“शांति का टापू” से अपराध और नशे के गढ़ तक पहुंचा छत्तीसगढ़ : राहुल शर्मा
दुर्ग / शौर्यपथ। जिला कांग्रेस कमेटी दुर्ग के महामंत्री राहुल शर्मा ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए छत्तीसगढ़ में बिगड़ती कानून-व्यवस्था, बढ़ते अपराध और नशे के कारोबार को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि कभी छत्तीसगढ़ की पहचान “शांति का टापू” के रूप में होती थी, लेकिन भाजपा की डबल इंजन सरकार के ढाई साल के कार्यकाल में प्रदेश अपराध, नशे और माफियाराज की गिरफ्त में पहुंच गया है।
राहुल शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ में हरेली, तीजा, दीपावली, दशहरा सहित सभी त्योहार लोग प्रेम, भाईचारे और सौहार्द के साथ मनाते थे। महिलाएं रात के समय भी स्वयं को सुरक्षित महसूस करती थीं। लेकिन आज परिस्थितियां बदल गई हैं। त्योहारों के दौरान भी चोरी, गुंडागर्दी, नशे में मारपीट और आपराधिक घटनाओं की खबरें सामने आ रही हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि स्कूल-कॉलेजों के आसपास 200 से 300 मीटर के दायरे में ड्रग्स, गांजा, स्मैक और अवैध शराब आसानी से उपलब्ध होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। पुलिस की नाक के नीचे नशे के अड्डे संचालित होने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि इसका सबसे गंभीर असर प्रदेश के युवाओं पर पड़ रहा है। हजारों युवा नशे की गिरफ्त में आकर अपना भविष्य बर्बाद कर रहे हैं।
कांग्रेस नेता ने NCRB के आंकड़ों का हवाला देते हुए दावा किया कि छत्तीसगढ़ में हत्या, लूट, डकैती, अपहरण और महिलाओं के खिलाफ अपराधों में 200 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि व्यापारी, किसान और आम नागरिक सहित कोई भी वर्ग स्वयं को पूरी तरह सुरक्षित महसूस नहीं कर रहा है।
राहुल शर्मा ने प्रदेश के गृहमंत्री से सवाल करते हुए कहा, “नशा माफिया को किसका संरक्षण प्राप्त है? सरकार के तीन वर्ष के कार्यकाल में कानून-व्यवस्था सुधारने के बजाय इसे बदहाल क्यों होने दिया गया?” उन्होंने कहा कि सरकार को केवल दावे करने के बजाय नशे के नेटवर्क और उसके पीछे सक्रिय लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करनी चाहिए।
उन्होंने सरकार से मांग की कि नशा माफिया और उनके संरक्षणदाताओं के खिलाफ NSA/रासुका के तहत कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही प्रदेश के प्रत्येक जिले में एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स गठित की जाए, ताकि नशे के कारोबार की जड़ तक पहुंचकर कार्रवाई की जा सके।
राहुल शर्मा ने त्योहारों के दौरान विशेष सुरक्षा व्यवस्था लागू करने, संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस गश्त बढ़ाने और युवाओं को नशे से बचाने के लिए प्रभावी अभियान चलाने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार को गंभीरता से कदम उठाकर प्रदेश की कानून-व्यवस्था को मजबूत करना होगा।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस की मांग है कि सरकार अपराध और नशे के खिलाफ ठोस एवं प्रभावी कार्रवाई करे, ताकि छत्तीसगढ़ की पुरानी पहचान “शांति का टापू” के रूप में फिर से स्थापित हो सके।