बौखलाहट में मोदी सरकार के खिलाफ ही आंदोलन करवाने में लगे है रमन सिंह - कांग्रेस
रमन सिंह गरीब विरोधी, किसान विरोधी, छत्तीसगढ़ विरोधी तो रहे ही अब मोदी विरोध पर भी उतर आये हैं : कांग्रेस
रमन सिंह जो-जो असंभव कहते रहे कांग्रेस ने कर दिखाया
2500 धान का दाम, कर्जमाफी और 80 लाख टन धान खरीदी हर साल
कांग्रेस सरकार ने कर दिखाया तो रमन सिंह और भाजपा के हाथों से तोते उड़ गये
बौखलाहट में मोदी सरकार के खिलाफ ही आंदोलन करवाने में लगे है रमन सिंह
रायपुर / शौर्यपथ / भाजपा के किसान आंदोलन की घोषणा पर तंज कसते हुये प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष गिरीश देवांगन और प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि भाजपा पहले यह तो छत्तीसगढ़ के किसानों को बतायें कि यह आंदोलन दिल्ली में मोदी सरकार के किसान विरोधी काले कानूनों के खिलाफ है या फिर छत्तीसगढ़ में राजीव गांधी किसान न्याय योजना के जरिए धान, मक्का, गन्ना उत्पादकों की दी जा रही प्रति एकड़ 10 हजार सहायता राशि के खिलाफ है क्योंकि भाजपा के नेता किसानों को समर्थन मूल्य के अलावा अतिरिक्त राशि का सहायता देने का विरोध कर रहे। भाजपा मोदी सरकार के खिलाफ मैदान में उतरे किसानों को समझाने में विफल हो चुकी है और षड़यंत्र कर किसानों के खिलाफ माहौल बनाने में जुटी है। जिसने 3 लाख 50 हजार गठान जूट बोरी नहीं देकर छत्तीसगढ़ में धान खरीदी में विघ्न डालने की फिर से कोशिश की है।
प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्षऔर प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष ने कहा है कि रमन सिंह जो-जो असंभव कहते रहे कांग्रेस ने कर दिखाया। 2500 धान का दाम, कर्जमाफी और 85 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी। हर साल कांग्रेस सरकार ने कर दिखाया तो रमन सिंह और भाजपा के हाथों से तोते उड़ गये। रमन सिंह बौखलाहट में गरीब विरोधी, किसान विरोधी, छत्तीसगढ़ विरोधी कृत्य कर रहे है।
प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष गिरीश देवांगन और प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि वर्ष 2013 के विधानसभा चुनावों के पूर्व जारी घोषणा पत्र में कांग्रेस द्वारा किसानों से उनका धान 2000 रू. प्रति क्विंटल की दर से खरीदने का वादा किया गया था। कांग्रेस को मिल रहे किसानों के समर्थन से घबराकर डॉ. रमन सिंह ने उसी समय 2100 रू. प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदने का संकल्प लिया था तथा प्रतिवर्ष 300 रू. प्रति क्विंटल बोनस भी देने का वादा किया था। 2013 में सरकार बनाने के बाद राज्य के किसानों को डॉ. रमन सिंह ने सिर्फ धोख दिया।
प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष गिरीश देवांगन और प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि वर्ष 2003 से 2018 के बीच 15 साल में राज्य में सिंचाई के साधनों के विकास के नाम पर रमन सिंह सरकार ने 18000 करोड़ रूपये खर्च किये गये किन्तु सिंचाई का वास्तविक में 25 हजार हेक्टेयर का ही हो पाया है। पूरी राशि कमीशनखोरी, भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गयी। राज्य की जनता की गाढ़ी कमाई की ऐसी लूट खसोट कभी देखी सुनी नहीं गयी होगी। किसानों एवं कृषि के लिये सिंचाई का महत्व किसी को बताने की आवश्यकता नहीं है।
2018 में विधानसभा चुनावों के पूर्व किसानों से कांग्रेस ने वादा किया था कि हम उनके कृषि कर्ज माफ करेंगे तब डॉ. रमन सिंह ने कहा था कि ऋण माफी की घोषणा छलावा मात्र है इसका क्रियान्वयन संभव नहीं है। हमारी सरकार ने वादे के अनुसार ऋण माफी करके दिखाई। डॉ. रमन िंसह ने कहा था कि 2500 रू. प्रतिक्विंटल की दर से धान खरीदने की घोषणा चुनावी वादा मात्र है। इसका क्रियान्वयन संभव नहीं है। हमारी सरकार ने न केवल रिकार्ड 85 लाख मीट्रिक टन धान क्रय किया बल्कि अपना वादा निभा कर दिखाया। वर्ष 2014 में जब केन्द्र में भाजपा की सरकार बनी तो सबसे पहले उन्होने बोनस देने पर प्रतिबंध लगाया। जिस डॉ. रमन सिंह ने केन्द्र की भाजपा सरकार को दिखावे के तौर पर बोनस जारी रखने का दिखावा किया। किन्तु केन्द्र की आड़ लेकर खुद की घोषणा के विपरीत किसानों को बोनस देना बंद कर दिया। वह आज किसानों को फिर से धोखा देने में लगे है।
प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष गिरीश देवांगन और प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि राज्य से केन्द्रीय पूल में 60 लाख मीट्रिक टन चावल लिये जाने की लिखित सहमति के बाद भी मात्र 24 लाख टन चावल लेने का अनुमति राज्य के किसानों के साथ अन्याय है। केन्द्र द्वारा पूर्व घोषणा के अनुसार बारदाने उपलब्ध न कराना भी दुर्भाग्यजनक है। डॉ. रमन सिंह में जरा भी नैतिकता बाकी है तो उन्हें चाहियें कि केन्द्र सरकार से पूर्व निर्धारित घोषणा के अनुरूप 60 लाख मीट्रिक टन चावल राज्य से ले। किसानों के जख्मों पर सिर्फ नमक छिड़कने एवं घड़ियाली आंसू बहाना बंद करें। कांग्रेस की सरकार किसानों से अपने किये वादे को अवश्य पूरा करेगी। राज्य के किसान इस हेतु पूर्णतः आश्वस्त है। वर्ष 2017-18 में विधानसभा चुनाव निकट आने पर डॉ. रमन सिंह ने पुनः केन्द्र सरकार से कहा कि किसानों के हितों को देखते हुये उन्हें 300 रू. प्रति क्विंटल प्रोत्साहन राशि देने की अनुमति दी जाये। यह राशि प्रोत्साहन राशि है, बोनस नहीं। केन्द्र सरकार ने रमन सरकार के अनुरोध को स्वीकार कर प्रोत्साहन राशि दिये जाने की स्वीकृति दे दी। जब कांग्रेस की छत्तीसगढ़ सरकार ने किसानों को 10,000 रू. प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि इनपुट सब्सिडी देना आरंभ का निर्णय करा दिया।