मुख्य भवन के रिनोवेशन का प्रस्ताव उच्च शिक्षा संचालनालय को भेजा गया; जल्द लगेंगी 3 नई सेनेटरी वेंडिंग एवं डिस्पोजल मशीनें
रायपुर । राजधानी के शासकीय दूधाधारी बजरंग महिला स्नातकोत्तर (स्वशासी) महाविद्यालय (DB गर्ल्स कॉलेज) में छात्राओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और परिसर के कायाकल्प की दिशा में पहल की जा रही है। कॉलेज के करीब 60 साल पुराने मुख्य भवन के पुनरुद्धार के लिए विस्तृत प्रस्ताव उच्च शिक्षा संचालनालय को भेजा गया है। वहीं, छात्राओं की स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तीन नई सेनेटरी वेंडिंग एवं डिस्पोजल मशीनें स्थापित करने की तैयारी है।
महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. जया तिवारी ने उच्च शिक्षा संचालनालय के अपर संचालक को भेजे गए प्रतिवेदन में कॉलेज की वर्तमान व्यवस्थाओं और प्रस्तावित सुधार कार्यों की जानकारी दी है। प्रतिवेदन के अनुसार, मुख्य भवन की उम्र लगभग 60 वर्ष हो चुकी है। लोक निर्माण विभाग (PWD) ने भवन को डिस्मेंटल करने का प्रस्ताव दिया है। इसके अलावा, पूरे महाविद्यालय के विस्तृत रिनोवेशन के लिए भी संचालनालय को प्रस्ताव भेजा गया है।
पेयजल के लिए 7 वाटर कूलर, खराब मशीन की मरम्मत जारी
छात्राओं को पेयजल उपलब्ध कराने के लिए परिसर में सात वाटर कूलर लगाए गए हैं। इनमें से एक खराब वाटर कूलर की मरम्मत कराई जा रही है। स्वच्छता और हाइजीन को ध्यान में रखते हुए वाटर कूलर के पास गिलास नहीं रखे गए हैं।
पुरानी सेनेटरी वेंडिंग मशीन अनुपयोगी होने के बाद कॉलेज प्रशासन महिला एवं बाल विकास विभाग, रायपुर के समन्वय से तीन नई वेंडिंग एवं डिस्पोजल मशीनें जल्द स्थापित करने की योजना पर काम कर रहा है। इससे छात्राओं को जरूरी स्वच्छता सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
कक्षाओं से लेकर शौचालयों तक व्यवस्था दुरुस्त रखने का दावा
कॉलेज प्रशासन के अनुसार, कक्षाओं में पर्याप्त पंखे और ट्यूब लाइट उपलब्ध हैं। तकनीकी खराबी आने पर तत्काल सुधार कराया जाता है। शौचालयों और कक्षाओं की नियमित साफ-सफाई के लिए सफाई कर्मचारियों की तैनाती भी की गई है।
60 हजार से अधिक पुस्तकों से समृद्ध ग्रंथालय
महाविद्यालय का ग्रंथालय 60 हजार से अधिक पुस्तकों से सुसज्जित है। यहां आधुनिक SOVL 2.0 सॉफ्टवेयर और OPEC सुविधा उपलब्ध है। छात्राओं के अध्ययन के लिए बैठने की समुचित व्यवस्था भी की गई है।
कॉलेज प्रशासन का कहना है कि छात्राओं को बेहतर शैक्षणिक वातावरण देने के साथ परिसर की मूलभूत सुविधाओं में सुधार के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। अब मुख्य भवन के पुनरुद्धार और नई मशीनों की स्थापना से जुड़े प्रस्तावों पर आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।