दुर्ग / शौर्यपथ। निष्पक्ष चुनाव प्रणाली और मतदाता अधिकारों की रक्षा की मांग को लेकर इंडिया गठबंधन के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को दुर्ग कलेक्ट्रेट का दूसरी बार घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। कलेक्ट्रेट परिसर के सामने बड़ी संख्या में विपक्षी दलों के नेता और कार्यकर्ता जुटे तथा केंद्र सरकार और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। विरोध प्रदर्शन के दौरान दोनों के पुतले भी फूंके गए।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सुनियोजित तरीके से देश के लगभग 13 करोड़ नागरिकों को उनके मताधिकार से वंचित किया गया है। विपक्षी नेताओं ने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था और मतदाता अधिकारों पर गंभीर हमला बताते हुए चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाए।
प्रदर्शन का नेतृत्व जिला अध्यक्ष मुकेश चंद्राकर और राकेश ठाकुर ने किया। दोनों नेताओं ने कहा कि चुनाव आयोग की निष्पक्षता को लेकर जनता के बीच गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने मांग की कि लोकतंत्र की गरिमा और चुनावी व्यवस्था में जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को तत्काल अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।
नेताओं ने कहा कि मतदाता का अधिकार लोकतंत्र की बुनियादी ताकत है और किसी भी परिस्थिति में पात्र नागरिकों को उनके मताधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच तथा जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
इंडिया गठबंधन के नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया और निष्पक्ष जांच की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर यह विरोध सड़क से संसद तक जारी रहेगा।
प्रदर्शन को देखते हुए कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा और पूरे प्रदर्शन के दौरान प्रशासनिक एवं पुलिस अमला स्थिति पर नजर बनाए रहा।