और भाजपा के बीच ही माना जा रहा है। हालांकि आम आदमी पार्टी और अन्य क्षेत्रीय दल भी चुनावी मैदान में सक्रिय होने की तैयारी कर रहे हैं, लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मुकाबले का केंद्र कांग्रेस और भाजपा ही रहेंगी।
राजनीतिक जानकारों के अनुसार प्रदेश में भाजपा की सरकार होने के कारण चुनाव में सत्ता पक्ष को प्रशासनिक अनुभव का लाभ मिल सकता है, जबकि कांग्रेस स्थानीय मुद्दों और अपने पारंपरिक जनाधार के भरोसे मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है।