October 11, 2026
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    पेयजल पहली प्राथमिकता, किसानों की सिंचाई के लिए भी सुनिश्चित होगा पानी : मुख्य सचिव

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    औद्योगिक जल आबंटन की समीक्षा, 9 पेयजल योजनाओं को मंजूरी; उद्योगों को जल संरक्षण और रीसाइक्लिंग पर जोर

    रायपुर । छत्तीसगढ़ में पेयजल, कृषि सिंचाई और औद्योगिक जरूरतों के बीच जल के संतुलित बंटवारे को लेकर राज्य सरकार ने प्राथमिकताएं स्पष्ट की हैं। मुख्य सचिव श्री विकासशील ने पेयजल आपूर्ति को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए किसानों के खेतों तक सिंचाई के लिए पानी पहुंचाने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि आगामी शुष्क मौसम में पेयजल और कृषि सिंचाई पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए।

    मुख्य सचिव की अध्यक्षता में शुक्रवार को मंत्रालय महानदी भवन में जल संसाधन विभाग के अंतर्गत गठित राज्य जल संसाधन उपयोग समिति की बैठक हुई। इसमें प्रदेश के विभिन्न जिलों में संचालित औद्योगिक इकाइयों को वार्षिक जल आबंटन की समीक्षा की गई। स्पंज आयरन, पावर प्लांट, सीमेंट और अन्य विनिर्माण इकाइयों को जलाशयों एवं नदियों से किए जाने वाले जल प्रदाय के साथ नए आबंटन प्रस्तावों पर भी विस्तार से चर्चा हुई।

    उद्योगों को तय सीमा में जल उपयोग के निर्देश

    बैठक में औद्योगिक संस्थानों को स्वीकृत सीमा के भीतर ही पानी का उपयोग करने और जल शुल्क का समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए उद्योगों में जीरो लिक्विड डिस्चार्ज (ZLD) तकनीक अपनाने, वाटर रीसाइक्लिंग प्लांट स्थापित करने तथा वर्षा जल संचयन प्रणालियों को प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर दिया गया।

    भू-जल प्रबंधन प्राधिकरण के गठन पर चर्चा

    राज्य में भू-जल के बेहतर प्रबंधन और नियमन के लिए राज्य भू-जल प्रबंधन एवं नियमन प्राधिकरण के गठन के संबंध में भी चर्चा की गई। इसका उद्देश्य भू-जल के उपयोग को व्यवस्थित करने और जल संसाधनों के संरक्षण की दिशा में प्रभावी कदम उठाना है।

    मिशन अमृत 2.0 के तहत 9 पेयजल योजनाओं को मंजूरी

    बैठक में मिशन अमृत 2.0 तथा अन्य योजनाओं के अंतर्गत कुल 9 पेयजल प्रदाय योजनाओं के लिए स्वीकृत जल आबंटन की पुष्टि एवं अनुमोदन किया गया। इससे प्रदेश के नगरीय निकायों में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

    मुख्य सचिव ने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को पेयजल, कृषि और उद्योगों की जरूरतों के बीच संतुलन बनाए रखते हुए जल संग्रहण एवं प्रदाय की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए। बैठक में जल संसाधन विभाग के सचिव श्री राजेश सुकुमार टोप्पो, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव श्री मोहम्मद कैसर अब्दुल हक, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अधिकारी, भू-जल वैज्ञानिक तथा समिति के अन्य सदस्य उपस्थित थे।

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